Bhavish Aggarwal: देश को भविष्य की नौकरियों का निर्माण करने की जरूरत, ओला संस्थापक बोले-'ईवी हब बनाना लक्ष्य'
मशहूर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के संस्थापक भाविश अग्रवाल ने कहा कि भारत में नई तकनीक के लिए वह बड़ी तैयारी कर रहे हैं। भारत को ईवी क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनना है और हमारा फोकस इलेक्ट्रिक लग्जरी कारों पर भी है।
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ओला के संस्थापक भाविश अग्रवाल भारत के लिए बोल्ड और न्यू एज तकनीक लाने के लिए बड़ी तैयारी कर रहे हैं। वर्तमान वैश्विक तकनीकी ट्रांजिशन का नेतृत्व एआई कर रहा है, ऐसे में भारत को भविष्य की नौकरियों को तैयार करना चाहिए। भाविश अग्रवाल ने कहा कि निजी क्षेत्र को बल्क में नौकरियों का उत्पादन करना चाहिए। ऐसे वातावरण को तैयार करने के लिए कुछ और कदम ऊपर की ओर चलने होंगे, ताकि सही संतुलन आ सके। इसमें ट्रैड और सरकारी जिम्मेदारी ज्यादा है।
भाविश अग्रवाल ने सरकार की नीति का किया समर्थन
अग्रवाल ने सरकार के कदम फिस्कल इंसेटिंव का समर्थन करते हुए वैश्विक ईवी निर्माता, जिसमें टेस्ला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि नई ईवी नीति भारत में सभी निवेशकों को आकर्षक करने के लिए जरूरी है। साथ ही देश के ईवी इकोसिस्टम के विकास में वैश्विक स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ओला समूह का टारगेट है कि भारत वैश्विक इलेक्ट्रिक व्हीकल के मामले में ईवी हब बने। इसके लिए देश को ईवी और एनर्जी ट्रांसजिशन में निवेश करना होगा। दुनिया भारत के बिना ईवी क्षेत्र में स्थिर भविष्य का निर्माण नहीं कर सकती है।
ओला ने क्यों सेट किया Krutrim
अग्रवाल ने बताया कि पिछले साल ओला समूह ने एआई स्टार्ट-अप Krutrim को क्यों सेट किया। अग्रवाल ने आगे कहा कि वैश्विक तकनीकी ट्रांसजिशन में एआई की भूमिका भविष्य के लिए काफी अहम है। भारत को इस यात्रा का नेतृत्व करने की जरूरत है। अगर आप वर्तमान स्थिति को देखेंगे तो हम अभी भी इस डिजिटल दुनिया में तकनीक के एडॉप्टर हैं।
उन्होंने कहा कि Krutrim भारत में बनाया गया है और इसे भारतीय डेटा के जरिए तैयार किया गया है। ऐसे में यह भारतीयों के लिए ज्यादा बेहतर है। उन्होंने साथ ही कहा कि हम अपना खुद का एआई बना रहे हैं, अपना क्लाउड तैयार कर रहे हैं और अपनी चिप भी तैयार कर रहे हैं।
वर्तमान में भारत दुनिया का 20 फीसदी डिजिटल डेटा का उत्पादन कर रहा है। मगर इसके बाद भी भारत अपना पूरा डेटा को स्टोर नहीं कर रहा है। देश का 80 फीसदी डेटा बाहर स्टोर किया जाता है। यह सारा प्रोसेस एआई के जरिए होता है। वहीं, जब यही डेटा भारत में वापस लाया जाता है, तो इस डेटा को भारतीयों को डॉलर्स में बेचा जाता है।
भारत बनेगा तकनीक का निर्यात करने वाला देश-अग्रवाल
अग्रवाल ने एआई के जरिए नौकरियों पर आ रहे खतरे के बारे में कहा कि भारत में आईटी सेक्टर में कंप्यूटर आने के बाद काफी तेजी से नौकरियों का निर्माण कर रहा था। एआई के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही है। अग्रवाल ने कहा कि एआई किसी को भी रिप्लेस नहीं कर सकता है। भविष्य में कुछ दशकों बाद ऐसा हो सकता है, मगर भविष्य के बारे में अभी चिंता नहीं लेनी चाहिए। एआई की वजह से उत्पादन में काफी तेजी आ सकती है। एआई की मदद से भारत भविष्य में तकनीक का निर्यात करने वाला एक्पर्ट बन सकता है।
ओला इलेक्ट्रिक का लक्ष्य- भारत को ईवी हब बनाया जाए
उन्होंने कहा कि टेस्ला एक दुनिया की शानदार कंपनी है। ऐसी ही कुछ और कंपनियों को भारत में निवेश करना चाहिए। ऐसी कंपनियों को अच्छी समझ और उद्योग के लिए भी काफी बेहतर रहती है। अग्रवाल ने आगे कहा कि ईवी इकोसिस्टम में मेरी कंपनी के सहित सभी के लिए फायदेमंद है। इसमें एक्सपर्टिज, एक्सलेंस और प्रतिभा सबकुछ बेहतर होती है। ओला इलेक्ट्रिक का लक्ष्य है कि भारत को ईवी हब बनाया जाए।
अग्रवाल ने कहा कि कंपनी दो और तीन पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को तैयार करेगी, देश में इसकी जरूरत है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक लग्जरी कार पर भी ध्यान दिया देना है। ओला कंज्यूमर के बारे में उन्होने कहा कि राइड हेलिंग मोबिलिटी वर्टीकल काफी फायदेमंद है। यह नए-कॉमर्स में निवेश कर रहा है, जो ओएनडीसी के साथ साझेदारी कर रहा है।