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Self-Driving Taxi: जल्द ही जापान में टोक्यो की सड़कों पर सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सियों का होगा राज, वजह है दिलचस्प
Thu, 19 Oct 2023 01:34 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 19 Oct 2023 01:34 PM IST
सार
कल्पना कीजिए कि आप टोक्यो में नरीता या हानेडा हवाई अड्डे पर उतर रहे हैं, जैसे ही इमारत से बाहर निकल रहे हैं और एक ऐसी टैक्सी आपका स्वागत कर रही है जिसके अंदर कोई ड्राइवर नहीं है। कुछ-कुछ साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है? शायद लेकिन यह जल्द ही जापान की राजधानी में एक वास्तविकता होगी।
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Self-Driving Vehicle
- फोटो : Social Media
विस्तार
कल्पना कीजिए कि आप टोक्यो में नरीता या हानेडा हवाई अड्डे पर उतर रहे हैं, जैसे ही इमारत से बाहर निकल रहे हैं और एक ऐसी टैक्सी आपका स्वागत कर रही है जिसके अंदर कोई ड्राइवर नहीं है। कुछ-कुछ साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है? शायद लेकिन यह जल्द ही जापान की राजधानी में एक वास्तविकता होगी जहां होंडा और जनरल मोटर्स कंपनी किसी भी मानव इनपुट की जरूरत के बिना सड़कों पर स्वतंत्र रूप से नेविगेट करने में सक्षम ऑटोनॉमस कैब विकसित करने पर काम कर रही हैं।
होंडा मोटर कंपनी सेल्फ-ड्राइव या ऑटोनॉमस वाहनों को विकसित करने के लिए जीएम और उसकी सहायक कंपनी क्रूज एलएलसी के साथ काम कर रही है जो आखिरकार टैक्सी चलाने वाले इंसानी ड्राइवरों को बेरोजगार कर सकती है। होंडा के सीईओ तोशीहिरो मिबे को भरोसा है कि आने वाले समय में टोक्यो में ऐसे वाहन दिखना आम बात हो जाएंगे।
चलेंगी 500 सेल्फ-ड्राइव कैब
योजना में 2026 की शुरुआत से शहर के अन्य हिस्सों में भी धीरे-धीरे परिचालन शुरू करने से पहले मध्य टोक्यो में 500 सेल्फ-ड्राइव कैब की कल्पना की गई है। प्रत्येक वाहन - एक बॉक्सी वैन - में छह यात्रियों की बैठने की क्षमता होगी और इसमें ड्राइवर के लिए एक डेडिकेटेड सीट या स्टीयरिंग व्हील नहीं होगा। आखिरकार, इसमें परेशान होने वाली बात भी नहीं, क्योंकि जब वाहन को नियंत्रित करने वाला कोई वास्तविक व्यक्ति ही नहीं है, तो डरना कैसा?
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ऐसे देश में जहां कैब ड्राइवरों की कमी है, ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी में इतना गहन विकास, वास्तव में, अभिशाप के बजाय एक वरदान के रूप में आ सकता है। यह बताया गया है कि लगभग 10,000 कैब ड्राइवरों ने महामारी की अवधि के दौरान देश में अन्य नौकरियों का विकल्प चुना और इस संभावित संकट का समाधान उन कैब द्वारा पेश किया जा सकता है जो खुद चल सकते हैं।
जापान में ऑटोनॉमस वाहन
जापान में इस समय सिर्फ एक शहर है जो लेवल 4 ऑटोनॉमस ड्राइविंग की इजाजत देता है। जिसका मतलब है कि एक ऑटोनॉमस वाहन अपने आप ही ऑपरेशंस को मैनेज कर सकता है लेकिन फिर भी ड्राइवर की सीट पर एक इंसान की जरूरत होगी और आवश्यकता पड़ने पर उसे वाहन को कंट्रोल करने की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन यह सिर्फ एक शहर में और सिर्फ 2 किमी के दायरे में 12 किमी प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड के साथ है।
इस तरह, जापान अभी भी अमेरिका और चीन जैसे देशों से कुछ पीछे है जहां ऑटोनॉमस ड्राइव टेक्नोलॉजी बहुत तेज रफ्तार से विकसित की जा रही है और ज्यादातर सिर्फ नियामक और सुरक्षा विचारों की वजह से सीमित है। जापान एक छोटी कार बाजार भी है जिसका मतलब है कि कई खरीदारों के बीच सामर्थ्य और साइज महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी से खरीद लागत बढ़ने के साथ-साथ बड़े वाहनों में शामिल होने की संभावना ज्यादा है।
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होंडा मोटर कंपनी सेल्फ-ड्राइव या ऑटोनॉमस वाहनों को विकसित करने के लिए जीएम और उसकी सहायक कंपनी क्रूज एलएलसी के साथ काम कर रही है जो आखिरकार टैक्सी चलाने वाले इंसानी ड्राइवरों को बेरोजगार कर सकती है। होंडा के सीईओ तोशीहिरो मिबे को भरोसा है कि आने वाले समय में टोक्यो में ऐसे वाहन दिखना आम बात हो जाएंगे।
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चलेंगी 500 सेल्फ-ड्राइव कैब
योजना में 2026 की शुरुआत से शहर के अन्य हिस्सों में भी धीरे-धीरे परिचालन शुरू करने से पहले मध्य टोक्यो में 500 सेल्फ-ड्राइव कैब की कल्पना की गई है। प्रत्येक वाहन - एक बॉक्सी वैन - में छह यात्रियों की बैठने की क्षमता होगी और इसमें ड्राइवर के लिए एक डेडिकेटेड सीट या स्टीयरिंग व्हील नहीं होगा। आखिरकार, इसमें परेशान होने वाली बात भी नहीं, क्योंकि जब वाहन को नियंत्रित करने वाला कोई वास्तविक व्यक्ति ही नहीं है, तो डरना कैसा?
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ऐसे देश में जहां कैब ड्राइवरों की कमी है, ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी में इतना गहन विकास, वास्तव में, अभिशाप के बजाय एक वरदान के रूप में आ सकता है। यह बताया गया है कि लगभग 10,000 कैब ड्राइवरों ने महामारी की अवधि के दौरान देश में अन्य नौकरियों का विकल्प चुना और इस संभावित संकट का समाधान उन कैब द्वारा पेश किया जा सकता है जो खुद चल सकते हैं।
जापान में ऑटोनॉमस वाहन
जापान में इस समय सिर्फ एक शहर है जो लेवल 4 ऑटोनॉमस ड्राइविंग की इजाजत देता है। जिसका मतलब है कि एक ऑटोनॉमस वाहन अपने आप ही ऑपरेशंस को मैनेज कर सकता है लेकिन फिर भी ड्राइवर की सीट पर एक इंसान की जरूरत होगी और आवश्यकता पड़ने पर उसे वाहन को कंट्रोल करने की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन यह सिर्फ एक शहर में और सिर्फ 2 किमी के दायरे में 12 किमी प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड के साथ है।
इस तरह, जापान अभी भी अमेरिका और चीन जैसे देशों से कुछ पीछे है जहां ऑटोनॉमस ड्राइव टेक्नोलॉजी बहुत तेज रफ्तार से विकसित की जा रही है और ज्यादातर सिर्फ नियामक और सुरक्षा विचारों की वजह से सीमित है। जापान एक छोटी कार बाजार भी है जिसका मतलब है कि कई खरीदारों के बीच सामर्थ्य और साइज महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी से खरीद लागत बढ़ने के साथ-साथ बड़े वाहनों में शामिल होने की संभावना ज्यादा है।