फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Supreme Court says Vehicles sold before Apr 1, 2019 to also have colour coded stickers

Colour Coded Sticker: एक अप्रैल 2019 से पहले बेचे गए वाहनों पर भी लगेंगे कलर कोडेड स्टिकर, शीर्ष कोर्ट का आदेश

Tue, 28 Jan 2025 02:20 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 28 Jan 2025 02:20 PM IST
सार

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि ईंधन के प्रकार को दर्शाने वाले कलर-कोडेड स्टिकर लगाने का उसका निर्देश 1 अप्रैल, 2019 से पहले खरीदे गए और एनसीआर राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर भी लागू होगा।

विज्ञापन
Supreme Court says Vehicles sold before Apr 1, 2019 to also have colour coded stickers
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि ईंधन के प्रकार को दर्शाने वाले कलर-कोडेड स्टिकर लगाने का उसका निर्देश 1 अप्रैल, 2019 से पहले खरीदे गए और एनसीआर राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर भी लागू होगा।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुयान की पीठ ने सोमवार, 27 जनवरी को 13 अगस्त 2018 के अपने आदेश को संशोधित करते हुए एनसीआर क्षेत्र में 1 अप्रैल 2019 से पहले बेचे गए सभी वाहनों को इसमें शामिल कर लिया। 
विज्ञापन


पीठ ने कहा, "यह आदेश एनसीआर क्षेत्र के सभी वाहनों के लिए लागू था और उक्त आदेश के मद्देनजर 2 अक्तूबर, 2018 तक इसका कार्यान्वयन किया जाना था। हम 13 अगस्त, 2018 को दिए अपने आदेश को संशोधित करते हैं और निर्देश देते हैं कि 1 अप्रैल, 2019 से पहले बेचे गए वाहनों के संबंध में उक्त आदेश के प्रावधान लागू होंगे। और 1 अप्रैल, 2019 को या उसके बाद बेचे गए वाहनों के मामले में जो आदेश के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करते हैं, एमवी अधिनियम, 1988 की धारा 192 के तहत कार्रवाई संबंधित सरकारों द्वारा शुरू की जाएगी।"
विज्ञापन
विज्ञापन

Supreme Court says Vehicles sold before Apr 1, 2019 to also have colour coded stickers
Cars - फोटो : Freepik
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 में कहा गया है कि बिना पंजीकरण के वाहन चलाना जुर्माना या कारावास से दंडनीय है। 

पीठ ने कहा कि उसके आदेश के अनुसार होलोग्राम आधारित हल्के नीले रंग के स्टिकर पेट्रोल और सीएनजी ईंधन पर चलने वाले वाहनों में इस्तेमाल किए जाएंगे। जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों पर नारंगी रंग का स्टिकर लगाया जाएगा।

पीठ ने कहा, "हमने 13 अगस्त, 2018 के आदेश को संशोधित करते हुए निर्देश दिया है कि एनसीआर राज्यों में पंजीकृत सभी वाहनों के संबंध में उक्त आदेश का अनुपालन किया जाएगा। हम संबंधित एनसीआर राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं कि 1 अप्रैल, 2019 से पहले एनसीआर राज्यों में पंजीकृत वाहनों के संबंध में भी आदेश के प्रावधानों को लागू किया जाए।"

पीठ ने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि 1 अप्रैल, 2019 से पहले या बाद में एनसीआर राज्यों में पंजीकृत वाहन आदेशों का अनुपालन करें। और एनसीआर राज्य सरकारें स्वामित्व के हस्तांतरण, हाइपोथेकेशन जोड़ने, पते/हाइपोथेकेशन में बदलाव, डुप्लिकेट पंजीकरण, हाइपोथेकेशन को रद्द करने और अनुपालन के बिना फिटनेस संबंधी गतिविधियों की अनुमति न दें।

इसमें कहा गया है, "इसके अलावा, एनसीआर राज्यों को निर्देश जारी करना होगा कि जब तक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तब तक ऐसे वाहनों को कोई पीयूसी (प्रदूषण प्रमाण पत्र) प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।"

Supreme Court says Vehicles sold before Apr 1, 2019 to also have colour coded stickers
पुरानी कार - फोटो : Amar Ujala
पीठ ने कहा कि जहां तक दिल्ली का सवाल है, वहां एक हलफनामा है जिसमें कहा गया है कि डीलरों को मूल निर्माताओं द्वारा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) कलर कोडेड स्टिकर लगाने के काम के लिए अधिकृत किया गया था।

पीठ ने कहा, "हम एनसीआर राज्यों को आज से एक महीने के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं। जिसमें वे यह बताएंगे कि किस तरह वे यह सुनिश्चित करेंगे कि 1 अप्रैल, 2019 से पहले बेचे गए हर वाहन उक्त आदेश के प्रावधानों के अनुरूप हों।"

शीर्ष अदालत ने केंद्र से कलर-कोडेड स्टिकर से संबंधित आदेशों के अनुपालन के संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से रिपोर्ट मांगने को भी कहा। और कहा कि रिपोर्ट 17 मार्च तक या उससे पहले संकलित और पेश की जानी चाहिए। ताकि 21 मार्च को आवश्यक निर्देश दिए जा सकें।

Supreme Court says Vehicles sold before Apr 1, 2019 to also have colour coded stickers
HSRP Number Plate - फोटो : अमर उजाला
15 जनवरी को शीर्ष अदालत ने देश भर में वाहनों के लिए होलोग्राम आधारित कलर-कोडेड स्टिकर अनिवार्य बनाने पर विचार किया था। और प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र मानदंडों के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया था।

न्यायालय की न्याय मित्र के रूप में सहायता कर रहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने कहा कि एनसीआर राज्यों में भी सभी पुराने वाहनों को तीसरा पंजीकरण चिह्न (रजिस्ट्रेशन मार्क) नहीं दिया गया है। और इस संबंध में प्रगति बहुत धीमी है।

2018 में, अदालत ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। जिसमें परिकल्पना की गई थी कि एनसीआर में पेट्रोल और सीएनजी का इस्तेमाल करने वाले वाहनों में होलोग्राम-आधारित हल्के नीले रंग के स्टिकर का उपयोग किया जाएगा। जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों में नारंगी स्टिकर होंगे।

इन स्टिकरों से वाहनों की पहचान ईंधन के आधार पर की जा सकेगी। और इनमें वाहनों के पंजीकरण की तारीख भी शामिल होनी चाहिए।

Supreme Court says Vehicles sold before Apr 1, 2019 to also have colour coded stickers
HSRP Number Plate - फोटो : Amar Ujala
न्यायालय के आदेश के बाद, केंद्र ने होलोग्राम आधारित स्टिकर की योजना को कानूनी मान्यता देने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 50 और HSRP आदेश 2001 में संशोधन किया।

पीठ ने कहा था कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी पूर्ण शक्तियों का इस्तेमाल करके 2018 के निर्देश को अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर भी लागू कर सकती है।

शीर्ष अदालत ने पाया था कि योजना को सख्ती से लागू करने के लिए 13 दिसंबर, 2023 को दिए गए उसके निर्देश का पालन नहीं किया गया।

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से संबंधित मामले में वाहनों के लिए कलर-कोडेड स्टिकर का मुद्दा उठा। 

एनसीआर राज्यों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं।

Supreme Court says Vehicles sold before Apr 1, 2019 to also have colour coded stickers
HSRP Number Plate - फोटो : ANI
कलर-कोडेड स्टिकर योजना का सुझाव शुरू में न्यायमित्र द्वारा दिया गया था। ताकि वाहनों की पहचान की जा सके और "खराब श्रेणी" के प्रदूषण वाले दिनों में खराब गुणवत्ता वाले ईंधन का इस्तेमाल करने वाले वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जा सके।

13 अगस्त, 2018 को, शीर्ष अदालत ने पहली बार वाहनों के लिए होलोग्राम-आधारित कलर-कोडेड स्टिकर के केंद्र के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जो उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे ईंधन के प्रकार को दर्शाता है।

अदालत ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को सुझाव दिया था कि वह इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के लिए हरे रंग की नंबर प्लेट या हरे रंग के स्टिकर लगाने पर विचार करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed