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Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   It is Right time to buy new car or bike, debunk the Myths and Confusion on BS6, BS4 Fuel and Engine

नई कार या बाइक खरीदने का यह है बिल्कुल सही समय, क्योंकि दोबारा नहीं मिलेगा ऐसा मौका

Mon, 02 Sep 2019 05:37 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 02 Sep 2019 05:37 PM IST
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It is Right time to buy new car or bike, debunk the Myths and Confusion on BS6, BS4 Fuel and Engine
BS6 Engine cars - फोटो : AmarUjala

पिछले 19 सालों में देश का ऑटो सेक्टर मंदी से डूबा हुआ है और गाड़ियों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। हालांकि गाड़ियों की घटती बिक्री में पूरी दुनिया में छाई मंदी और महंगी ब्याज दरें भी वजह हैं। वहीं ऑटो कंपनियों का मानना है कि बीएस-6 उत्सर्जन मानकों के चलते लोग गाड़ी खरीदने में परहेज कर रहे हैं। इन भ्रम और मिथकों से जुड़े तमाम सवाल ग्राहकों को परेशान कर रहे हैं, जानतें है कि क्या यह कार खरीदने का सही समय है...

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पूरा करेंगी रजिस्ट्रेशन अवधि

लोगों में पहला भ्रम यह है कि अगले साल अप्रैल 2020 से नए बीएस-6 उत्सर्जन मानक लागू होने हैं। उन्हें डर है कि कि नए मानक लागू होने के बाद बीएस-4 वाली गाड़ियां सड़क पर नहीं चलेंगी। लेकिन यह घबराहट बेवजह है क्योंकि आज भी सड़कों पर बीएस-3 गाड़ियां दौड़ रही हैं। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया था कि मार्च 2020 तक खरीदी गईं बीएस-4 गाड़ियां अपनी रजिस्ट्रेशन अवधि को पूरा करेंगी, यानी पेट्रोल गाड़ियां 15 साल तक दौड़ती रहेंगी।
 

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महंगी बीएस-6 गाड़ियां

अभी ऑटो कंपनियां बीएस-4 और बीएस-6 इंजन वाली गाड़ियों पर अच्छा खासा डिस्काउंट दे रही हैं। मारुति और ह्यूंदै ने अपने कई मॉडल्स को बीएस-6 इंजन देना शुरू कर दिया है। लेकिन जैसे ही बीएस-6 लागू होने की डेडलाइन अप्रैल 2020 नजदीक आएगी, वैसे ही कंपनियां डिस्काउंट खत्म कर देंगी और महंगी कीमतों पर गाड़ियां खरीदनी पड़ेंगी। वैसे भी बीएस-6 इंजन वाली डीजल गाड़ियों की कीमत एक से डेढ़ लाख और पेट्रोल गाड़ियां की कीमतों में 20 से 50 हजार रुपये तक बढ़ जाएंगी। हाल ही में लॉन्च ह्यूंदै ग्रैंड i10 Nios को बीएस-6 इंजन के साथ लॉन्च किया गया है और इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से शुरू है।
 

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क्या बीएस-4 गाड़ियों में भरवा सकेंगे बीएस-6 ईंधन?

बाजार में एक भ्रम फैलाया जा रहा है कि बीएस-4 वाहनों में बीएस-6 ईंधन नहीं भरवा सकते और इससे इंजन खराब हो सकता है। असलियत यह है कि पेट्रोल कारों में बीएस-4 वाहनों में बीएस-6 ईंधन भरवाया जा सकता है। देश के कई शहरों में अब बीएस-6 ईंधन मिलना शुरू भी हो गया है। वहीं डीजल ईंजन की बात करें, तो अगर आपके पास बीएस-6 इंजन वाली डीजल गाड़ी हैं और आप उसमें बीएस-4 डीजल भरवाते हैं, तो उसे नुकसान पहुंच सकता है।

बीएस-4 और बीएस-6 ईंधन में सल्फर की कम मात्रा का अंतर है। बीएस-6 ईँधन में 10 पीपीएम सल्फर होता है, जबकि बीएस-4 में यह मात्रा 50 पीपीएम होती है। खास बात यह है कि डीजल वाहनों को आसानी से चलाने में सल्फर की अहम भूमिका होती है।
 

क्या बीएस-6 गाड़ियों में भरवा सकेंगे बीएस-6 ईंधन?

अगर आपने बीएस-6 इंजन वाली कार खरीद ली है और आप पंप पर तेल भरवाने जाते हैं। वहीं केवल बीएस-4 ईंधन ही उपलब्ध हैं। पुरानी पीढ़ी के फ्यूल से आपकी नई बीएस-6 पेट्रोल कार पर कोई खास नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर डीजल कार है, तो कई दिक्कतें हो सकती हैं। बीएस-6 डीजल इंजन में सेलेक्टिव कैटालिटिक रिडक्शन तकनीक होती है, हाई सल्फर वाला डीजल उसे नुकसान दे सकता है और डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर भी खराब कर सकता है।    
 

ऐसा डिस्काउंट फिर नहीं मिलेगा

ऑटो सेक्टर अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। डीलरों के पास इंवेंट्री का ढेर हैं, जिसके चलते कार बनाने वाली कंपनियां कुछ मॉडल्स पर जबरदस्त डिस्काउंट दे रही हैं। लगभग सभी कार कंपनियां मारुति, ह्यूंदै, टाटा, टोयोटा, होंडा, फॉक्सवैगन, महिंद्रा और स्कोडा अपनी गाड़ियों पर पांच लाख रुपये का डिस्काउंट ऑफर कर रही हैं।
 

महंगा ईंधन, कम माइलेज

अगले साल एक अप्रैल 2020 से देश में केवल बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाले वाहन ही बिकेंगे।  नई टेक्नोलॉजी के आने से वाहनों की कीमतों में तो बढ़ोतरी होगी ही, साथ ही ईँधन की कीमतें भी बढ़ेंगी। दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों पर बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाला ईंधन बिकना शुरू हो गया है और फिलहाल अभी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन नए मानक आने के बाद ईंधन में एक से दो रुपये की बढ़ोतरी की जा सकती है। इसकी वजह है नई टेक्नोलॉजी के चलते कंपनियों की इनपुट लागत में बढ़ोतरी होना है। वहीं जरूरी बात यह है कि बीएस-6 ईंधन और इंजन वाली गाड़ी पहले के मुकाबले कम माइलेज देगी।
 

रजिस्ट्रेशन चार्जेज में बढ़ोतरी

ऑटो सेक्टर में छाई मंदी को देखते हुए सरकार ने गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी को टाल दिया है। जुलाई में सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राफ्ट अधिसूचना जारी करके इंटरनल कंबशन इंजन वाली कारों की रजिस्ट्रेशन फीस में 5,000 रुपये तक करने का प्रस्ताव दिया था। फिलहाल यह राशि 600 रुपये है। इसके अलावा इंटरनल कंबशन इंजन वाली कारों के रजिस्ट्रेशन री-न्यू करवाने की फीस बढ़ाकर 15000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया था। माना जा रहा है कि जैसे ही ऑटो सेक्टर की सेहत में थोड़ा सुधार होता दिखाई देगा, सरकार फीस बढ़ा सकती है।

सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक पेट्रोल और डीजल से चलने वाले दोपहिया वाहनों पर रजिस्ट्रेशन फीस 1,000 रुपये, तिहपिया वाहनों पर 5,000 रुपये और कमर्शियल लाइट मोटर व्हीकल्स पर 10,000 और मध्यम श्रेणी के भारी वाहनों और यात्री वाहनों पर 20,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस की जानी चाहिए।                             
 

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