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नितिन गडकरी: इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत अगले दो साल में होगी पेट्रोल, डीजल वाहनों के बराबर
Tue, 23 Nov 2021 02:02 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 23 Nov 2021 02:02 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत चीजों को बदलने के लिए सिर्फ एक EV क्रांति का इंतजार है और इलेक्ट्रिक कारों की कीमत पेट्रोल और डीजल कारों के बराबर हो जाएंगी।
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nitin gadkari electric vehicles
- फोटो : AmarUjala
विस्तार
भले ही केंद्र और राज्य सरकारें वाहन मालिकों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रेरित करती रहती हैं, भारत में ईवी सेगमेंट अभी भी देश में ओवलऑल ऑटोमोबाइल व्यवसाय का एक बहुत छोटा हिस्सा है। इसके पीछे प्रमुख कारणों में से एक इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), खासकर इलेक्ट्रिक कारों की ऊंची कीमतें हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत इस पूरी तस्वीर को बदलने के लिए सिर्फ एक EV क्रांति का इंतजार कर रहा है और इलेक्ट्रिक कारों की कीमत पेट्रोल और डीजल कारों के बराबर हो जाएंगी।
उद्योग संगठन इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, "ईवी की लागत ज्यादा है क्योंकि उनकी संख्या कम है। लेकिन भारत को ईवी क्रांति का इंतजार है, जिसमें 250 स्टार्टअप कंपनियां सबसे किफायती ईवी टेक्नोलॉजी की ईजाद में लगी हुई हैं। इसके अलावा, बड़े ऑटो निर्माता भी ईवी निर्माण की लागत को कम करने के लिए प्रतिस्पर्धा में आ गए हैं।"
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उद्योग संगठन इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, "ईवी की लागत ज्यादा है क्योंकि उनकी संख्या कम है। लेकिन भारत को ईवी क्रांति का इंतजार है, जिसमें 250 स्टार्टअप कंपनियां सबसे किफायती ईवी टेक्नोलॉजी की ईजाद में लगी हुई हैं। इसके अलावा, बड़े ऑटो निर्माता भी ईवी निर्माण की लागत को कम करने के लिए प्रतिस्पर्धा में आ गए हैं।"
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'भारत सबसे बड़ा ईवी बाजार होगा'
Ather Electric Scooter
- फोटो : For Reference Only
गडकरी ने कहा कि भारत जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे बड़ा ईवी बाजार बन जाएगा। गडकरी ने कहा, "अगले 5 वर्षों में, सड़क किनारे 600 जगहों पर सुविधाएं विकसित करने की योजना है, जिनमें से सभी में जरूरी ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर होगा।"
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्टार्टअप्स में उछाल आया है, जिसमें Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) और Ather Energy (एथर एनर्जी) भी शामिल है। लेकिन फिलहाल भारत में कुछ ही कार निर्माता इलेक्ट्रिक कारों की पेशकश करते हैं। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्पेस में पहले से ही भारत में कुछ बिक्री देखी गई है, और हीरो जैसे इंडस्ट्री के बड़े नाम भी अपना पहला ईवी लॉन्च करने के लिए तैयार हैं। जिससे यह सेगमेंट सिर्फ बड़ा ही होने वाला है।
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्टार्टअप्स में उछाल आया है, जिसमें Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) और Ather Energy (एथर एनर्जी) भी शामिल है। लेकिन फिलहाल भारत में कुछ ही कार निर्माता इलेक्ट्रिक कारों की पेशकश करते हैं। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्पेस में पहले से ही भारत में कुछ बिक्री देखी गई है, और हीरो जैसे इंडस्ट्री के बड़े नाम भी अपना पहला ईवी लॉन्च करने के लिए तैयार हैं। जिससे यह सेगमेंट सिर्फ बड़ा ही होने वाला है।
गडकरी ने पूछा ये सवाल
Nitin Gadkari
- फोटो : PTI
गडकरी ने कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान पूछा, "यदि आपको महंगे और प्रदूषणकारी फॉसिल फ्यूल से चलने वाले वाहन और कम रखरखाव, जीरो-एमिशन ईवी के बीच विकल्प दिया जाता है, तो आप किसे चुनेंगे?" उन्होंने कहा, "हम इलेक्ट्रिक वाहन (को अपनाने) और वैकल्पिक ईंधन जैसे इथेनॉल, बायो-एलएनजी, ग्रीन हाइड्रोजन (के इस्तेमाल) को बढ़ावा दे रहे हैं।"
टेस्ला की चिंता
2021 Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
टेस्ला और मर्सिडीज जैसी इलेक्ट्रिक कार निर्माताओं ने इलेक्ट्रिक कारों पर उच्च आयात शुल्क पर चिंता जताई है। जो भारत में इंपोर्ट की जानेवाली ईवी की उच्च कीमतों और इसलिए व्यापार की अस्थिरता के कारणों में से एक है। टेस्ला इस समय भारत में अपनी पहली कार को लॉन्च करने पर फैसला लेने से पहले आयात शुल्क कम करने के लिए केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रही है।
इन पर 100 फीसदी कस्टम ड्यूटी
luxury car
- फोटो : For Refernce Only
भारत इस समय इंपोर्ट की जानेवाली कारों पर 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत के बीच सीमा शुल्क लेता है। भारत पूरी तरह से आयातित कारों पर 40,000 डॉलर से अधिक CIF (लागत, बीमा और माल ढुलाई) मूल्य के साथ 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाता है। जबकि उन कारों पर 60 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है जिनकी लागत 40,000 डॉलर से कम है।
भारतीय निर्माताओं की आपत्ति
ola ceo bhavish agrawal
- फोटो : For Reference Only
भारत में आयात शुल्क पर टेस्ला के कदम ने देश में कार निर्माताओं के बीच एक बहस छेड़ दी। इस मुद्दे पर वाहन निर्माताओं की राय में साफ मतभेद है। जहां ह्यूंदै ने टेस्ला की टैक्स कम करने की मांग का समर्थन किया है। वहीं टाटा मोटर्स ने भारतीय कार निर्माताओं के साथ भी बराबरी का बरताव करने के लिए कहा है। ओला इलेक्ट्रिक, जो भारत में अपना पहला उत्पाद लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है, ने कहा कि टैक्स कटौती के अलावा स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए।