Flush Door Handles Ban: स्टाइल के चक्कर में जान खतरे में, चीन में फ्लश डोर हैंडल्स बैन, क्या भारत में भी होगा?
Door Handle Safety: दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल मार्केट चीन कार में लगे फैंसी हैंडल्स पर प्रतिबंध लगाने जा रही है। अब कंपनियों को मजबूरी में पुराने स्टाइल वाले मैकेनिकल हैंडल्स लगाने पड़ेगें। जानें चीन ने ऐसा क्यों किया? और क्या भारत में भी ऐसे नियम आ सकते हैं?
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विस्तार
चीन में सरकार ऐसे नए नियमों पर काम कर रही है, जिनके तहत फ्लश या ऑटोमैटिक रिट्रैक्टेबल डोर हैंडल्स वाली कारों को मंजूरी नहीं दी जाएगी। चीन का मानना है कि सड़क हादसों या तकनीकी खराबी के समय ऐसे हैंडल लोगों और रेस्क्यू टीम के लिए परेशानी बन सकते हैं।
क्या होते हैं फ्लश डोर हैडल्स
आजकल कई प्रीमियम और इलेक्ट्रिक कारों में टेस्ला-स्टाइल फ्लश डोर हैंडल्स दिए जा रहे हैं। ये हैंडल सामान्य स्थिति में गाड़ी के बॉडी पैनल के साथ चिपके रहते हैं और बटन या सेंसर दबाने पर बाहर आते हैं। ये दिखने में तो मॉडर्न लगते ही हैं, साथ ही हवा के प्रतिरोध को भी कम करते हैं। ये पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर निर्भर होते हैं।
चीन ने ऐसा क्यों किया?
चीन के नियामकों का मानना है कि ये हाई-टेक हैंडल्स इमरजेंसी में जानलेवा साबित हो सकते हैं। इनके अनुसार किसी भी आपातकालीन स्थित या एक्सीडेंट के समय अक्सर कार की बैटरी फेल हो जाती है। ऐसे में ये इलेक्ट्रॉनिक हैंडल्स अंदर ही फंसे रह जाते हैं, जिससे बाहर से लोगों को बचाना नामुमकिन हो जाता है।
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इसके अलावा आग लगने या पानी में कार गिरने जैसी स्थिति में अगर सेंसर ने काम नहीं किया, तो दरवाजा खोलना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। साथ ही बुजुर्गों को भी खोलने में मुश्किल होती है, क्योंकि भारत और चीन जैसे देशों में जहां बुजुर्गों की संख्या अधिक है, वहां इन जटिल हैंडल्स का इस्तेमाल करना उनके लिए आसान नहीं होता।
क्या भारत में भी आ सकता है ऐसा नियम?
फिलहाल भारत में ऐसा कोई नियम नहीं है, लेकिन चीन के फैसले का असर ग्लोबल ऑटो डिजाइन ट्रेंड्स पर पड़ सकता है।भारत में भी सड़क सुरक्षा को लेकर नियम लगातार सख्त हो रहे हैं, ऐसे में भविष्य में इस दिशा में चर्चा हो सकती है।
इससे ऑटो कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर चीन में यह नियम लागू होते हैं, तो टेस्ला, बीवाईडी जैसी कंपनियों को अपने मॉडल्स का डिजाइन बदलना पड़ सकता है, क्योंकि भारत में भी यही कारें लॉन्च हो रही हैं और कुछ आने वाली हैं। ऐसे में डिजाइन और सेफ्टी को लेकर दोबारा इस पर सोचा जा सकता है।