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Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने बदले अफसरों की गाड़ियों के दाम तय करने के नियम, जानें डिटेल्स
Thu, 18 Sep 2025 07:49 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 18 Sep 2025 07:49 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के अफसरों और पदाधिकारियों के लिए सरकारी गाड़ियों की कीमतों की सीमा (प्राइस कैप) को लेकर नया आदेश (जीआर) जारी किया है। इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के अफसरों और पदाधिकारियों के लिए सरकारी गाड़ियों की कीमतों की सीमा (प्राइस कैप) को लेकर नया आदेश (जीआर) जारी किया है। इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं, खासकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य शीर्ष पदों के लिए।
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राज्यपाल और सीएम के लिए अब नहीं होगी कोई सीमा
नए नियमों के मुताबिक, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की गाड़ियों पर अब किसी भी तरह का प्राइस कैप नहीं रहेगा। यानी ये पदाधिकारी अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से गाड़ी चुन सकेंगे।
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राज्यपाल और सीएम के लिए अब नहीं होगी कोई सीमा
नए नियमों के मुताबिक, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की गाड़ियों पर अब किसी भी तरह का प्राइस कैप नहीं रहेगा। यानी ये पदाधिकारी अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से गाड़ी चुन सकेंगे।
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बाकी अफसरों के लिए तय हुई लिमिट
वित्त विभाग ने जीआर में कहा है कि गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई और बीएस-6 मानकों के तहत गाड़ियां बनाने की लागत बढ़ने की वजह से यह संशोधन किया गया है। बाकी अफसरों के लिए गाड़ियों की कीमत की सीमा इस तरह तय की गई है (जीएसटी, मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस को छोड़कर):
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वित्त विभाग ने जीआर में कहा है कि गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई और बीएस-6 मानकों के तहत गाड़ियां बनाने की लागत बढ़ने की वजह से यह संशोधन किया गया है। बाकी अफसरों के लिए गाड़ियों की कीमत की सीमा इस तरह तय की गई है (जीएसटी, मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस को छोड़कर):
- मंत्रिमंडल मंत्री और मुख्य सचिव: ₹30 लाख
- अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव: ₹25 लाख
- राज्य सूचना आयुक्त और एमपीएससी सदस्य: ₹20 लाख
- विभाग प्रमुख और संभाग आयुक्त: ₹17 लाख
- जिला कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और एसपी: ₹15 लाख
- अन्य स्वीकृत अधिकारी: ₹12 लाख
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इलेक्ट्रिक और मल्टी-यूटिलिटी गाड़ियों पर छूट
ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह भी तय किया है कि अफसर अपनी तय सीमा से 20 प्रतिशत ज्यादा कीमत तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीद सकेंगे। वहीं, आपदा प्रबंधन में काम करने वाले फील्ड अफसरों को 12 लाख रुपये तक की मल्टी-यूटिलिटी व्हीकल (MUV) खरीदने की मंजूरी दी गई है।
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ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह भी तय किया है कि अफसर अपनी तय सीमा से 20 प्रतिशत ज्यादा कीमत तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीद सकेंगे। वहीं, आपदा प्रबंधन में काम करने वाले फील्ड अफसरों को 12 लाख रुपये तक की मल्टी-यूटिलिटी व्हीकल (MUV) खरीदने की मंजूरी दी गई है।
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कब से लागू हुआ नया नियम
यह संशोधित नीति 17 सितंबर 2025 से प्रभावी हो गई है।
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