{"_id":"68c88f56f9b7dff8880ef1b3","slug":"mumbai-bike-taxi-three-companies-temporary-licenses-maharashtra-transport-authority-review-after-one-year-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mumbai Bike Taxi: तीन कंपनियों को मिले बाइक टैक्सी के अस्थायी लाइसेंस; न्यूनतम किराया ₹15, एक साल बाद समीक्षा","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Mumbai Bike Taxi: तीन कंपनियों को मिले बाइक टैक्सी के अस्थायी लाइसेंस; न्यूनतम किराया ₹15, एक साल बाद समीक्षा
Tue, 16 Sep 2025 03:45 AM IST
ज्योति भास्कर
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 16 Sep 2025 03:45 AM IST
सार
Mumbai Bike Taxi: महाराष्ट्र सरकार ने तीन कंपनियों को बाइक टैक्सी संचालन के अस्थायी लाइसेंस दे दिए हैं। न्यूनतम किराया 15 रुपये रखा गया है। कंपनियों की एक साल बाद समीक्षा भी होगी। ओला, उबर और रैपिडो को मुंबई में बाइक टैक्सी के लाइसेंस मिलने के बारे में विस्तार से जानिए।
विज्ञापन
अब बाइक टैक्सी से सफर कर सकेंगे मुंबई के लोग (सांकेतिक)
- फोटो : फ्रीपिक
विस्तार
महाराष्ट्र राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने मोबाइल एप-आधारित टैक्सी एग्रीगेटर्स ओला, उबर और रैपिडो को मुंबई महानगर क्षेत्र में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए अस्थायी लाइसेंस की मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इस शर्त पर दी गई है कि ये कंपनियां एक महीने के भीतर स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
विज्ञापन
10.27 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया
एसटीए ने बाइक टैक्सियों के लिए 1.5 किलोमीटर का न्यूनतम किराया 15 रुपये तय किया है। यात्रियों को इस सेवा के लिए 10.27 रुपये प्रति किलोमीटर का भुगतान करना होगा। यह किराया मुंबई महानगर क्षेत्र में काली-पीली टैक्सियों और ऑटोरिक्शा के न्यूनतम किराए से काफी कम है। एसटीए ने एक साल बाद बाइक टैक्सी के किराए की समीक्षा करने का भी फैसला किया है।
विज्ञापन
स्मार्ट-राइड का आवेदन खारिज, पहले से ही चल रही थी सेवा
परिवहन विभाग को मुंबई महानगर क्षेत्र में बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू करने के लिए चार आवेदन प्राप्त हुए थे। स्मार्ट-राइड के आवेदन को नियमों और शर्तों को पूरा न करने के कारण एसटीए ने खारिज कर दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bike Taxi: बाइक टैक्सी सेवाएं फिर से शुरू, लेकिन कर्नाटक उच्च न्यायालय ने साफ किया- कोई न्यायिक मंजूरी नहीं दी
निजी दोपहिया वाहनों के इस्तेमाल पर लगभग तीन साल पहले लगी थी रोक
करीब 33 महीने पहले, जनवरी 2023 में, सरकार ने एप-आधारित सेवाओं के लिए निजी दोपहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, इसके बावजूद कुछ कंपनियां अवैध रूप से काम करती रहीं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।