Car Chip Shortage: मांग पर भारी पड़ सकता है लंबा वेटिंग पीरियड, बुकिंग कैंसिल करवा सकते हैं ग्राहक!
चिप शॉर्टेज, लागत में बढ़ोतरी के बढ़ोतरी के चलते कार कंपनियां एक बार फिर वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं। हालांकि ये बढ़ोतरी 2022 से लागू होगी। साल 2021 में ही कई कार कंपनियां कम से कम 4-5 बार वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। टाटा मोटर्स, होंडा, रेनो, मारुति सुजुकी अगले साल जनवरी 2022 से गाड़ियां महंगी करने की तैयारी कर रही हैं...
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ऑटोमोबाइल सेक्टर में चिप शॉर्टेज का असर नवंबर की बिक्री में में भी दिखाई दिया है। सेमीकंडक्टर चिप की सप्लाई में दिक्कत को लगभग सभी ऑटो कंपनियों झेल रही हैं। जिसका प्रभाव उनकी कारों की बिक्री के आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। देश की सबसे कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने नवंबर में 139,184 यूनिट्स की बिक्री की, जबकि पिछले साल नवंबर 2020 में यह बिक्री 153,223 यूनिट्स थी। जबकि कंपनी का कहना है कि यह हालात तब हैं, जब मारुति ने चिप की कमी से निपटने के लिए जरूरी आवश्यक कदम उठाए थे। मारुति का कहना है कि सेमीकंडक्टर चिप की सप्लाई में कमी के चलते वेटिंग पीरियड बढ़ गया है, जिसका असर प्रोडक्शन पर पड़ रहा है।
नई कारों की मांग में लगातार बढ़ोतरी
मारुति के पास इस समय 2.5 लाख पेंडिंग ऑडर्स हैं, जो ग्राहकों को डिलीवर किए जाने हैं। जबकि नवंबर में प्रोडक्शन सामान्य से 80 फीसदी ज्यादा रहा है। सप्लाई चेन में दिक्कत के बावजूद नई कारों की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मारुति सुजुकी के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, शशांक श्रीवास्तव का कहना है कि बुकिंग के आंकड़े दर्शाते हैं कि पूछताछ और मांग में लगातार मजबूती बनी हुई है, लेकिन ग्राहकों की मांग से हिसाब से गाड़ियां नहीं हैं, जिससे वेटिंग पीरियड बढ़ रहा है।
श्रीवास्तव का कहना है कि वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सप्लाई में दिक्कत का नकारात्मक असर कहीं मांग पर पड़ना न शुरू हो जाए। वे कहते हैं कि हम इस बात को लेकर थोड़े आशंकित हैं कि लंबी प्रतिक्षा अवधि का असर मांग के पैटर्न पर पड़ेगा, और इसका असर नकारात्मक हो सकता है। पैसेंजर व्हीकल्स की बात करें, तो गाड़ियों का वेटिंग पीरियड कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक हो सकता है, जो वैरिएंट या मॉडल पर निर्भर करता है।
ग्राहकों से संपर्क साध रही मारुति
श्रीवास्तव का कहना है कि हालांकि फिलहाल कोई बुकिंग रद्द नहीं हुई है, क्योंकि कंपनी डिलीवरी स्टेटस को लेकर लगातार ग्राहकों के साथ संपर्क कर रही है। कंपनी लगभग हर हफ्ते ग्राहकों के साथ संवाद करती है और उन्हें हर स्थिति के बारे में अपडेट कर रही है। वे कहते हैं कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ग्राहक भी इस बात को समझ रहे हैं और इसके लिए हन उनके आभारी हैं कि उन्होंने तमाम दिक्कतों के बावजूद बुकिंग रद्द नहीं कराई है।
श्रीवास्तव का कहना है कि मारुति सुजुकी इस स्थिति से निपटने के लिए जितना संभव हो उतना उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हालात में सुधार हो रहा है, लेकिन उन्हें सामान्य होने में थोड़ा वक्त लगेगा। सिर्फ मारुति ही नहीं बल्कि दुनिया भर के उद्योग में कई अन्य ओईएम सेमीकंडक्टर चिप संकट से प्रभावित हो रहे हैं। क्वैलकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो अमोन ने भी उम्मीद जताई है कि चिप शॉर्टेज की समस्या धीरे-धीरे सुधर रही है और अगले साल हालात सामान्य हो जाएंगे।
दो से तीन फीसदी तक महंगी हो सकती हैं गाड़ियां
वहीं चिप शॉर्टेज, लागत में बढ़ोतरी के बढ़ोतरी के चलते कार कंपनियां एक बार फिर वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं। हालांकि ये बढ़ोतरी 2022 से लागू होगी। साल 2021 में ही कई कार कंपनियां कम से कम 4-5 बार वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। टाटा मोटर्स, होंडा, रेनो, मारुति सुजुकी अगले साल जनवरी 2022 से गाड़ियां महंगी करने की तैयारी कर रही हैं। वहीं लग्जरी कारें बनाने वाली ऑडी और मर्सिडीज भी अगले महीने से गाड़ियों के दाम बढ़ाने का पहले ही एलान कर चुकी हैं। मारुति पहले ही कह चुकी है कि बढ़ी कीमतें मॉडल्स के हिसाब से अलग-अलग होंगी, वहीं मर्सिडीज बेंज का कहना है कि वह चुनिंदा मॉडल्स पर दो फीसदी तक दाम बढ़ाएगी। जबकि ऑडी तीन फीसदी तक दाम बढ़ाएगी।