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चिप संकट का असर: वाहन कंपनियों के लिए 10 साल की सबसे खराब दिवाली
Wed, 10 Nov 2021 01:26 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 10 Nov 2021 01:26 AM IST
सार
उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नवरात्र से दिवाली तक का समय वाहनों की बिक्री के लिए सबसे अच्छा समय होता है। लेकिन 30 दिन की इस अवधि में वाहनों के पंजीकरण में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले दहाई अंकों में गिरावट आई।
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वाहनों की बिक्री में गिरावट (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वाहनों की बिक्री के लिहाज से ऑटो कंपनियों के लिए यह दिवाली 10 साल में सबसे खराब रही। खासकर उत्तर भारत में वाहनों की मांग सबसे कमजोर रही, जहां अमूमन लोग नई कार खरीदने के लिए दिवाली का इंतजार करते हैं।
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उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नवरात्र से दिवाली तक का समय वाहनों की बिक्री के लिए सबसे अच्छा समय होता है। लेकिन 30 दिन की इस अवधि में वाहनों के पंजीकरण में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले दहाई अंकों में गिरावट आई। आपूर्ति की कमी के कारण यात्री वाहन सेगमेंट को नुकसान हुआ है। चिप की कमी के कारण वाहन कंपनियों को उत्पादन में भारी कमी करनी पड़ी।
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दोपहिया वाहनों की मांग में भी अप्रत्याशित कमी देखने को मिली। सूत्रों के मुताबिक, इस बार त्योहारी सीजन में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री एक तिहाई घटी है। इस दौरान करीब 3,05,000 यात्री वाहन डीलरों को भेजे गए, जबकि 2020 की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,55,000 इकाई था। वहीं, सरकार के वाहन पोर्टल के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में कुल 2,38,776 वाहन बिके, जो 2020 की समान अवधि में बिके 3,05,916 वाहनों के मुकाबले 22 फीसदी कम है। वाहन पोर्टल देश के 85 फीसदी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के आंकड़े जुटाता है।
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दोपहिया और ट्रैक्टर में भी गिरावट
त्योहारी सीजन में कुल 10.7 लाख दोपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 11 फीसदी कम है। इस दौरान ट्रैक्टर के पंजीकरण में भी 13 फीसदी की गिरावट रही, जो बताता है कि ग्रामीण इलाकों में भी दबाव की स्थिति रही।
तिपहिया बिक्री में 67 फीसदी इजाफा
यात्री और दोपहिया वाहनों में गिरावट के बीच त्योहारी सीजन में हैवी गुड्स व्हीकल और तिपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में क्रमश: 88 फीसदी एवं 67 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
यूपी में सबसे ज्यादा बिक्री, अन्य राज्यों में गिरावट
| राज्य | बिक्री |
| उत्तर प्रदेश | 3.5 फीसदी तेजी |
| महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल | 6-9 फीसदी गिरावट |
| दिल्ली, बिहार, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा | 15-22 फीसदी गिरावट |
(दिल्ली, बिहार, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा की वाहन बिक्री में 30 फीसदी हिस्सेदारी है)
ग्राहकों को डिलीवरी का इंतजार
यात्री वाहन डीलरों के पास अक्तूबर अंत तक आधे से भी कम सिर्फ 1.20 लाख इकाइयों के लिए ही कच्चा माल बचा था। इससे सिर्फ 8-10 दिनों की डिलीवरी को ही पूरा किया जा सका है। इस कारण त्योहारों से पहले बुक की गई कारों और एसयूवी की डिलीवरी के लिए ग्राहक इंतजार कर रहे हैं।