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Traffic Rules: ट्रैफिक उल्लंघन पर अब नहीं होगी जेल? जानें हाईवे और मोटर व्हीकल एक्ट के नए नियम

Tue, 07 Apr 2026 10:49 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Tue, 07 Apr 2026 10:49 PM IST
सार

जन विश्वास विधेयक 2026: शासन व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार ने जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है।

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Jan Vishwas Bill 2026 New Rules for Traffic Violations National Highways and Motor Vehicles Act
ट्रैफिक चालान - फोटो : AI

विस्तार

केंद्र सरकार ने हाल ही में शासन व्यवस्था को आसान, पारदर्शी और बिजनेस-फ्रेंडली बनाने के लिए जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है।

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इस बिल का मुख्य उद्देश्य छोटे और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए जेल की सजा खत्म कर केवल जुर्माने (फाइन) का प्रावधान करना है। ताकि “डर आधारित शासन” से “विश्वास आधारित शासन” की ओर बदलाव किया जा सके। 

जन विश्वास बिल 2026 में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
इस बिल के तहत कुल 80 केंद्रीय कानूनों की 784 धाराओं में संशोधन प्रस्तावित है।

इनमें से 717 प्रावधानों को गैर-आपराधिक (आपराधिक श्रेणी से बाहर) किया जा रहा है। जबकि बाकी बदलाव प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए किए गए हैं। 

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क्या नेशनल हाईवे एक्ट में बदलाव हुआ है?
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

पहले नेशनल हाईवे को जाम या ब्लॉक करना गैरकानूनी था और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान था।

पहले क्या सजा मिलती थी?
इस कानून की धारा 8-B के तहत हाईवे ब्लॉक करने पर:

  • अधिकतम 5 साल तक की जेल

  • साथ में जुर्माना

प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भी प्रावधान था।

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अब नए नियम क्या कहते हैं?
नए संशोधन के बाद:

  • जेल की सजा पूरी तरह खत्म कर दी गई है

  • अब केवल जुर्माना लगाया जाएगा

इससे छोटे मामलों में लोगों को जेल जाने के डर से राहत मिलेगी।
 

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मोटर व्हीकल एक्ट में क्या बदलाव हुआ है?
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में भी बदलाव किए गए हैं।

यह कानून देश में वाहनों, ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रैफिक नियम और परमिट आदि को नियंत्रित करता है।

पहले ट्रैफिक उल्लंघनों पर क्या सजा थी?
2019 के संशोधन के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने पर सख्त सजा लागू थी:

  • 1,000 रुपये से 25,000 रुपये तक जुर्माना

  • 6 महीने से 3 साल तक जेल

  • ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड

  • या इनका संयोजन

 

अब नए नियम क्या हैं?
जन विश्वास बिल 2026 के तहत:

  • ट्रैफिक उल्लंघनों पर जेल की सजा हटा दी गई है

  • अब केवल जुर्माना ही लगाया जाएगा


सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार का मानना है कि इस कदम से आम नागरिकों और व्यवसायों पर अनावश्यक कानूनी दबाव कम होगा।छोटे उल्लंघनों के लिए जेल का डर खत्म होने से व्यवस्था अधिक सहज और भरोसेमंद बनेगी। 

क्या यह बदलाव आम लोगों के लिए राहत है?
यह बदलाव खासतौर पर छोटे उल्लंघनों के मामलों में बड़ी राहत माना जा रहा है।

अब लोगों को मामूली गलती के लिए जेल जाने का डर नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक दंड के जरिए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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