E25 Petrol: मर्सिडीज-बेंज इंडिया का एलान- अब कंपनी की सभी पेट्रोल कारें E25 ईंधन के लिए पूरी तरह तैयार
भारत में एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है। मौजूदा E20 ईंधन के बाद भविष्य में अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन की तैयारी भी की जा रही है। इसी बीच मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने घोषणा की है कि देश में उसकी सभी पेट्रोल कारें अब E25-रेडी हैं।
विस्तार
लग्जरी वाहन निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज इंडिया (Mercedes-Benz India) ने एक एलान किया है कि भारत में बेची जाने वाली उसकी सभी पेट्रोल गाड़ियां अब E25-रेडी हैं। यानी वे 25 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर चल सकती हैं। इसके साथ ही मर्सिडीज-बेंज अपने पूरे पोर्टफोलियो को उच्च इथेनॉल मिश्रण के लिए तैयार करने वाली शुरुआती लग्जरी कार कंपनियों में से एक बन गई है।
कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार लगातार स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा दे रही है और वर्तमान E20 स्तर से आगे बढ़कर इथेनॉल सम्मिश्रण को धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक संतोष अय्यर ने क्या जानकारी दी?
नई Mercedes-AMG E 53 प्लग-इन हाइब्रिड के लॉन्च के अवसर पर मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ संतोष अय्यर ने भविष्य के ईंधन मानकों से जुड़ी रणनीति साझा की:
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भविष्य के ईंधन मानकों की अग्रिम तैयारी:
संतोष अय्यर ने बताया कि कंपनी ने भविष्य के ईंधन नियमों को ध्यान में रखते हुए अपनी रेंज को पहले ही अपग्रेड कर दिया था। आज भारत में बिकने वाली हर मर्सिडीज-बेंज E25 अनुकूल है। उन्होंने कहा कि ब्रांड ने नियमों के लागू होने का इंतजार करने के बजाय समय से आगे बढ़कर यह कदम उठाया है। -
"जिम्मेदार लक्जरी" की रणनीति:
अय्यर ने इस घोषणा को कंपनी की उस व्यापक रणनीति से जोड़ा, जिसके तहत विभिन्न पॉवरट्रेन में "रेस्पॉन्सिबल लक्जरी" की पेशकश की जा रही है।मतलब: मर्सिडीज-बेंज का मानना है कि खरीदारों को केवल किसी एक तय रास्ते पर धकेलने के बजाय, उन्हें अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से बेस्ट टेक्नोलॉजी चुनने की आजादी मिलनी चाहिए।
भारतीय बाजार और ग्राहकों के लिए यह कदम इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
यह घोषणा इसलिए बेहद मायने रखती है क्योंकि भारत का फ्यूल लैंडस्केप (ईंधन परिदृश्य) तेजी से बदल रहा है:
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ग्राहकों को भविष्य का आश्वासन:
कंपनी का E25-रेडी होने का दावा नए पेट्रोल मॉडल खरीदने वाले ग्राहकों को यह भरोसा दिलाता है कि उनकी गाड़ियां इथेनॉल ब्लेंडिंग के अगले चरण के लिए पूरी तरह से इंजीनियर की गई हैं और भविष्य में भी सुरक्षित रहेंगी। -
किसी एक तकनीक का दबाव नहीं:
मर्सिडीज-बेंज लगातार इस बात पर कायम रही है कि उसके ग्राहकों को किसी एक पॉवरट्रेन विकल्प के चुनाव के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। -
विभिन्न तकनीकों में बंटी मांग:
कंपनी देख रही है कि ग्राहकों की मांग अभी भी इंटरनल कंबशन इंजन (ICE - पेट्रोल/डीजल), प्लग-इन हाइब्रिड और बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) के बीच बंटी हुई है। यही वजह है कि मर्सिडीज-बेंज अपनी एक ही प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी के तहत इन तीनों को बेचना जारी रखेगी।
मर्सिडीज-बेंज की भविष्य की 'पॉवरट्रेन स्ट्रैटेजी' क्या है?
संतोष अय्यर ने स्पष्ट किया कि मर्सिडीज-बेंज भारत में इंटरनल कंबशन इंजन, बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन और प्लग-इन हाइब्रिड- तीनों प्रकार के विकल्पों की बिक्री जारी रखेगी:
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लक्जरी खरीदारों के लिए लचीलापन:
यह दृष्टिकोण ब्रांड के इस विचार को दर्शाता है कि लक्जरी कार खरीदार लचीलापन चाहते हैं। विशेष रूप से ऐसे समय में जब देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्यूल पॉलिसी और ओनरशिप की उम्मीदें लगातार विकसित हो रही हैं। -
रणनीति का ताजा उदाहरण (2026 AMG E 53 Performance Edition):
इस बहु-पॉवरट्रेन रणनीति का सबसे ताजा उदाहरण 2026 AMG E 53 Performance Edition है, जिसे 1.45 करोड़ (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च किया गया है। यह भारत में पहली इलेक्ट्रिफाइड AMG E-Class है, जो एक परफॉर्मेंस मॉडल होने के साथ-साथ मर्सिडीज-बेंज के व्यापक बदलाव के प्लान में बिल्कुल सटीक बैठती है।