फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   old diesel petrol vehicles ban in delhi ncr removed orders supreme court

Supreme Court का बड़ा फैसला: दिल्ली-एनसीआर में पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर फिलहाल नहीं लगेगी रोक

Tue, 12 Aug 2025 08:43 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Tue, 12 Aug 2025 08:43 PM IST
सार

Old Vehicle Ban In Delhi Removed: दिल्ली-एनसीआर में पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर लगी रोक को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल टाल दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगले आदेश तक ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए।

विज्ञापन
old diesel petrol vehicles ban in delhi ncr removed orders supreme court
सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक बैन हटाया - फोटो : AI

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर के पुराने पेट्रोल और डीजल वाहन मालिकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ फिलहाल कोई सख्त कदम न उठाया जाए। यह राहत अगले आदेश तक जारी रहेगी।
विज्ञापन


यह मामला जुलाई 2025 में आयोग (CAQM) के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें दिल्ली और एनसीआर के कुछ जिलों में ऐसे वाहनों को ईंधन आपूर्ति रोकने और उन्हें स्क्रैप करने का निर्देश दिया गया था। यह निर्देश 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर दिया गया था, जो 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखता था।
विज्ञापन


NGT ने 2015 में दिया था आदेश
2015 में एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी लगाई थी, ताकि प्रदूषण कम किया जा सके। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को बरकरार रखा। 2024 में दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर "एंड-ऑफ-लाइफ" वाहनों को हटाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जुलाई 2025 में CAQM ने घोषणा की कि 1 जुलाई से दिल्ली और एनसीआर के कुछ जिलों में ऐसे वाहनों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा। लेकिन तकनीकी खामियों और वाहन मालिकों की शिकायतों के बाद इसे दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद और सोनीपत में 1 नवंबर 2025 तक टाल दिया गया।

दिल्ली सरकार की दलील
दिल्ली सरकार ने 26 जुलाई को 2018 के आदेश में संशोधन की मांग करते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल की। सरकार का कहना है कि 2018 के बाद से कड़े उत्सर्जन मानक (BS-VI), ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्र और बेहतर मॉनिटरिंग लागू हो चुकी है, इसलिए केवल उम्र के आधार पर प्रतिबंध सही नहीं है।


आरटीआई से यह भी सामने आया कि इस बार आदेश लागू करने से पहले कोई नया वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया गया।

बेंच ने केंद्र से जवाब मांगा
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब मांगा। तब तक किसी भी वाहन मालिक पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी। यह फैसला अब इस बहस को और तेज कर सकता है कि क्या भारत को वाहनों पर उम्र-आधारित प्रतिबंध रखना चाहिए या प्रदूषण स्तर के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed