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Volkswagen के सामने बड़ा संकट: 50 हजार नौकरियां घटाने के बाद भी बढ़ी मुश्किल, CEO ने कर्मचारियों से कही ये बात
Mon, 24 Aug 2026 03:32 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 24 Aug 2026 03:32 PM IST
सार
फॉक्सवैगन के सीईओ ओलिवर ब्लूम ने कंपनी की स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और यूरोप में ज्यादा उत्पादन के कारण कंपनी पर दबाव है। फॉक्सवैगन 50 हजार नौकरियां घटाने की योजना पर काम कर रही है। कुछ प्लांट के भविष्य पर भी सवाल हैं। पढ़ें पूरी खबर
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फॉक्सवैगन के सीईओ ओलिवर ब्लूम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
फॉक्सवैगन के सीईओ ने रविवार को चेतावनी दी कि कंपनी बहुत ही गंभीर स्थिति में है। वे जल्द ही कार बनाने वाली इस बड़ी कंपनी के कर्मचारियों के साथ बैठक करने वाले हैं, जिसमें वे कंपनी की बचत योजनाओं का बचाव करेंगे।
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पोस्ट में क्या कहा गया है?
कंपनी के इंट्रानेट पर पोस्ट किए गए और एएफपी को दिए गए एक इंटरव्यू में ओलिवर ब्लूम ने कहा कि फॉक्सवैगन और जर्मनी की बाकी कार इंडस्ट्री को ग्लोबल चुनौतियों और चीन से मिल रही टक्कर की वजह से अपने इतिहास की सबसे बड़ी उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है।
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कार बनाने वाली कंपनी बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती करने पर विचार कर रही है। वहीं, आने वाले दिनों में ब्लूम, वोक्सवैगन के वोल्फ्सबर्ग स्थित हेडक्वार्टर और ज्विकाऊ व एमडेन में मौजूद साइट्स पर कर्मचारियों से मिलकर कंपनी की योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे।
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ओलिवर ब्लूम ने क्या कहा?
ब्लूम ने इंटरव्यू में कहा कि प्लांट बंद करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन उन्होंने कंपनी का यह रुख दोहराया कि एमडेन, हनोवर, ज्विकाऊ और नेकरसल्म में मौजूद प्लांट के लिए उन्हें फिलहाल 2030 के दशक में भी मुनाफे में बने रहने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि कंपनी को यूरोप में हर साल 500,000 गाड़ियों के जरूरत से ज्यादा उत्पादन की समस्या से भी निपटना पड़ा। ब्लूम ने कहा कि फैक्टरियां बंद करना हमेशा आखिरी और सबसे महंगा समाधान होगा।
उन्होंने आगे कहा कि जिन जगहों पर कार का प्रोडक्शन रुक सकता है। वहां फॉक्सवैगन दूसरे इंडस्ट्रियल समाधान तलाश रही है। उन्होंने ओस्नाब्रुक में अपनी फैक्ट्री के इस्तेमाल को लेकर डिफेंस इंडस्ट्री की कंपनियों के साथ चल रही एडवांस बातचीत की ओर भी इशारा किया।
जुलाई में, ब्लूम ने फॉक्सवैगन के सुपरवाइजरी बोर्ड के सामने बचत योजनाएं पेश कीं, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया गया। उस समय जर्मन मीडिया ने खबर दी थी कि लोअर सैक्सनी राज्य सरकार ने इन योजनाओं को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। जो फॉक्सवैगन ग्रुप में एक बड़ी शेयरहोल्डर है और जिसके पास 20 प्रतिशत वोटिंग अधिकार हैं।
कर्मचारियों से क्या अपील की?
ग्रुप ने पहले ही 50,000 नौकरियां कम करने का आदेश दे दिया है। ब्लूम ने कर्मचारियों से अपील की कि वे इस बड़ी ऑटो कंपनी के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा, 'हम तभी सफल होंगे जब कंपनी में हर कोई इस योजना का समर्थन करेगा।' शुक्रवार को आईजी मेटल यूनियन के प्रमुख ने मैनेजमेंट की कड़ी आलोचना की और फैक्ट्री बंद करने के कदम का विरोध करने का वादा किया।
क्रिश्चियन बेनर ने 'विर्टशाफ्ट्सवोचे' (Wirtschaftswoche) साप्ताहिक पत्रिका को बताया कि फॉक्सवैगन के कर्मचारी पहले ही भारी और तकलीफदेह कटौती झेल चुके हैं। अब उन्हें एक और करारा झटका लगा है।'