{"_id":"67fd05710d44a6ddeb0e7b2b","slug":"bike-taxi-ban-iamai-seeks-two-month-extension-from-karnataka-govt-to-submit-details-of-their-vehicle-fleets-2025-04-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bike Taxi Ban: बाइक टैक्सी बैन पर IAMAI की अपील- उद्योग से सलाह लें और डेटा जमा करने की तारीख बढ़ाएं","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Bike Taxi Ban: बाइक टैक्सी बैन पर IAMAI की अपील- उद्योग से सलाह लें और डेटा जमा करने की तारीख बढ़ाएं
Mon, 14 Apr 2025 06:24 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 14 Apr 2025 06:24 PM IST
सार
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने कर्नाटक सरकार से अपील की है कि उन्हें अपने व्हीकल फ्लीट की जानकारी देने के लिए दो महीने की मोहलत दी जाए।
विज्ञापन
Rapido
- फोटो : Rapido
विस्तार
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने कर्नाटक सरकार से अपील की है कि उन्हें अपने व्हीकल फ्लीट की जानकारी देने के लिए दो महीने की मोहलत दी जाए। IAMAI में Zomato, Swiggy, Ola, Uber और Rapido जैसी बड़ी डिजिटल कंपनियां शामिल हैं।
यह भी पढ़ें - Traffic Violations: ट्रैफिक चालान के लिए अब 10 सेकंड तक का वीडियो होगा रिकॉर्ड, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मचा हलचल
कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया था कि मई के मध्य तक राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं को सस्पेंड कर दिया जाए। और साथ ही सरकार को इन सेवाओं के लिए एक रेग्युलेटरी पॉलिसी भी तैयार करनी होगी। इस आदेश के बाद IAMAI ने राज्य के परिवहन विभाग के सचिव एनवी प्रसाद को एक चिट्ठी लिखी है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Pollution Challan: दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, ग्रैप लागू होने के दौरान 31,000 से ज्यादा गाड़ियों का कटा चालान
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Traffic Violations: ट्रैफिक चालान के लिए अब 10 सेकंड तक का वीडियो होगा रिकॉर्ड, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मचा हलचल
कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया था कि मई के मध्य तक राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं को सस्पेंड कर दिया जाए। और साथ ही सरकार को इन सेवाओं के लिए एक रेग्युलेटरी पॉलिसी भी तैयार करनी होगी। इस आदेश के बाद IAMAI ने राज्य के परिवहन विभाग के सचिव एनवी प्रसाद को एक चिट्ठी लिखी है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Pollution Challan: दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, ग्रैप लागू होने के दौरान 31,000 से ज्यादा गाड़ियों का कटा चालान
"नीति बनाते वक्त हमें भी साथ बैठाया जाए"
IAMAI ने चिट्ठी में यह साफ कहा कि बाइक टैक्सी आज शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम का अहम हिस्सा बन चुकी है और इस पर पॉलिसी बनाने से पहले सरकार को उद्योग से बातचीत जरूर करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बंगलूरू जैसे बड़े शहरों में लाखों लोग रोजाना बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते हैं। जिससे न सिर्फ ट्रैफिक की दिक्कत कम होती है, बल्कि हजारों गिग वर्कर्स की रोजी-रोटी भी इससे जुड़ी है।
यह भी पढ़ें - Auto Components: 2030 तक भारत की ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री 145 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी, नीति आयोग का अनुमान
IAMAI ने चिट्ठी में यह साफ कहा कि बाइक टैक्सी आज शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम का अहम हिस्सा बन चुकी है और इस पर पॉलिसी बनाने से पहले सरकार को उद्योग से बातचीत जरूर करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बंगलूरू जैसे बड़े शहरों में लाखों लोग रोजाना बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते हैं। जिससे न सिर्फ ट्रैफिक की दिक्कत कम होती है, बल्कि हजारों गिग वर्कर्स की रोजी-रोटी भी इससे जुड़ी है।
यह भी पढ़ें - Auto Components: 2030 तक भारत की ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री 145 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी, नीति आयोग का अनुमान
सरकार से की संयुक्त कमेटी बनाने की मांग
IAMAI ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार एक संयुक्त कमेटी बनाए, जिसमें परिवहन विभाग के अधिकारी, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि और गिग वर्कर्स या बाइक टैक्सी यूनियन के सदस्य हों। इस तरह सबकी राय से एक ऐसी नीति बनाई जा सकती है जो संतुलित और सबके हित में हो।
यह भी पढ़ें - Delhi EV Policy 2.0: एक लाख रुपये से कम कीमत वाले टॉप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, जानें कितनी है रेंज
IAMAI ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार एक संयुक्त कमेटी बनाए, जिसमें परिवहन विभाग के अधिकारी, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि और गिग वर्कर्स या बाइक टैक्सी यूनियन के सदस्य हों। इस तरह सबकी राय से एक ऐसी नीति बनाई जा सकती है जो संतुलित और सबके हित में हो।
यह भी पढ़ें - Delhi EV Policy 2.0: एक लाख रुपये से कम कीमत वाले टॉप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, जानें कितनी है रेंज
पॉलिसी बनने तक मिले अस्थायी परमिट
IAMAI ने यह मांग भी की है कि जब तक नई नीति लागू नहीं होती, जो एग्रीगेटर कंपनियां सुरक्षा नियमों का पालन कर रही हैं, उन्हें अस्थायी परमिट दिया जाए। ताकि वे अपनी सेवाएं जारी रख सकें और लोगों को असुविधा न हो।
IAMAI ने दोहराया कि वे सरकार के साथ मिलकर एक संतुलित, न्यायसंगत और टिकाऊ रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिससे आम जनता की सुविधा भी बनी रहे और गिग इकोनॉमी को भी नुकसान न पहुंचे।
यह भी पढ़ें - EV Policy: दिल्ली की नई ईवी नीति 2.0 का लक्ष्य 2027 तक 95% इलेक्ट्रिक वाहन, 20,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना
IAMAI ने यह मांग भी की है कि जब तक नई नीति लागू नहीं होती, जो एग्रीगेटर कंपनियां सुरक्षा नियमों का पालन कर रही हैं, उन्हें अस्थायी परमिट दिया जाए। ताकि वे अपनी सेवाएं जारी रख सकें और लोगों को असुविधा न हो।
IAMAI ने दोहराया कि वे सरकार के साथ मिलकर एक संतुलित, न्यायसंगत और टिकाऊ रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिससे आम जनता की सुविधा भी बनी रहे और गिग इकोनॉमी को भी नुकसान न पहुंचे।
यह भी पढ़ें - EV Policy: दिल्ली की नई ईवी नीति 2.0 का लक्ष्य 2027 तक 95% इलेक्ट्रिक वाहन, 20,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना
सरकार की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं
फिलहाल कर्नाटक सरकार ने IAMAI की इस चिट्ठी का कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। लेकिन यह साफ है कि आने वाली नीति बाइक टैक्सी ऑपरेटरों और गिग वर्कर्स की आजीविका पर बड़ा असर डाल सकती है।
यह भी पढ़ें - Volkswagen Tiguan R-Line: भारत में लॉन्च हुई नई फॉक्सवैगन टिगुआन आर-लाइन एसयूवी, जानें कीमत और फीचर्स
यह भी पढ़ें - VIP Number: '007' को लेकर ऐसी दीवानगी! केरल के कारोबारी ने लेम्बोर्गिनी के लिए 46 लाख रुपये में खरीदी ये नंबर प्लेट
फिलहाल कर्नाटक सरकार ने IAMAI की इस चिट्ठी का कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। लेकिन यह साफ है कि आने वाली नीति बाइक टैक्सी ऑपरेटरों और गिग वर्कर्स की आजीविका पर बड़ा असर डाल सकती है।
यह भी पढ़ें - Volkswagen Tiguan R-Line: भारत में लॉन्च हुई नई फॉक्सवैगन टिगुआन आर-लाइन एसयूवी, जानें कीमत और फीचर्स
यह भी पढ़ें - VIP Number: '007' को लेकर ऐसी दीवानगी! केरल के कारोबारी ने लेम्बोर्गिनी के लिए 46 लाख रुपये में खरीदी ये नंबर प्लेट