NMMS एप का अजीबोगरीब ग्लिच: बिना बालों के मजदूर का चेहरा नहीं कर पाया स्कैन, फिर 'जुगाड़' से लगी हाजिरी
Telangana NMMS App: तेलंगाना के महबूबाबाद जिले में एक मजदूर के साथ हुई अनोखी घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। NMMS एप उसके गंजे सिर के कारण बार-बार चेहरे की पहचान करने में असफल रहा, लेकिन जब एक महिला सहकर्मी ने अपने बाल उसके सिर पर रखे तो एप ने तुरंत उपस्थिति दर्ज कर ली। इस घटना ने सरकारी डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तकनीक को हमारी सहूलियत और काम में पारदर्शिता लाने के लिए बनाया गया है। लेकिन कई बार इसके तकनीकी खामियां लोगों के लिए अजीबोगरीब परेशानी खड़ी कर देते हैं। तेलंगाना के महबूबाबाद जिले के एक गांव से फेस रिकग्निशन तकनीक के फेल होने का ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना महबूबाबाद के कोमाटीपल्ली गांव की है। यहां रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले मल्याला श्रीनिवास नाम के एक दिहाड़ी मजदूर ने हाल ही में एक मंदिर में अपने बाल मुंडवाए थे। जब वह काम पर लौटा तो फील्ड असिस्टेंट ने उसकी हाजिरी लगाने के लिए फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाले) एप का इस्तेमाल किया।
लेकिन सरकारी 'नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम' (NMMS) एप उनका चेहरा पहचानने में बार-बार फेल हो रहा था। हैरानी की बात यह रही कि बाल न होने की वजह से एप का एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंफ्यूज हो गया। असिस्टेंट ने कई बार स्कैन करने की कोशिश की, लेकिन एप ने श्रीनिवास को पहचानने से साफ इनकार कर दिया।
App doesn't recognise tonsured head.. Strange #Hack by a worker with a woman's hair cover!
Strange incident in #Mahabubabad district, #Telangana. The National Mobile Monitoring System (#NMMS) #App of #MGNREGA, did not recognize the face of a worker, after he tonsured his head… pic.twitter.com/4jJF0vLSHw — Surya Reddy (@jsuryareddy) May 29, 2026
फिर लगाया गया देसी जुगाड़
जब एप से हाजिरी नहीं लगी तो श्रीनिवास ने अपनी एक महिला सहकर्मी से मदद मांगी। इसके बाद जो हुआ, उसने वहां मौजूद सभी मजदूरों को हैरान कर दिया। महिला मजदूर ने अपने बाल श्रीनिवास के गंजे सिर के ऊपर रख दिए। और हैरानी की बात यह रही कि यह तरकीब काम कर गई। एप के फेशियल रिकग्निशन सिस्टम ने तुरंत उनका चेहरा पहचान लिया और सफलतापूर्वक उनकी अटेंडेंस (हाजिरी) मार्क कर दी।
मजदूरों के लिए बड़ी चिंता का विषय
भले ही यह घटना सुनने में किसी मजाक या मजेदार जुगाड़ जैसी लगे, लेकिन दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह एक बड़ी तकनीकी चिंता का विषय है।
मजदूरी का नुकसान: मजदूरों का कहना है कि अगर एप हाजिरी दर्ज नहीं करता है, तो उन्हें उस दिन की मजदूरी नहीं मिलती है।
तकनीक पर सवाल: एक वीडियो में मजदूरों ने साफ कहा कि जिस एप को पूरी तरह से पारदर्शिता और सही पहचान (ऑथेंटिकेशन) के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। वह इस तरह की बेसिक चीजों में फेल हो रहा है। ऐसे तकनीकी ग्लिच गरीब मजदूरों के लिए रोजी-रोटी का संकट पैदा कर सकते हैं।
अधिकारियों से अपील
मजदूरों ने उच्च अधिकारियों से अपील की है कि वे एप में आ रही इस तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द ठीक करें। सिस्टम के एल्गोरिदम को इस तरह से अपडेट किया जाना चाहिए कि मजदूर चाहे गंजा हो, दाढ़ी वाला हो या घने बालों वाला, उसकी पहचान आसानी से हो सके और किसी का भी पैसा न रुके।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.