Sela Tunnel: सेला टनल को इंटरनेशनल बुक ऑफ ऑनर ने दी मान्यता, आधिकारिक तौर पर माना भारत की सबसे ऊंची सुरंग
सीमा सड़क संगठन (BRO) उत्सव मना रहा है। क्योंकि इंग्लैंड की इंटरनेशनल बुक ऑफ ऑनर ने सेला सुरंग को देश की सबसे ऊंची सुरंग के रूप में आधिकारिक रूप से मान्यता दी है।
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2.598 किलोमीटर लंबी यह सुरंग तेजपुर-तवांग रोड पर 13000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। और इसका निर्माण सीमा सड़क संगठन (BRO) भारत द्वारा किया गया है। यह सड़क सुनिश्चित करेगी कि रणनीतिक रूप से अहम तवांग क्षेत्र में साल भर संपर्क बना रहे।
I'm so happy to learn that the International Book of Honour, England, has recognized Sela Tunnel as the highest one in the country.
— Pema Khandu པདྨ་མཁའ་འགྲོ་། (Modi Ka Parivar) (@PemaKhanduBJP) May 10, 2024
This 2.598-km long engineering marvel by @BROindia at an altitude of 13000 ft on Tezpur-Tawang road has given a big boost to the ease of… https://t.co/HAAGdKQmtL
13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेला सुरंग अरुणाचल प्रदेश में तवांग को हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगी। डबल लेन वाली यह ऑल वेदर टनल अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामिंग और तवांग जिले को जोड़ेगा। एलएसी तक पहुंचने वाला यह एक मात्र रास्ता है।
सेला दर्रे पर वर्तमान में, भारतीय सेना के जवान और क्षेत्र के लोग तवांग पहुंचने के लिए बालीपारा-चारीदुआर रोड का उपयोग कर रहे हैं। सर्दी के मौसम में अत्यधिक बर्फबारी के कारण सेला दर्रे में भयंकर बर्फ जम जाती है। इससे रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है। साथ ही, दर्रे पर 30 मोड़ आते हैं, जो बहुत ही घुमावदार हैं। इस कारण यहां आवाजाही पर पूर्ण रूप से बाधित हो जाती है। सफर के लिए कई-कई घंटों तक का इतंजार करना पड़ता है। इस दौरान पूरा तवांग सेक्टर देश के बाकी हिस्सों से कट जाता है। सेला दर्रा सुरंग मौजूदा सड़क को बायपास करेगी और यह बैसाखी को नूरानंग से जोड़ेगी। इसके साथ ही सेला सुरंग सेला-चारबेला रिज से कटती है, जो तवांग जिले को पश्चिम कामेंग जिले से अलग करती है।