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Hybrid Cars: हाइब्रिड कारों के लिए जीएसटी में जल्द कटौती की संभावना नहीं, रिपोर्ट में खुलासा
Thu, 16 May 2024 03:08 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 16 May 2024 03:08 PM IST
सार
सरकार अगली जीएसटी परिषद की बैठक में हाइब्रिड कारों पर लगने वाले टैक्स में रियायत को लेकर चर्चा नहीं कर सकती है। एक मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।
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Electric car EV charging battery at charger station
- फोटो : Freepik
विस्तार
सरकार अगली जीएसटी परिषद की बैठक में हाइब्रिड कारों पर लगने वाले टैक्स में रियायत को लेकर चर्चा नहीं कर सकती है। एक मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। इसे भारत के लिए हाइब्रिड कारों का निर्माण करने वाली मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, इसे महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी इलेक्ट्रिक कार निर्माताओं के लिए एक बड़ा बढ़ावा के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि हाइब्रिड कारों पर टैक्स में कटौती से कई संभावित इलेक्ट्रिक कार खरीदार हाइब्रिड कारों की ओर मुड़ सकते थे।
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इससे पहले, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वित्त मंत्रालय से हाइब्रिड कारों पर लगने वाले जीएसटी को घटाकर 12 प्रतिशत करने का अनुरोध किया था। गडकरी ने बताया था कि हाइब्रिड वाहनों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत और फ्लेक्स इंजन वाहनों पर 12 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय को विचार के लिए भेजा गया है।
वर्तमान में, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगता है। जबकि हाइब्रिड कारों पर 43 प्रतिशत तक टैक्स लगता है, जो कि पेट्रोल कारों पर लगने वाले 48 प्रतिशत टैक्स से थोड़ा सा ही कम है।
वर्तमान में, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगता है। जबकि हाइब्रिड कारों पर 43 प्रतिशत तक टैक्स लगता है, जो कि पेट्रोल कारों पर लगने वाले 48 प्रतिशत टैक्स से थोड़ा सा ही कम है।
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गडकरी ने पहले तर्क दिया था कि वर्तमान में ईवी पर पांच प्रतिशत टैक्स लगता है। जबकि हाइब्रिड कारों पर कर 48 प्रतिशत जितना अधिक है। इसलिए जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इसे युक्तिसंगत बनाने की जरूरत है।
होंडा, ह्यूंदै, टोयोटा और मारुति सुजुकी जैसी वाहन निर्माता मुख्य रूप से पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह की मोटरों पर चलने वाली हाइब्रिड कारों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। वर्तमान में, उनकी हाइब्रिड कारों की बिक्री बढ़ रही है।
वाहन के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में इलेक्ट्रिक कार और एसयूवी की बिक्री सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 6,577 यूनिट हो गई। टाटा मोटर्स ने उस महीने सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेचीं - कुल 4,701 यूनिट्स। एमजी मोटर और महिंद्रा क्रमशः 813 और 580 यूनिट्स की बिक्री के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर रहीं।
मारुति के पास फिलहाल अपने पोर्टफोलियो में कोई इलेक्ट्रिक वाहन नहीं है। मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने हाल ही में कहा था कि वाहन निर्माता एक किफायती हाइब्रिड कार लाने की योजना बना रहा है। उन्होंने सरकार से हाइब्रिड कारों पर जीएसटी कम करने का भी आग्रह किया। ताकि देश में बेहतर माइलेज वाली ज्यादा किफायती हाइब्रिड कारें आ सकें।