जब भी आप नई कार को खरीदने जाते हैं तो पहले से एक बजट तय करते हैं। जिसके बाद आप कार फाइनल करते हैं और फिर शोरुम जाकर उसके अलग-अलग वैरिएंट में से किसी एक को चुनते हैं। जब आप शोरूम जाते हैं और कार की जानकारी लेते हैं तो आपको एक ही कार के कई वैरिएंट मिलते हैं।
बेस और टॉप वैरिएंट में अंतर
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किसी भी कार के कई वैरिएंट कंपनी की ओर से पेश किए जाते हैं। इन वैरिएंट्स की कीमत में भी कई बार दोगुना फर्क आ जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई कार 12 लाख रुपये की कीमत पर खरीदी जा सकती है, तो उसी कार का टॉप वैरिएंट 20 से 22 लाख रुपये की कीमत पर मिलता है। इसका मुख्य कारण दोनों वैरिएंट में मिलने वाले फीचर्स के फर्क का होता है।
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फीचर्स में फर्क
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Toyota Urban Cruiser Hyryder 2022
- फोटो : Toyota
किसी कार के बेस वैरिएंट को खरीदा जाता है तो उसमें म्यूजिक सिस्टम, पावर विंडो, रियर डिफॉगर, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, क्रूज कंट्रोल, ज्यादा एयरबैग्स, एलईडी लाइट्स, अलॉय व्हील्स बॉडी कलर्ड बंपर, रेन सेंसिंग वाइपर, ADAS जैसे कई फीचर्स नहीं मिलेंगे। वहीं दूसरी ओर कार के टॉप वैरिएंट में कंपनी की ओर से कई तरह के फीचर्स को ऑफर किया जाता है।
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टॉप वैरिएंट में होते हैं ये फीचर्स
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मारुति ग्रैंड विटारा
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किसी भी कार के टॉप वैरिएंट को कंपनी की ओर से खास ट्रीटमेंट दी जाती है। आमतौर पर टॉप वैरिएंट के ही लिमिटेड एडिशन भी पेश किए जाते हैं। वहीं इनमें अन्य वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा लग्जरी और फीचर्स को जोड़ा जाता है। उदाहरण के तौर पर इनमें कूल्ड ग्लोव बॉक्स, ज्यादा बड़ा और बेहतर इंफोटेनमेंट सिस्टम, ज्यादा सेफ्टी फीचर्स, लैदरेट सीट्स, वेंटिलेटिड सीट्स, कंपनी फिटेड अलॉय व्हील्स, एलईडी प्रोजेक्टर हेडलाइट्स, एलईडी डीआरएल, रियर डिफॉगर, पैनोरमिक सनरूफ, क्रूज कंट्रोल, वायरलेस चार्जिंग, टर्बो इंजन जैसे कई फीचर्स को कंपनी की ओर से टॉप वैरिएंट में दिया जाता है।
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टॉप वैरिएंट को मिलती है प्राथमिकता
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कंपनी की ओर से जब किसी कार के कई वैरिएंट ऑफर किए जाते हैं और बाजार में किसी एक खास वैरिएंट की डिमांड काफी ज्यादा हो जाती है। ऐसे में कार की वेटिंग बढ़ जाती है। तब कई कंपनियां अपने प्रीमियम प्रोडक्ट यानि कि टॉप वैरिएंट की डिलीवरी को पहले देना पसंद करती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कार के सभी वैरिएंट के लिए चेसिस और अन्य बुनियादी ढांचा तो एक जैसा ही होता है लेकिन फीचर्स कम ज्यादा होने के कारण टॉप वैरिएंट कंपनियों के लिए मुनाफे का सौदा बन जाता है।
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