'डीजल' बनीं Maruti Suzuki की CNG कारें: बिक्री का यह प्लान बना कंपनी के लिए फायदे का सौदा
मारुति सुजुकी ने देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को यह कह कर अचरज में डाल दिया था कि वह 24 अप्रैल 2019 से घरेलू बाजार में डीजल गाड़ियों की बिक्री बंद करने जा रही है। घरेलू बाजार में मारुति की डीजल कारों की हिस्सेदारी 22 फीसदी थी। देश में उस समय बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने वाले थे और मारुति को अपनी बीएस4 मानक वाली डीजल गाड़ियों को बीएस6 कन्वर्ट करने में दिक्कत पेश हो रही थी...
विस्तार
हाल ही देश की तीसरे नंबर की वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने हाल ही में अपनी गाड़ियों Tata Tigor और Tata Tiago को सीएनजी विकल्प के साथ लॉन्च किया है। वहीं मारुति ने भी नेक्स्ट जनरेशन Maruti Celerio को सीएनजी के साथ उतारा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए कंपनियां अब सीएनजी चलित वाहनों पर दांव लगा रही हैं। वहीं देश में मारुति सुजुकी अकेली ऐसी कार कंपनी है जो अपनी छह कारों में सीएनजी का विकल्प दे रही है। वहीं अब सीएनजी मारुति सुजुकी के लिए फायदे का सौदा बन रही है।
24 अप्रैल 2019 को बंद की थी डीजल गाड़ियां
मारुति सुजुकी ने देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को यह कह कर अचरज में डाल दिया था कि वह 24 अप्रैल 2019 से घरेलू बाजार में डीजल गाड़ियों की बिक्री बंद करने जा रही है। घरेलू बाजार में मारुति की डीजल कारों की हिस्सेदारी 22 फीसदी थी। देश में उस समय बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने वाले थे और मारुति को अपनी बीएस4 मानक वाली डीजल गाड़ियों को बीएस6 कन्वर्ट करने में दिक्कत पेश हो रही थी। वहीं कंपनी ने उस समय ये भी फैसला किया था कि वह सीएनजी गाड़ियों पर फोकस करेगी। वहीं दिसंबर 2021 के आखिर तक सीएनजी विकल्प के साथ बिकने वाली गाड़ियों का मारुति की कारों की कुल बिक्री का 15 फीसदी तक पहुंच गया है।
वहीं सीएनजी की मांग लगातार बनी रहती है और मारुति की योजना लगातार सफल रहती है तो सीएनजी गाड़ियों की बिक्री तीन साल पहले डीजल गाड़ियों की कुल बिक्री के स्तर तक पहुंच जाएगी। वहीं कंपनी की योजना है कि अगले कुछ महीनों में वह तीन-चार वाहनों को सीएनजी विकल्प के साथ लॉन्च करेगी। मारुति के पोर्टफोलियो में इस समय 14 पैसेंजर गाड़ियां और दो कार्गो गाड़ियों हैं, वहीं कंपनी चाहती है कि उसकी सीएनजी बेड़े में कम से कम 10-10 मॉडल्स हों।
डिजायर सेडान टूर एस की सबसे ज्यादा बिक्री
कंपनी के मार्केटिंग और सेल्स के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव का कहना है कि वर्तमान में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री का हिस्सा 15 फीसदी है, जबकि तीन साल पहले डीजल गाड़ियों की बिक्री का कुल हिस्सा 22 फीसदी था। वहीं पोर्टफोलियो और मार्केट एक्सपेंशन के बाद सीएनजी का तक पहुंच जाएगा। मारुति की सबसे ज्यादा बिकने वाली सीएनजी गाड़ियों में डिजायर सेडान का टूर एस मॉडल है, जिसकी हिस्सेदारी 78 फीसदी है, वहीं उसके बाद पर्सनल व्हीकल सेगमेंट में अर्टिगा की हिस्सेदारी 46.4 फीसदी है।
अभी तक घरेलू बाजार में पैसेंजर व्हीकल्स की बात करें, तो मारुति सुजुकी और ह्यूंदै मोटर इंडिया ही अपनी गाड़ियों को फैक्टरी फिटेड सीएनजी सिस्टम के साथ बेच रही हैं। टाटा मोटर्स इस सेगमेंट में एंट्री करने वाली तीसरी कंपनी है जिसने टियागो और टिगोर को सीएनजी किट के साथ उतारा है। टाटा मोटर्स को उम्मीद है कि इनमें से प्रत्येक मॉडल की बिक्री में सीएनजी वैरिएंट का योगदान लगभग 30 फीसदी होगा। 2020-21 में देश के घरेलू बाजार में सीएनजी चलित पैसेंजर वाहनों की हिस्सेदारी 172,000 यूनिट्स की रही है। चालू वित्त वर्ष के दौरान यह 160,000 यूनिट्स को पार कर गया। अप्रैल-दिसंबर 21 के दौरान 132,000 यूनिट्स की बिक्री के साथ, मारुति सुजुकी की सीएनजी सेगमेंट में 82.5 फीसदी बाजार हिस्सेदारी थी। वहीं टाटा मोटर्स की एंट्री के बाद इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और बढ़ेगी।
वहीं सीएनजी सेगमेंट के तेजी से बढ़ने की वजह पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें हैं। इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतों लगभग बराबर हो गई हैं, जिसके चलते पर्सनल व्हीकल्स मालिक भी सीएनजी गाड़ियों को तरजीह दे रहे हैं या अपनी गाड़ियों में सीएनजी किट लगवा रहे हैं। वहीं सरकार की भी योजना है कि सीएनजी नेटवर्क को बढ़ा कर 10 हजार स्टेशंस करना चाहती है।
2.5 लाख सीएनजी वाहन बेचने की योजना
मारुति सुजुकी को उम्मीद है कि 2022 में भी सीएनजी वाहनों का बाजार रफ्तार पकड़ेगा। कंपनी की योजना चालू वित्त वर्ष में ढाई लाख सीएनजी वाहनों को बेचने की है। हालांकि महामारी का असर कंपनी के प्रोडक्शन और बिक्री पर पड़ा है, जिसके चलते यह इतनी संख्य़ा तक पहुंचना असंभव लग रहा है। श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना की दूसरी वेव में तीन महीनों के लिए सभी सीएनजी सिलंडर्स को ऑक्सीजन सप्लाई में तब्दील कर दिया गया था, जिसके चलते सीएनजी का उत्पादन नहीं हुआ। जिसके चलते सीएनजी वाहनों की बुकिंग पेंडिंग हो गई और वेटिंग पीरियड लंबा हो गया।
मारुति सुजुकी के लिए, सीएनजी वाहनों की मांग उसे डीजल पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट के बंद होने से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने में मदद कर रही है। हालांकि बाजार में डीजल वाहनों की मांग में गिरावट आ रही है, लेकिन कुछ ऐसे सेगमेंट हैं जहां मारुति सुजुकी डीजल वाहनों की कमी के कारण बिक्री के मौके खो रही है।
सीएनजी और पेट्रोल गाड़ियों पर फोकस
Hyundai Creta, Tata Harrier, और Kia Seltos जैसे खिलाड़ियों के साथ मिडसाइज़ SUV सेगमेंट में लगभग 57 फीसदी बिक्री डीजल गाड़ियों की होती है। इसके विपरीत, मारुति सुजुकी के सबसे पॉपुलर सेगमेंट में, डीजल की हिस्सेदारी लगभग एक फीसदी होने का अनुमान है। आने वाले समय में इस गैप को पूरा करने के लिए मारुति सुजुकी बाजार में एक या दो मिडसाइज पेट्रोल एसयूवी/एसयूवी पेश कर सकती है। वहीं अकेले सीएनजी एसयूवी के लिए फिलहाल कोई बाजार नहीं है। लेकिन बाकी पैसेंजर व्हीकल मार्केट में सीएनजी पैसेंजर व्हीकल्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में, सीएनजी/बायो-सीएनजी, और हाइब्रिड भविष्य के एनर्जी-मिक्स बाजार का हिस्सा होंगे और सबसे बड़ी कंपनी होने के नाते मारुति सुजुकी इस ट्रेंड को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकती है। अभी अफोर्डेबिलिटी मारुति सुजुकी के लिए प्रमुख है, इलेक्ट्रिक वाहन अभी तक कंपनी की प्राथमिकता में नहीं हैं। इसके बजाय, कुछ समय के लिए मारुति सुजुकी पेट्रोल और सीएनजी के अलावा माइल्ड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड एनर्जी-मिक्स व्हीकल्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकती हैं।