{"_id":"6924755433563e82060f5bc3","slug":"karnataka-bike-taxi-ban-row-iamai-asks-state-govt-to-engage-drivers-platforms-and-consumers-2025-11-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bike Taxi Ban: कर्नाटक में बाइक टैक्सी बैन पर फिर विवाद, उद्योग संगठन ने सरकार को पत्र लिखकर की बैठक की मांग","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Bike Taxi Ban: कर्नाटक में बाइक टैक्सी बैन पर फिर विवाद, उद्योग संगठन ने सरकार को पत्र लिखकर की बैठक की मांग
Mon, 24 Nov 2025 08:40 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 24 Nov 2025 08:40 PM IST
सार
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कर्नाटक सरकार से अनुरोध किया है कि वह राज्य में बाइक टैक्सी संचालन के लिए नीति ढांचे पर सभी हितधारकों के साथ औपचारिक बैठक करे।
विज्ञापन
Bike Taxi
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
डिजिटल सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योग संगठन इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने कर्नाटक सरकार से अनुरोध किया है कि वह राज्य में बाइक टैक्सी संचालन के लिए नीति ढांचे पर सभी हितधारकों के साथ औपचारिक बैठक आयोजित करे। यह मांग तब उठी है जब यह सामने आया कि राज्य सरकार अभी भी बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध को जारी रखने के पक्ष में है।
यह भी पढ़ें - Dharmendra First Car: धर्मेंद्र और उनकी पहली कार की भावुक कहानी, Fiat 1100 से जुड़ी यादें, देखें वीडियो
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Dharmendra First Car: धर्मेंद्र और उनकी पहली कार की भावुक कहानी, Fiat 1100 से जुड़ी यादें, देखें वीडियो
विज्ञापन
IAMAI का सरकार पर आरोप
IAMAI (आईएएमएआई) ने राज्य के परिवहन सचिव एन. वी. प्रसाद को भेजे गए पत्र में चिंता जताई कि सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं को प्रतिबंधित करने का रुख अपनाया है, बिना किसी बाहरी हितधारक से सलाह-मशविरा किए। पत्र में बताया गया कि सरकार ने न तो उपभोक्ता समूहों, न ड्राइवर यूनियनों, न विशेषज्ञों और न ही उद्योग से जुड़े प्लेटफॉर्मों से कोई चर्चा की।
आईएएमएआई ने याद दिलाया कि वह 750 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें बड़े उद्योग समूह और स्टार्टअप शामिल हैं।
यह भी पढ़ें - HUD Cars: भारत में HUD तकनीक वाली सबसे किफायती टॉप-5 कारें, अब बजट सेगमेंट में भी प्रीमियम फीचर
IAMAI (आईएएमएआई) ने राज्य के परिवहन सचिव एन. वी. प्रसाद को भेजे गए पत्र में चिंता जताई कि सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं को प्रतिबंधित करने का रुख अपनाया है, बिना किसी बाहरी हितधारक से सलाह-मशविरा किए। पत्र में बताया गया कि सरकार ने न तो उपभोक्ता समूहों, न ड्राइवर यूनियनों, न विशेषज्ञों और न ही उद्योग से जुड़े प्लेटफॉर्मों से कोई चर्चा की।
आईएएमएआई ने याद दिलाया कि वह 750 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें बड़े उद्योग समूह और स्टार्टअप शामिल हैं।
यह भी पढ़ें - HUD Cars: भारत में HUD तकनीक वाली सबसे किफायती टॉप-5 कारें, अब बजट सेगमेंट में भी प्रीमियम फीचर
विज्ञापन
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के बाद बढ़ी चिंता
आईएएमएआई का यह पत्र उस समय आया है जब परिवहन सचिव की अध्यक्षता वाली 11-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर बैन जारी रखने की सिफारिश की है। समिति में किसी भी निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ को शामिल नहीं किया गया था। सरकार ने यह रिपोर्ट कर्नाटक हाई कोर्ट में पेश की है, जहां इस मामले की सुनवाई चल रही है।
यह भी पढ़ें - Air Pollution: बच्चों को ड्राइव पर ले जा रहे हैं? तो वायु प्रदूषण से बचाव कैसे करें, जानें पांच अहम तरीके
आईएएमएआई का यह पत्र उस समय आया है जब परिवहन सचिव की अध्यक्षता वाली 11-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर बैन जारी रखने की सिफारिश की है। समिति में किसी भी निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ को शामिल नहीं किया गया था। सरकार ने यह रिपोर्ट कर्नाटक हाई कोर्ट में पेश की है, जहां इस मामले की सुनवाई चल रही है।
यह भी पढ़ें - Air Pollution: बच्चों को ड्राइव पर ले जा रहे हैं? तो वायु प्रदूषण से बचाव कैसे करें, जानें पांच अहम तरीके
"नीति निर्माण के लिए समावेशी परामर्श जरूरी"
आईएएमएआई ने अपने पत्र में लिखा कि व्यापक हितधारक परामर्श नीति निर्माण की प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने बाइक टैक्सी संबंधी नीतियां तैयार करने से पहले उपभोक्ता समूहों, ड्राइवर यूनियनों, उद्योग संगठनों और थिंक-टैंक सहित सभी पक्षों से व्यापक चर्चा की थी।
आईएएमएआई ने कर्नाटक में भी इसी तरह का समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
यह भी पढ़ें - Auto Sector: ऑटो सेक्टर में अगले 2-3 वर्षों में मांग का बड़ा सुधार संभव, रिपोर्ट में जताई उम्मीद
आईएएमएआई ने अपने पत्र में लिखा कि व्यापक हितधारक परामर्श नीति निर्माण की प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने बाइक टैक्सी संबंधी नीतियां तैयार करने से पहले उपभोक्ता समूहों, ड्राइवर यूनियनों, उद्योग संगठनों और थिंक-टैंक सहित सभी पक्षों से व्यापक चर्चा की थी।
आईएएमएआई ने कर्नाटक में भी इसी तरह का समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
यह भी पढ़ें - Auto Sector: ऑटो सेक्टर में अगले 2-3 वर्षों में मांग का बड़ा सुधार संभव, रिपोर्ट में जताई उम्मीद
"गिग वर्कर्स और यात्रियों को भारी नुकसान"
एसोसिएशन का कहना है कि सरकार का वर्तमान रुख:
यह भी पढ़ें - GRAP Fines: दिल्ली में ग्रैप जांच के दौरान एक महीने में 84 करोड़ रुपये से अधिक के चालान जारी, जानें डिटेल्स
यह भी पढ़ें - Diesel Auto Ban: नोएडा-गाजियाबाद में डीजल ऑटो पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध, यूपी के NCR जिलों में चरणबद्ध बैन की तैयारी
एसोसिएशन का कहना है कि सरकार का वर्तमान रुख:
- हजारों गिग वर्कर्स की आजीविका को प्रभावित कर रहा है
- पूरी मोबिलिटी इकोसिस्टम को बाधित कर रहा है
- और विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बेंगलुरु में यात्रियों से सस्ती और व्यवहार्य परिवहन सुविधा छीन रहा है
यह भी पढ़ें - GRAP Fines: दिल्ली में ग्रैप जांच के दौरान एक महीने में 84 करोड़ रुपये से अधिक के चालान जारी, जानें डिटेल्स
यह भी पढ़ें - Diesel Auto Ban: नोएडा-गाजियाबाद में डीजल ऑटो पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध, यूपी के NCR जिलों में चरणबद्ध बैन की तैयारी
हाई कोर्ट में मामला
हाई कोर्ट ओला, उबर और रैपिडो द्वारा दायर रिट अपीलों पर सुनवाई कर रहा है। ये अपीलें उस सिंगल-बेंच आदेश के खिलाफ हैं जिसने नीति के अभाव में बाइक टैक्सी संचालन पर रोक लगा दी थी। बाइक टैक्सी पर आधिकारिक प्रतिबंध 16 जून से लागू है। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को निर्धारित है।
यह भी पढ़ें - E-Challans Discount: कर्नाटक सरकार के ई-चालान पर 50% छूट पर फूटा लोगों का गुस्सा, बोले- कानून का मजाक बना दिया है
यह भी पढ़ें - Road Safety: कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश- दोपहिया वाहनों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए छह महीने में लागू हो नियम
हाई कोर्ट ओला, उबर और रैपिडो द्वारा दायर रिट अपीलों पर सुनवाई कर रहा है। ये अपीलें उस सिंगल-बेंच आदेश के खिलाफ हैं जिसने नीति के अभाव में बाइक टैक्सी संचालन पर रोक लगा दी थी। बाइक टैक्सी पर आधिकारिक प्रतिबंध 16 जून से लागू है। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को निर्धारित है।
यह भी पढ़ें - E-Challans Discount: कर्नाटक सरकार के ई-चालान पर 50% छूट पर फूटा लोगों का गुस्सा, बोले- कानून का मजाक बना दिया है
यह भी पढ़ें - Road Safety: कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश- दोपहिया वाहनों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए छह महीने में लागू हो नियम
मंत्री प्रियंक खड़गे बोले
बंगलूरू टेक समिट 2025 में आईटी/बीटी मंत्री प्रियंक खड़गे ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी नई तकनीक को केवल इसलिए नहीं रोकना चाहती क्योंकि उसके लिए कोई नीति नहीं बनी है।
उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों को रेगुलेटरी सैंडबॉक्स में काम करने दिया जाता है, ताकि नवाचार जारी रहे और बाद में नीति बनाई जा सके। लेकिन अधिकतर सरकारों की पहली प्रतिक्रिया बैन लगाने की होती है, जैसा ओला, उबर और रैपिडो के मामलों में देखा गया।
यह भी पढ़ें - Top 5 Sub-Compact SUV: ये हैं अक्तूबर 2025 में सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 5 सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी, जानें कितनी रही बिक्री
यह भी पढ़ें - Best Selling Cars: भारत में नई बेस्ट-सेलर सब-4 मीटर नहीं, अब 10 लाख रुपये से सस्ती कारें बन रहीं पहली पसंद
बंगलूरू टेक समिट 2025 में आईटी/बीटी मंत्री प्रियंक खड़गे ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी नई तकनीक को केवल इसलिए नहीं रोकना चाहती क्योंकि उसके लिए कोई नीति नहीं बनी है।
उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों को रेगुलेटरी सैंडबॉक्स में काम करने दिया जाता है, ताकि नवाचार जारी रहे और बाद में नीति बनाई जा सके। लेकिन अधिकतर सरकारों की पहली प्रतिक्रिया बैन लगाने की होती है, जैसा ओला, उबर और रैपिडो के मामलों में देखा गया।
यह भी पढ़ें - Top 5 Sub-Compact SUV: ये हैं अक्तूबर 2025 में सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 5 सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी, जानें कितनी रही बिक्री
यह भी पढ़ें - Best Selling Cars: भारत में नई बेस्ट-सेलर सब-4 मीटर नहीं, अब 10 लाख रुपये से सस्ती कारें बन रहीं पहली पसंद