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FASTag: देश में लागू हुआ 'एक वाहन, एक फास्टैग' नियम, जानें क्या है यह पहल
Mon, 01 Apr 2024 04:33 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 01 Apr 2024 04:33 PM IST
सार
सरकार के स्वामित्व वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) का 'एक वाहन, एक फास्टैग' मानदंड सोमवार से लागू हो गया है। जानें क्या है यह पहल।
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फास्टैग
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सरकार के स्वामित्व वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) का 'एक वाहन, एक फास्टैग' मानदंड सोमवार से लागू हो गया है। इसका मकसद कई वाहनों के लिए सिंगल फास्टैग के इस्तेमाल या एक विशेष वाहन से कई फास्टैग को जोड़ने को हतोत्साहित करना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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एनएचएआई ने पेटीएम फास्टैग यूजर्स के सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए 'वन व्हीकल, वन फास्टैग' पहल के अनुपालन की समय सीमा मार्च के आखिर तक बढ़ा दी थी।
"कई फास्टैग काम नहीं करेंगे... जिन लोगों के पास एक वाहन के लिए कई फास्टैग हैं, वे आज (1 अप्रैल) से उन सभी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
"कई फास्टैग काम नहीं करेंगे... जिन लोगों के पास एक वाहन के लिए कई फास्टैग हैं, वे आज (1 अप्रैल) से उन सभी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
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इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली की दक्षता बढ़ाने और टोल प्लाजा पर निर्बाध आवाजाही प्रदान करने के लिए, एनएचएआई ने 'एक वाहन, एक फास्टैग' पहल की है। जिसका मकसद कई वाहनों के लिए एकल फास्टैग के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना और कई फास्टैग को एक विशेष वाहन से जोड़ने को रोकना है।
पिछले महीने, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्राहकों के साथ-साथ पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के व्यापारियों को 15 मार्च तक अपने खातों को दूसरे बैंकों में शिफ्ट करने की सलाह दी थी।
फास्टैग भारत में एक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा संचालित किया जाता है।
फास्टैग भारत में एक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा संचालित किया जाता है।
लगभग 98 प्रतिशत की पैठ दर और 8 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ, फास्टैग ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली में क्रांति ला दी है।
यह सीधे प्रीपेड या उससे जुड़े बचत खाते या सीधे टोल मालिक से टोल भुगतान करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है।
यह सीधे प्रीपेड या उससे जुड़े बचत खाते या सीधे टोल मालिक से टोल भुगतान करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है।