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Nitin Gadkari: नगर निगम के कचरे से बनेंगी सड़कें? इस नीति पर केंद्र सरकार कर रही विचार, जानें क्या बोले गडकरी
Thu, 28 Sep 2023 09:39 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 28 Sep 2023 09:39 PM IST
सार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि उनका मंत्रालय सड़क निर्माण में नगरपालिका कचरे के इस्तेमाल के लिए एक नीति को अंतिम रूप दे रहा है।
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Nitin Gadkari
- फोटो : Twitter/@Nitin_Gadkari
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विस्तार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि उनका मंत्रालय सड़क निर्माण में नगरपालिका कचरे के इस्तेमाल के लिए एक नीति को अंतिम रूप दे रहा है।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गडकरी ने आगे कहा कि सरकार फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) का इस्तेमाल नहीं करने के लिए निर्माण उपकरण निर्माताओं को प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, "हम सड़क निर्माण में नगर निगम के कचरे का उपयोग करने की नीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।"
गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने एक मसौदा नीति तैयार की है जो जीवाश्म ईंधन पर लागत और निर्भरता को कम करने के लिए निर्माण उपकरणों में वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि सड़क मंत्रालय मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय से बातचीत कर रहा है।
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मंत्री ने कहा, "ब्याज अनुदान योजना जैसे प्रोत्साहनों पर काम किया जा सकता है ताकि रियायतग्राही या ठेकेदार जीवाश्म ईंधन के बजाय वैकल्पिक ईंधन पर चलने वाले निर्माण उपकरणों में निवेश कर सकें।"
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एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गडकरी ने आगे कहा कि सरकार फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) का इस्तेमाल नहीं करने के लिए निर्माण उपकरण निर्माताओं को प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, "हम सड़क निर्माण में नगर निगम के कचरे का उपयोग करने की नीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।"
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गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने एक मसौदा नीति तैयार की है जो जीवाश्म ईंधन पर लागत और निर्भरता को कम करने के लिए निर्माण उपकरणों में वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि सड़क मंत्रालय मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय से बातचीत कर रहा है।
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मंत्री ने कहा, "ब्याज अनुदान योजना जैसे प्रोत्साहनों पर काम किया जा सकता है ताकि रियायतग्राही या ठेकेदार जीवाश्म ईंधन के बजाय वैकल्पिक ईंधन पर चलने वाले निर्माण उपकरणों में निवेश कर सकें।"
Electric Highway
- फोटो : For Reference Only
दिल्ली और जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक हाईवे
गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने के लिए कई पहल की हैं और सरकार दिल्ली और जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक राजमार्ग विकसित करने पर काम कर रही है।
इलेक्ट्रिक हाईवे वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को उसी तरह से पूरा करते हैं जैसे रेलवे के लिए किया जाता है। यह स्वीडन और नॉर्वे जैसे देशों में प्रचलित टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसमें बिजली केबलों का प्रावधान शामिल है, जिसका इस्तेमाल ऐसे वाहन द्वारा किया जा सकता है जो इस तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। वाहन अपने ट्रैक्शन के लिए इस केबल से बिजली का इस्तेमाल करेगा।
फिलहाल मंत्रालय विभिन्न टेक्नोलॉजी का मूल्यांकन कर रहा है।
गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने के लिए कई पहल की हैं और सरकार दिल्ली और जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक राजमार्ग विकसित करने पर काम कर रही है।
इलेक्ट्रिक हाईवे वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को उसी तरह से पूरा करते हैं जैसे रेलवे के लिए किया जाता है। यह स्वीडन और नॉर्वे जैसे देशों में प्रचलित टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसमें बिजली केबलों का प्रावधान शामिल है, जिसका इस्तेमाल ऐसे वाहन द्वारा किया जा सकता है जो इस तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। वाहन अपने ट्रैक्शन के लिए इस केबल से बिजली का इस्तेमाल करेगा।
फिलहाल मंत्रालय विभिन्न टेक्नोलॉजी का मूल्यांकन कर रहा है।
इथेनॉल
- फोटो : Social
इथेनॉल अर्थव्यवस्था के प्रबल समर्थक
देश में वैकल्पिक जैव ईंधन के बारे में बात करते हुए, गडकरी ने कहा कि वह इथेनॉल अर्थव्यवस्था बनाने के प्रबल समर्थक रहे हैं और कृषि विकास को 6 प्रतिशत तक बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2025 तक, भारत में इसे 5 प्रतिशत मिश्रण तक बढ़ाने की संभावित योजनाओं के साथ 1 प्रतिशत टिकाऊ विमानन ईंधन का इस्तेमाल करने का आदेश दिया जाएगा।
गडकरी ने कहा कि वह आने वाले समय में जेनसेट इंडस्ट्री को सिर्फ इथेनॉल आधारित जनरेटर पर काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन भविष्य के लिए ईंधन है और सबसे महत्वपूर्ण तरीका है जिसके जरिए भारत ऊर्जा का शुद्ध निर्यातक बन सकता है।
गडकरी ने यह भी कहा कि चल रहे 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े में, 13,000 स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्गों, सड़क के किनारे सुविधाओं, ढाबों, टोल प्लाजा पर स्वच्छता अभियान सहित कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है और लगभग 7,000 स्थानों पर काम पूरा हो चुका है।
देश में वैकल्पिक जैव ईंधन के बारे में बात करते हुए, गडकरी ने कहा कि वह इथेनॉल अर्थव्यवस्था बनाने के प्रबल समर्थक रहे हैं और कृषि विकास को 6 प्रतिशत तक बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2025 तक, भारत में इसे 5 प्रतिशत मिश्रण तक बढ़ाने की संभावित योजनाओं के साथ 1 प्रतिशत टिकाऊ विमानन ईंधन का इस्तेमाल करने का आदेश दिया जाएगा।
गडकरी ने कहा कि वह आने वाले समय में जेनसेट इंडस्ट्री को सिर्फ इथेनॉल आधारित जनरेटर पर काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन भविष्य के लिए ईंधन है और सबसे महत्वपूर्ण तरीका है जिसके जरिए भारत ऊर्जा का शुद्ध निर्यातक बन सकता है।
गडकरी ने यह भी कहा कि चल रहे 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े में, 13,000 स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्गों, सड़क के किनारे सुविधाओं, ढाबों, टोल प्लाजा पर स्वच्छता अभियान सहित कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है और लगभग 7,000 स्थानों पर काम पूरा हो चुका है।