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Over-Speeding: 130 Kmph से ज्यादा की रफ्तार से चलाई गाड़ी, तो एक अगस्त से इस राज्य में दर्ज होगी एफआईआर

Mon, 29 Jul 2024 05:04 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Mon, 29 Jul 2024 05:04 PM IST
सार

कर्नाटक में कहीं भी 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ एक अगस्त से प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाएगी। एक वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

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over speeding violation FIR to be registered for driving beyond 130 kmph anywhere in Karnataka from Aug 1
Over Speeding - फोटो : Freepik

विस्तार

कर्नाटक में कहीं भी 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ एक अगस्त से प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाएगी। एक वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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उनके अनुसार, राज्य में लगभग 90 प्रतिशत घातक दुर्घटनाओं का कारण ओवर-स्पीडिंग है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात और सड़क सुरक्षा) आलोक कुमार ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 25 जुलाई को बंगलूरू-मैसुरु हाईवे पर 155 लोगों ने 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गाड़ी चलाई।

उन्होंने कहा, "एक अगस्त से कर्नाटक में कहीं भी 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड से वाहन चलाने वालों के खिलाफ तेज और खतरनाक ड्राइविंग के लिए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।"
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कुमार ने पीटीआई से बात करते हुए बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) - 281 के तहत तेज और लापरवाही से ड्राइविंग के लिए, एक बार जब गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा हो जाती है, तो यह तेज या खतरनाक ड्राइविंग बन जाती है।

इस महीने की शुरुआत में NICE (नंदी इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइज) रोड पर हुए एक हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। और इसमें शामिल वाहन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था।
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उनके अनुसार, सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने इस दुर्घटना पर ध्यान दिया। और राज्य सरकार को सूचित किया कि ओवर-स्पीडिंग बड़ी संख्या में हो रही है और इससे जान का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा, "वर्ष 2022 में, कर्नाटक में 90 प्रतिशत (दुर्घटना) मौतें तेज रफ्तार (ओवर-स्पीडिंग) के कारण हुई थीं। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने हमें इस संबंध में प्रभावी प्रवर्तन करने के लिए कहा। इस दिशा में, हम इस (130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने) के साथ आए हैं। इसे लागू करना एक वास्तविक चुनौती होगी, लेकिन हम इसे लागू करने की कोशिश करेंगे।" 

उन्होंने कहा कि नया नियम सभी सड़कों पर लागू होगा, न कि सिर्फ हाईवे तक ही सीमित रहेगा।

कुमार ने कहा, "उदाहरण के लिए, हमारे पास बंगलूरू-मैसुरु हाईवे पर स्पीड लेजर गन लगाई हैं। जो रात में भी वाहनों की रफ्तार रिकॉर्ड करती हैं। और हाईवे पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे हमें ओवर-स्पीडिंग वाहनों की तस्वीरें उनकी स्पीड के साथ रिकॉर्ड करने में मदद करते हैं। इसलिए, हमारे लिए उन्हें (उल्लंघनकर्ताओं) रिकॉर्ड करना और मामला दर्ज करना आसान होगा।"

उनके अनुसार, देश भर में नेशनल हाईवे पर गति सीमा अभी 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। जबकि राज्य और अन्य राजमार्गों पर गति सीमा कम है। एक्सप्रेसवे पर गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है। जो देश में किसी भी वाहन द्वारा चलाया जा सकने वाली अधिकतम गति सीमा है।
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