MotoGP: रफ्तार प्रेमियों का इंतजार खत्म, भारत में जल्द हो सकती है इंटरनेशनल मोटरसाइकिल रेसिंग की वापसी
MotoGP: दो पहिया रफ्तार प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी है। ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में MotoGP की वापसी की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पूर्व राइडर कारेल अब्राहम की कंपनी AVW Global ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता कर अंतरराष्ट्रीय बाइक रेसिंग इवेंट्स की मेजबानी की तैयारी शुरू कर दी है।
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विस्तार
सितंबर 2023 में ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर जब पहली बार मोटोजीपी (MotoGP) की गूंज सुनाई दी, तभी से भारत में मोटरसाइकिल रेसिंग के नए दौर की उम्मीद जग गई थी। अब फैंस का वह इंतजार खत्म होने वाला है। पूर्व मोटोजीपी राइडर कारेल अब्राहम की कंपनी AVW Global ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य ग्रेटर नोएडा में बुद्ध इन्टरनेशनल सर्किट में मोटोजीपी और एशिया रोड रेसिंग चैम्पियनशिप (ARRC) जैसी अंतरराष्ट्रीय रेस का आयोजन करना है।
कारेल अब्राहम की अगुवाई में नई पहल
पूर्व मोटोजीपी राइडर कारेल अब्राहम और उनकी मोटरस्पोर्ट्स इवेंट व एडवाइजरी कंपनी AVW ग्लोबल भारत में मोटोजीपी की वापसी पर काम कर रही है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश सरकार की उत्तर प्रदेश राज्य परिवर्तन आयोग के साथ मिलकर विश्वस्तरीय बाइक रेसिंग इवेंट्स की मेजबानी का रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। अब्राहम ने एक इंटरव्यू में कहा कि बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट विश्व चैंपियनशिप स्तर की जरूरतों को पूरा करता है और पहले भी मोटोजीपी की मेजबानी कर चुका है इसलिए यह प्राथमिक पसंद बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार की सक्रिय भूमिका
उत्तर प्रदेश सरकार भी इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नजर आ रही है। राज्य सरकार का कहना है कि वह मोटरस्पोर्ट्स और युवाओं के विकास के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाना चाहती है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ रेस आयोजित करना नहीं बल्कि राज्य में मोटरस्पोर्ट्स को दीर्घकालिक रूप से विकसित करना है।
भारत में प्रतिभा निखारने पर फोकस
अब्राहम ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार सिर्फ रेस आयोजन ही नहीं, बल्कि भारतीय युवा राइडर्स को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया बाजार है, ऐसे में मोटोजीपी के नए मालिक लिबर्टी मीडिया भी यहां दर्शक वर्ग बढ़ाने में रुचि दिखा रहे हैं। अब्राहम के मुताबिक, "भारत एक विशाल बाजार है, जहां न सिर्फ व्यवसाय और स्पॉन्सरशिप के अवसर हैं बल्कि भविष्य के लिए नई प्रतिभा तैयार करने की भी बड़ी संभावनाएं हैं।"
2026 में ARRC रेस संभव
मोटोजीपी के साथ-साथ एशिया रोड रेसिंग चैम्पियनशिप (ARRC) को भी भारत लाने की तैयारी चल रही है। टू व्हील्स मोटर रेसिंग के प्रमोशंस डायरेक्टर रॉन हॉग के मुताबिक, 2026 के जुलाई-अगस्त तक बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में ARRC राउंड आयोजित किया जा सकता है। इस चैंपियनशिप में होंडा इंडिया और टीवीएस इंडिया जैसी कंपनियों की भागीदारी भारत के लिए खास महत्व रखती है। साथ ही TVS एशिया वन मेक चैंपियनशिप सपोर्ट इवेंट के रूप में आयोजित होती है।
मोटोजीपी इंडिया: अब तक का सफर
मोटोजीपी के कमर्शियल राइट्स होल्डर डोरना स्पोर्ट्स ने शुरुआत में नोएडा की फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स के साथ सात साल का समझौता किया था। 2023 में पहली रेस आयोजित हुई लेकिन अधिक गर्मी और ऑपरेशनल समस्याओं से प्रभावित रही। 2024 का भारतीय ग्रां प्री मौसम संबंधी कारणों से टाल दिया गया। बाद में डोरना ने सीधे उत्तर प्रदेश सरकार के साथ तीन साल का नया करार किया। 2025 और 2026 के कैलेंडर में भी भारत को जगह नहीं मिल सकी। हालांकि डोरना ने पहले कहा था कि भारतीय जीपी 2026 में लौटेगा लेकिन आधिकारिक कैलेंडर में भारत शामिल नहीं हुआ।
क्या इस बार सच में होगी वापसी?
नया समझौता मोटोजीपी इंडिया की वापसी की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य परिवर्तन आयोग के सीईओ मनोज कुमार सिंह के अनुसार, "उत्तर प्रदेश मोटरसाइकिल रेसिंग को पेशेवर तरीके से वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट जैसी विश्वस्तरीय सुविधा का पूरा उपयोग किया जाएगा।" कारेल अब्राहम का अनुभव भी इस प्रोजेक्ट के लिए अहम है। वे चेक गणराज्य के ब्रनो सर्किट के पूर्व मालिक और ऑपरेटर रह चुके हैं। हालांकि अभी मोटोजीपी की वापसी की कोई तय समय-सीमा घोषित नहीं की गई है लेकिन अब्राहम का लक्ष्य है कि भारत को जल्द से जल्द मोटोजीपी कैलेंडर में वापस लाया जाए और इसी साल बातचीत शुरू हो सकती है।