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Formula E: फॉर्मूला ई विवाद, आयोजक से 55 करोड़ रुपये वसूलने के लिए तेलंगाना सरकार करेगी कानूनी कार्रवाई
Wed, 10 Jan 2024 05:57 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 10 Jan 2024 05:57 PM IST
सार
तेलंगाना सरकार ने फॉर्मूला ई आयोजकों को दिए गए 55 करोड़ रुपये की राशि वसूलने के लिए कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कहा है कि सरकार संबंध में कानूनी कार्रवाई करेगी।
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फॉर्मूला ई-रेस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
तेलंगाना सरकार ने फॉर्मूला ई आयोजकों को दिए गए 55 करोड़ रुपये की राशि वसूलने के लिए कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कहा है कि तेलंगाना राज्य सरकार नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास (एमएयूडी) (MAUD) विभाग और भारत में फॉर्मूला ई रेस के आधिकारिक प्रमोटर ऐस नेक्स्ट जेन के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के संबंध में कानूनी कार्रवाई करेगी।
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय समझौता सचिवालय के व्यापार नियमों का उल्लंघन करके किया गया था। जिसमें संबंधित मंत्री या कैबिनेट की मंजूरी नहीं थी।
पूर्व एमएयूडी विशेष मुख्य सचिव, अरविंद कुमार ने 30 अक्तूबर, 2023 को कुल 110 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रतिबद्धता के साथ एक समझौता किया और 55 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि मंजूर की। फॉर्मूला ई रेस समझौते के संबंध में 'गंभीर उल्लंघन' के लिए आईएएस अरविंद कुमार को एक ज्ञापन भी दिया गया था।
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मुख्य सचिव ए. शांति कुमारी द्वारा कुमार को जारी किए गए ज्ञापन के मुताबिक, यह राशि एचएमडीए के निदेशक मंडल और राज्य सरकार के वित्त विभाग की सहमति के बिना ही दी गई थी। अधिकारी को सात कार्य दिवसों में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है कि क्यों चूक के लिए आगे की कार्रवाई शुरू नहीं की जानी चाहिए। अरविंद कुमार उस समय नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास के विशेष मुख्य सचिव थे। हालांकि, पिछले महीने कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनका तबादला कर दिया गया और राजस्व के विशेष मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।
उप मुख्यमंत्री विक्रमार्का ने यह भी तर्क दिया कि प्रमोटर (ऐस नेक्स्ट जेन) ने टिकटों की बिक्री से पैसा कमाया। जबकि फॉर्मूला ई को दौड़ आयोजित करने के लिए अपना "उचित हिस्सा" हासिल हुआ। हालांकि, समझौते का एक हिस्सा होने के बावजूद, राज्य सरकार को इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रमोटर ने कितनी कमाई की। अधिकारियों को इन डिटेल्स को इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय समझौता सचिवालय के व्यापार नियमों का उल्लंघन करके किया गया था। जिसमें संबंधित मंत्री या कैबिनेट की मंजूरी नहीं थी।
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पूर्व एमएयूडी विशेष मुख्य सचिव, अरविंद कुमार ने 30 अक्तूबर, 2023 को कुल 110 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रतिबद्धता के साथ एक समझौता किया और 55 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि मंजूर की। फॉर्मूला ई रेस समझौते के संबंध में 'गंभीर उल्लंघन' के लिए आईएएस अरविंद कुमार को एक ज्ञापन भी दिया गया था।
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मुख्य सचिव ए. शांति कुमारी द्वारा कुमार को जारी किए गए ज्ञापन के मुताबिक, यह राशि एचएमडीए के निदेशक मंडल और राज्य सरकार के वित्त विभाग की सहमति के बिना ही दी गई थी। अधिकारी को सात कार्य दिवसों में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है कि क्यों चूक के लिए आगे की कार्रवाई शुरू नहीं की जानी चाहिए। अरविंद कुमार उस समय नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास के विशेष मुख्य सचिव थे। हालांकि, पिछले महीने कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनका तबादला कर दिया गया और राजस्व के विशेष मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।
उप मुख्यमंत्री विक्रमार्का ने यह भी तर्क दिया कि प्रमोटर (ऐस नेक्स्ट जेन) ने टिकटों की बिक्री से पैसा कमाया। जबकि फॉर्मूला ई को दौड़ आयोजित करने के लिए अपना "उचित हिस्सा" हासिल हुआ। हालांकि, समझौते का एक हिस्सा होने के बावजूद, राज्य सरकार को इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रमोटर ने कितनी कमाई की। अधिकारियों को इन डिटेल्स को इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए हैं।