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Noida Expressway: नोएडा एक्सप्रेसवे पर गाड़ी हुई खराब, तो भरना पड़ सकता है 20,000 रुपये तक का जुर्माना

Tue, 11 Feb 2025 01:53 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 11 Feb 2025 01:53 PM IST
सार

नोएडा एक्सप्रेसवे को ट्रैफिक पुलिस ने 'ब्रेकडाउन चालान' क्षेत्र घोषित कर दिया है। अब नियम तोड़ने पर 5,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा।

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Noida expressway declared breakdown challan zone with penalties ranging from Rs 5000 to Rs 20000 know Details
Expressway - फोटो : एएनआई
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विस्तार

नोएडा एक्सप्रेसवे को ट्रैफिक पुलिस ने 'ब्रेकडाउन चालान' क्षेत्र घोषित कर दिया है। अब नियम तोड़ने पर 5,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा।
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क्यों लिया गया यह फैसला?
यह नियम उन गाड़ियों के कारण होने वाली ट्रैफिक समस्याओं को रोकने के लिए लाया गया है, जो एक्सप्रेसवे पर खराब हो जाती हैं और यातायात को बाधित करती हैं। इस नए नियम के तहत ट्रैफिक पुलिस अब ऐसे वाहनों पर चालान कर सकती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें जब्त भी कर सकती है।
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कितने लोग रोजाना इस रास्ते से गुजरते हैं?
नोएडा एक्सप्रेसवे से रोज करीब 5 लाख लोग सफर करते हैं। यह सड़क नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ती है। ऐसे में अगर कोई गाड़ी खराब हो जाए तो ट्रैफिक जाम बढ़ जाता है।

कितना लगेगा जुर्माना?
अगर कोई वाहन एक्सप्रेसवे पर खराब होकर ट्रैफिक रोकता है, तो उस पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 201 के तहत 5,000 रुपये से 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

क्या कहते हैं ट्रैफिक पुलिस अधिकारी?
डीसीपी (ट्रैफिक) लक्ष्मण सिंह यादव ने बताया कि भारी संख्या में गाड़ियों के चलते जाम की समस्या बनी रहती है और खराब गाड़ियां स्थिति को और बिगाड़ देती हैं।

"अगर कोई गाड़ी एक्सप्रेसवे पर खराब होती है, तो ट्रैफिक पुलिस उसे टो (खींचकर ले) जाएगी और जुर्माना लगाएगी। अगर गाड़ी के पास फिटनेस सर्टिफिकेट या जरूरी कागजात नहीं हैं, तो उसे जब्त भी किया जा सकता है।"

निजी कार मालिकों को घबराने की जरूरत नहीं
फिलहाल यह नियम सिर्फ व्यावसायिक (कॉमर्शियल) वाहनों पर लागू किया गया है।
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कितने वाहनों पर हो चुकी है कार्रवाई?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी महीने के पहले 10 दिनों में ही लगभग 50 गाड़ियों का चालान किया गया या उन्हें जब्त कर लिया गया।

किन गाड़ियों पर लगाया जाएगा जुर्माना?
अगर गाड़ी सिर्फ खराब हो जाती है, तो यह नियम लागू नहीं होगा, लेकिन अगर वह ट्रैफिक रोकती है, तो कार्रवाई की जाएगी। जिन गाड़ियों के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होगा या जो ओवरलोडेड होंगी, उन पर जुर्माना लगेगा।

क्या है राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियम
NGT (एनजीटी) के नियमों के अनुसार:
- पेट्रोल गाड़ी की उम्र 15 साल से ज्यादा नहीं हो सकती।
- डीजल गाड़ी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं हो सकती।

अब से ट्रैफिक पुलिस ऐसे वाहनों के कागजात मौके पर ही चेक करेगी और अगर दस्तावेज नहीं मिले तो तुरंत चालान काट दिया जाएगा।

ट्रैफिक पुलिस की तैयारियां
अभी ट्रैफिक विभाग के पास:
- एक बड़ा हाइड्रोलिक क्रेन
- दो छोटे क्रेन गाड़ियों को हटाने के लिए मौजूद हैं।

पूरे 25 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को 30 ट्रैफिक पॉइंट्स पर पुलिस निगरानी में रखा गया है। हर समय (24x7) आईटीएमएस कैमरों और पुलिस पेट्रोलिंग के जरिए एक्सप्रेसवे पर नजर रखी जाती है। जैसे ही कोई गाड़ी खराब होती है, पुलिस को 5 मिनट के अंदर जानकारी मिल जाती है और 10 मिनट में क्रेन मौके पर पहुंच जाती है। कार और एसयूवी के मामले में पुलिस कभी-कभी गाड़ी को सड़क के किनारे धकेलकर हटा देती है।

ट्रैफिक जाम की समस्या
हालांकि पुलिस ने भीड़भाड़ वाले समय में चिल्ला बॉर्डर से उद्योग मार्ग, सेक्टर 15 और 18 के रास्ते डायवर्जन (मार्ग परिवर्तन) की व्यवस्था की है, फिर भी ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है।

इसके समाधान के लिए पुलिस चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक 250 मीटर की सड़क को चौड़ा कर रही है ताकि डीएनडी फ्लाईवे के पास ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।

गाड़ी मालिकों की नाराजगी
कई व्यावसायिक वाहन चालकों ने इस जुर्माने को ज्यादा बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक बस ऑपरेटर ब्रजेश मुद्गल ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि महामाया फ्लाईओवर के पास उनकी बस का टायर फट गया था। ड्राइवर ने बस को सुरक्षित पार्क किया और यात्रियों के लिए दूसरी बस की व्यवस्था कर दी।

"मेरे पास सभी वैध दस्तावेज थे, फिर भी पुलिस ने मेरी बस जब्त कर ली। मैंने डीसीपी (ट्रैफिक) से मिलकर अपनी बस छोड़ने की अपील भी की, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है।"

वीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक प्रबंधन
एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के अनुसार, दिल्ली और नोएडा के बीच रोजाना 20-30 वीआईपी (महत्वपूर्ण व्यक्ति) सफर करते हैं। ऐसे में अगर किसी गाड़ी का ब्रेकडाउन होता है, तो ट्रैफिक जाम और बढ़ जाता है।
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