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ज्यादा टैक्स के कारण लोग नहीं खरीद पा रहे हैं नई कार: मारुति सुजुकी
Wed, 05 Aug 2020 03:18 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 05 Aug 2020 03:18 PM IST
सार
- वर्तमान में चार मीटर से कम लंबाई वाले पेट्रोल पैसेंजर वाहन पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है, वहीं चार मीटर से अधिक लंबी एसयूवी पर 22 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है।
- मारुति सुजुकी इंडिया के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने कहा है कि भारत में प्रति व्यक्ति आय बहुत कम है, यह कई महत्वाकांक्षी कार मालिक बनने के इच्छुक लोगों के लिए एक सामर्थ्य का मुद्दा है।
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Maruti Suzuki India
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भारत में कारों पर वसूला जाने वाला टैक्स, दुनिया के किसी भी अन्य वाहन विनिर्माण देश की तुलना में अधिक है। इसकी वजह से कार खरीदने के कई इच्छुक लोग कार के मालिक नहीं बन पाते। Maruti Suzuki India (MSI), मारुति सुजुकी इंडिया के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने यह बात कही है।
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Maruti Suzuki India Ltd Chairman RC Bhargava
- फोटो : PTI
अगर देश के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान 2025 तक 25 फीसदी तक पहुंचना है, तो कार की बिक्री तेजी से बढ़ाने की जरूरत है, उन्होंने 2019-20 के लिए कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा।
उच्च टैक्स पर टिप्पणी करते हुए, भार्गव ने कहा, "2019-20 से पहले भी, भारत में कारों पर टैक्स दुनिया के किसी भी अन्य कार विनिर्माण देश की तुलना में कहीं अधिक था। यूरोपीय संघ (ईयू) में, वैट 19 फीसदी है और इसके अलावा कोई अन्य टैक्स नहीं है। जापान में यह टैक्स लगभग 10 फीसदी है।
उच्च टैक्स पर टिप्पणी करते हुए, भार्गव ने कहा, "2019-20 से पहले भी, भारत में कारों पर टैक्स दुनिया के किसी भी अन्य कार विनिर्माण देश की तुलना में कहीं अधिक था। यूरोपीय संघ (ईयू) में, वैट 19 फीसदी है और इसके अलावा कोई अन्य टैक्स नहीं है। जापान में यह टैक्स लगभग 10 फीसदी है।
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Maruti Suzuki XL6
- फोटो : Amar Ujala
"भारत में प्रति व्यक्ति आय बहुत कम है, यह कई महत्वाकांक्षी कार मालिक बनने के इच्छुक लोगों के लिए एक सामर्थ्य का मुद्दा है।"
उन्होंने आगे कहा कि 2019-20 में, कार खरीदने की लागत में बढ़ने, लोन मिलने में अन्य कठिनाइयों के साथ होने से बिक्री में गिरावट आई। यह साबित हो गया था कि मांग की कीमत लोच (प्राइस इलास्टिसिटी) एक वास्तविक अवधारणा है।
"यह बहुत स्पष्ट है कि अगर विनिर्माण क्षेत्र एक ऐसी दर से बढ़ना है जो 2025 तक भी सकल घरेलू उत्पाद के 25 प्रतिशत तक अपना योगदान देगा, तो कार की बिक्री अतीत की तुलना में बहुत अधिक दर से बढ़नी चाहिए। कार उद्योग का गठन होता है। उन्होंने कहा कि कार उद्योग से ऑटो सेक्टर का 50 फीसदी हिस्सा बनता है, जो जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 40 फीसदी का योगदान देता है।
उन्होंने आगे कहा कि 2019-20 में, कार खरीदने की लागत में बढ़ने, लोन मिलने में अन्य कठिनाइयों के साथ होने से बिक्री में गिरावट आई। यह साबित हो गया था कि मांग की कीमत लोच (प्राइस इलास्टिसिटी) एक वास्तविक अवधारणा है।
"यह बहुत स्पष्ट है कि अगर विनिर्माण क्षेत्र एक ऐसी दर से बढ़ना है जो 2025 तक भी सकल घरेलू उत्पाद के 25 प्रतिशत तक अपना योगदान देगा, तो कार की बिक्री अतीत की तुलना में बहुत अधिक दर से बढ़नी चाहिए। कार उद्योग का गठन होता है। उन्होंने कहा कि कार उद्योग से ऑटो सेक्टर का 50 फीसदी हिस्सा बनता है, जो जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 40 फीसदी का योगदान देता है।
maruti suzuki alto 800 india
वर्तमान में चार मीटर से कम लंबाई वाले पेट्रोल पैसेंजर वाहन पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है, वहीं चार मीटर से अधिक लंबी एसयूवी पर 22 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है।
महामारी के प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए, भार्गव ने कहा, "वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही कोविड-19 महामारी ने ऑटो सेक्टर के संकट को और बढ़ा दिया।"
25 मार्च, 2020 से लॉकडाउन ने सभी कंपनियों की बिक्री योजनाओं को बाधित कर दिया क्योंकि मार्च का आखिरी सप्ताह हमेशा महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा, "अप्रैल में कोई उत्पादन नहीं हो सकता था और मई 2020 में उत्पादन बहुत सीमित था। क्योंकि सभी नियमों का पालन और कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत थी और जून का उत्पादन बेहतर था।"
महामारी के प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए, भार्गव ने कहा, "वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही कोविड-19 महामारी ने ऑटो सेक्टर के संकट को और बढ़ा दिया।"
25 मार्च, 2020 से लॉकडाउन ने सभी कंपनियों की बिक्री योजनाओं को बाधित कर दिया क्योंकि मार्च का आखिरी सप्ताह हमेशा महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा, "अप्रैल में कोई उत्पादन नहीं हो सकता था और मई 2020 में उत्पादन बहुत सीमित था। क्योंकि सभी नियमों का पालन और कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत थी और जून का उत्पादन बेहतर था।"
Maruti Vitara Brezza
- फोटो : Amar Ujala
भार्गव ने कहा कि एमएसआई को उम्मीद है कि "जैसे ही स्थिति में सुधार होता है और श्रमिक अपने गांवों से लौटते हैं, धीरे-धीरे उत्पादन और बिक्री बढ़ेगी।"
वर्तमान स्थिति पर भार्गव ने कहा, "वर्तमान में, बाजार छोटी हैचबैक, पेट्रोल और सीएनजी कारों के लिए मुफीद लग रही है। सौभाग्य से, हम ऐसे उत्पादों के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।"
ऑटो प्रमुख ने कहा कि अगर डीजल वाहनों की मांग आगे बढ़ती है तो वह डीजल सेगमेंट में वापसी कर सकता है।
वर्तमान स्थिति पर भार्गव ने कहा, "वर्तमान में, बाजार छोटी हैचबैक, पेट्रोल और सीएनजी कारों के लिए मुफीद लग रही है। सौभाग्य से, हम ऐसे उत्पादों के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।"
ऑटो प्रमुख ने कहा कि अगर डीजल वाहनों की मांग आगे बढ़ती है तो वह डीजल सेगमेंट में वापसी कर सकता है।