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अगर आपकी बाइक के नंबर पर आ जाए ट्रक का चालान, तो चौंकिएगा मत, ये है पूरा खेल
Thu, 27 Aug 2020 02:26 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 27 Aug 2020 02:26 PM IST
सार
- व्यावसायिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन के साथ वाहन मालिक का परमिट और फिटनेस शुल्क भी जमा करना होता है।
- परिवहन आयुक्त ने डेढ़ महीने के भीतर सभी व्यावसायिक वाहनों में HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) लगवाने के आदेश जारी किए हैं।
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High security number plate
- फोटो : For Reference Only
विस्तार
माल वाहक व्यावासायिक वाहन ई-चालान के डर से रिक्शा और बाइक के पंजीकरण नंबर लिखवाकर दौड़ रहे हैं। यह चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सामने आया है। परिवहन विभाग ने शिकायत के बाद टोल प्लाजा और सीसीटीवी के जरिए इस जालसाजी को पकड़ा है। इस मामले को लेकर परिवहन आयुक्त ने डेढ़ महीने के भीतर सभी व्यावसायिक वाहनों में HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) (एचएसआरपी) लगवाने के आदेश जारी किए हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से टोल प्लाजा से शिकायत मिली कि ओवरलोडिंग कर रहे वाहनों में दर्ज रजिस्ट्रेशन प्लेट नंबर के चिह्न मिटे हुए थे या कुछ गलत तरीके से लिखे गए थे, जिससे वो समझ में न आएं। वहीं कुछ वाहनों में बाइक और ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज थे।
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इस मामले में देखा गया कि जुर्माना और रजिस्ट्रेशन नंबर सीज हो जाने के डर से यह नंबर गलत तरीके से अंकित किए जाते हैं। जिले में करीब 11.75 लाख पंजीकृत वाहन हैं, जिसमें साढ़े तीन लाख व्यावसायिक वाहन हैं। व्यावसायिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन के साथ वाहन मालिक का परमिट और फिटनेस शुल्क भी जमा करना होता है।
परिवहन विभाग की ओर से ओवरलोडिंग और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का ई-चालान कर दिया जाता है। जुर्माने के भुगतान के बाद ही नंबर को फिर खोला जाता है। मेरठ मंडल परिवहन आयुक्त धीरज साहू की ओर से सभी आरटीओ और एआरटीओ को इस मामले में जांच के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही वाहनों में जल्द से जल्द एचएसआरपी लगाने के लिए पत्र भेजा गया है।