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भारत में ह्यूंदै मोटर ग्रुप का बड़ा दांव: प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद 15.5 अरब डॉलर के निवेश का एलान
Tue, 13 Oct 2026 09:08 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Tue, 13 Oct 2026 09:08 PM IST
सार
ह्यूंदै मोटर ग्रुप ने भारत में 2026 से 2032 के बीच 15.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह एलान ह्यूंदै मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईयूइसुन चुंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 13 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद किया गया।
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Euisun Chung, Executive Chair, Hyundai Motor Group meets Prime Minister Narendra Modi
- फोटो : Hyundai
विस्तार
दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल दिग्गज ह्यूंदै मोटर ग्रुप (Hyundai Motor Group) ने भारत को लेकर एक बहुत बड़ा एलान किया है। कंपनी ने 2026 से 2032 के बीच भारत में 15.5 अरब डॉलर (लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक) के भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है।
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- प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात: यह घोषणा ह्यूंदै मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन इयुसन चुंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच नई दिल्ली में 13 अक्तूबर 2026 को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद की गई है।
- भविष्य की रणनीति: कंपनी के अनुसार, यह निवेश भारत में मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सप्लायर इकोसिस्टम और फ्यूचर मोबिलिटी तकनीकों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
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भारत को लेकर ह्यूंदै की लंबी अवधि की क्या योजनाएं हैं?
एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन इयुसन चुंग ने भारत के साथ अपने 30 साल के सफर को याद करते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर ह्यूंदै के सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक बाजारों में से एक है:- अगले 30 वर्षों की नींव: यह निवेश अगले 30 साल और उससे आगे के लिए भारत के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को पुख्ता करता है। इसके तहत भारत न केवल घरेलू बाजार बल्कि उभरते वैश्विक बाजारों के लिए एक कोर हब बनेगा।
- विशेष निवेश इकाई: इस विशाल निवेश कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए कंपनी भारत में एक समर्पित निवेश इकाई स्थापित करेगी, जो पार्टनरशिप और सप्लायर डेवलपमेंट पहियों की देखरेख करेगी।
इस निवेश की राशि को किन प्रमुख क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा?
15.5 अरब डॉलर की इस बड़ी राशि को ऑटोमोटिव सेक्टर के विभिन्न अहम हिस्सों में लगाया जाएगा:- मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब: इस फंड का एक बड़ा हिस्सा ह्यूंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) और किआ इंडिया (Kia India) की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में इस्तेमाल होगा। इससे लोकलाइजेशन बढ़ेगा और भारत को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में और मजबूती मिलेगी।
- आरएंडडी और टेस्टिंग ट्रैक: कंपनी भारत में अपने आरएंडडी ऑपरेशंस में लगभग 70 करोड़ डॉलर (700 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगी, जिसमें एक नया व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक भी शामिल है। इससे नेक्स्ट-जेनरेशन तकनीकों पर तेजी से काम हो सकेगा।
- सप्लाई चेन और नए मोबिलिटी क्षेत्र: स्थानीय सप्लायरों को मजबूत करने के अलावा, कंपनी ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव फाइनेंसिंग, व्हीकल रीसाइक्लिंग और मोबिलिटी सर्विसेज जैसे उभरते क्षेत्रों में भी अवसरों की तलाश करेगी।
इस निवेश से भारत में रोजगार और उत्पादन पर क्या असर पड़ेगा?
- मौजूदा क्षमता: वर्तमान में ह्यूंदै मोटर ग्रुप भारत में 24,000 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है। चेन्नई, पुणे और अनंतपुर स्थित प्लांट्स के जरिए ह्यूंदै और किया की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 14 लाख (1.4 मिलियन) वाहनों से अधिक है।
- नया रोजगार सृजन: कंपनी का मानना है कि इस नए निवेश कार्यक्रम से मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और सप्लायर नेटवर्क में बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।