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Maruti Suzuki के चेयरमैन आरसी भार्गव ने माना, ओला, उबर की वजह से आई कार बाजार में मंदी
Thu, 19 Sep 2019 10:55 PM IST
Bani Kalra
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Published by: Bani Kalra
Updated Thu, 19 Sep 2019 10:55 PM IST
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Maruti Suzuki Chairman RC Bhargava
- फोटो : Social
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अभी हाल ही में अपने एक बयान में कहा था कि ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए एप बेस्ड कैब सेवा कंपनी ओला और उबर को जिम्मेदार हैं। सीतारमण के अनुसार, भारत के युवा अपनी गाड़ी खरीदकर EMI भरने की बजाए ओला, उबर कार सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीतारमण के इस बयान पर मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने समर्थन किया है। एक अखबार को दिए इंटरव्यू में आरसी भार्गव ने कहा कि वित्त मंत्री की बात 100 फीसदी सही है। क्योंकि देश के युवा कार खरीदने की बजाय ओला या उबर कैब का इस्तेमाल करके अपनी पसंद के गैजेट्स के लिए पैसे बचा सकते हैं।
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आरसी भार्गव ने यह भी कहा कि युवा नए स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं। अपने दोस्तों से साथ बाहर रेस्टोरेंट जाना पसंद करते हैं। ऐसे में एक नई कार खरीदने की वजह से इन कामों के लिए पैसे बचाना उनके लिए थोड़ा मुश्किल भरा होता है। क्योंकि इनका मासिक वेतन बहुत अधिक नहीं होता। इसलिए युवा एक नई कार खरीदने की जगह अच्छा वक्त बिताने को प्राथमिकता देते हैं, उनके पास कैब का अच्छा और सस्ता विकल्प जो है।
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वही सीतारमण के बयान पर मारुति सुजुकी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (मार्केटिंग एंड सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने कुछ दिन पहले कहा था कि ओला और उबर तो पिछले 6-7 साल से हैं। और उस दौरान ऑटो इंडस्ट्री ने अच्छा समय देखा था। ऐसे में ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए सिर्फ ओला-उबर को नहीं माना जा सकता।
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गाड़ियों की बिक्री घटने की वजह से इंडस्ट्री के कई लोग अस्थाई तौर जीएसटी घटाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आरसी भार्गव ने कहा कि ऐसा करने से कोई फायदा नहीं होगा। भार्गव ने यह भी कहा कि गाड़ियों की कीमतें बढ़ने के अनुपात में लोगों की खरीद क्षमता नहीं बढ़ी। नए नियमों की वजह से गाड़ियां महंगी हुई हैं। ऐसे में ज्यादातर लोगों ने कार खरीदने की योजना को टाल दिया है।