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Damage In Flood: बाढ़ में खराब हो गई कार-बाइक? जानिए इंश्योरेंस कंपनी से डैमेज क्लेम मिलेगा या नहीं
Sun, 13 Jul 2025 03:56 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 13 Jul 2025 03:56 PM IST
सार
Car-Bike Flood Damage Insurance Claim: भारी बारिश और बाढ़ के कारण उत्तर भारत के कई इलाकों में वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या इंश्योरेंस कंपनी इन हालातों में डैमेज क्लेम देती है या नहीं?
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बाढ़ में कार
- फोटो : PTI
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विस्तार
इन दिनों पूरा उत्तर भारत में आंधी-बारिश की चपेट में है। कई शहरों में भारी बारिश के चलते सड़कों पर लबालब पानी भर गया है जिसकी चपेट में आकर वाहनों को भी नुकसान हो रहा है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या इस स्थिती में इंश्योरेंस कंपनी वाहन को हुए नुकसान को ठीक कराने के लिए डैमेज क्लेम देती हैं? तो आइए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
इंजन में पानी जाने से वाहन हो रहा खराब
बरसात में गाड़ियों से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या इंजन में पानी घुसने की होती है। पानी भरी सड़कों अगर गाड़ी चलाई जाए तो सबसे बड़ा खतरा इंजन के अंदर पानी जाने का होता है। अगर पानी इंजन के कंबशन चैंबर तक पहुंच गया तो पिस्टन और शाफ्ट को डैमेज कर सकता है। इसे हाइड्रोलॉकिंग कहते हैं। इसे ठीक करवाने में आपका मोटा खर्चा हो सकता है। ऐसे में अगर वाहन के इंश्योरेंस में इसकी कवरेज हो तो आपके हजारों रुपये बच सकते हैं।
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इंजन में पानी जाने से वाहन हो रहा खराब
बरसात में गाड़ियों से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या इंजन में पानी घुसने की होती है। पानी भरी सड़कों अगर गाड़ी चलाई जाए तो सबसे बड़ा खतरा इंजन के अंदर पानी जाने का होता है। अगर पानी इंजन के कंबशन चैंबर तक पहुंच गया तो पिस्टन और शाफ्ट को डैमेज कर सकता है। इसे हाइड्रोलॉकिंग कहते हैं। इसे ठीक करवाने में आपका मोटा खर्चा हो सकता है। ऐसे में अगर वाहन के इंश्योरेंस में इसकी कवरेज हो तो आपके हजारों रुपये बच सकते हैं।
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इस पॉलिसी में मिलेगा कवरेज
- फोटो : PTI
इस पॉलिसी में मिलता है ओवरऑल कवरेज
अगर आपके पास वाहन का कॉम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस हैं तो आप कई तरह के खर्चों से बच सकते हैं। इसमें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को भी कवर किया जाता है। आंधी-तूफान, भारी बारिश, लैंड स्लाइड और भूकंप जैसे कई आपदाओं से गाड़ियों को होने वाले नुकसान को भी इंश्योरेंस कंपनी कवर करती है। हालांकि, इसके लिए आपके पास कॉम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी का होना जरूरी है। अगर आपने आपनी गाड़ी के लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी ले रखी है तो आप आग, बाढ़, तूफान या चोरी से होने वाले नुकसान में क्लेम कर सकते हैं।
इंश्योरेंस लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
कार-बाइक के लिए इंश्योरेंस लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप देश के ऐसे इलाके में रहते हैं जहां अक्सर बारिश, आंधी या बाढ़ जैसी स्थिती पैदा होती रहती है, तो ऐसे में कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना बेहतर फैसला होगा। वहीं आप स्टैंडर्ड कांप्रिहेंसिव पॉलिसी के साथ-साथ, जीरो डेप्रिशिएशन और इंजन प्रोटेक्शन कवर जैसे ऐड-ऑन कवर भी ले सकते हैं। इसकी वजह ये है कि स्टैंडअलोन पॉलिसी में पानी के कारण इंजन को होने वाला नुकसान कवर नहीं होता है। लिहाजा अगर आपने इंजन की खराबी के लिए ऐड-ऑन कवर लिया है, तो आप इंश्योरेंस कंपनी से पूरा क्लेम कर सकते हैं।
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इस बात का ध्यान रखें कि गाड़ी से जुड़ी किसी भी तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय उसके दस्तावेजों को पूरी तरह पढ़ लें। यह देख लें कि आप जिस पॉलिसी को खरीद रहे हैं उसमें किन-किन चीजों को कंपनी कवर करती है, ताकि बाद में आपको परेशानी न उठानी पड़े।
अगर आपके पास वाहन का कॉम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस हैं तो आप कई तरह के खर्चों से बच सकते हैं। इसमें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को भी कवर किया जाता है। आंधी-तूफान, भारी बारिश, लैंड स्लाइड और भूकंप जैसे कई आपदाओं से गाड़ियों को होने वाले नुकसान को भी इंश्योरेंस कंपनी कवर करती है। हालांकि, इसके लिए आपके पास कॉम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी का होना जरूरी है। अगर आपने आपनी गाड़ी के लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी ले रखी है तो आप आग, बाढ़, तूफान या चोरी से होने वाले नुकसान में क्लेम कर सकते हैं।
इंश्योरेंस लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
कार-बाइक के लिए इंश्योरेंस लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप देश के ऐसे इलाके में रहते हैं जहां अक्सर बारिश, आंधी या बाढ़ जैसी स्थिती पैदा होती रहती है, तो ऐसे में कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना बेहतर फैसला होगा। वहीं आप स्टैंडर्ड कांप्रिहेंसिव पॉलिसी के साथ-साथ, जीरो डेप्रिशिएशन और इंजन प्रोटेक्शन कवर जैसे ऐड-ऑन कवर भी ले सकते हैं। इसकी वजह ये है कि स्टैंडअलोन पॉलिसी में पानी के कारण इंजन को होने वाला नुकसान कवर नहीं होता है। लिहाजा अगर आपने इंजन की खराबी के लिए ऐड-ऑन कवर लिया है, तो आप इंश्योरेंस कंपनी से पूरा क्लेम कर सकते हैं।
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इस बात का ध्यान रखें कि गाड़ी से जुड़ी किसी भी तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय उसके दस्तावेजों को पूरी तरह पढ़ लें। यह देख लें कि आप जिस पॉलिसी को खरीद रहे हैं उसमें किन-किन चीजों को कंपनी कवर करती है, ताकि बाद में आपको परेशानी न उठानी पड़े।