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कोरोना काल में बिक्री को बढ़ाने के लिए Honda Cars का मेगा प्लान, भारत को बनाएगी एक्सपोर्ट हब
Sun, 26 Jul 2020 03:55 PM IST
श्रीधर मिश्रा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Sun, 26 Jul 2020 03:55 PM IST
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सांकेतिक
- फोटो : Honda
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कोरोना काल में भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इस दौरान कुछ अच्छी खबरें भी सुनने को मिल रही हैं। इस बार यह अच्छी खबर होंडा कार्स की तरफ से आई है। दरअसल कंपनी भारत को अपना एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारी कर रही है। यानी कंपनी भारत में कारों को बना कर दूसरे देशों में निर्यात करने का मेगा प्लान बना रही है। यह खबर इसलिए भी खास है, क्योंकि कंपनी ने वाहनों को निर्यात करने के लिए पहले भारत को फोकस करने से मना कर दिया था। लेकिन अब होंडा कार्स भारत को एक्सपोर्ट के लिए अपना स्ट्रेटेजिक पार्टनर बना रही है।
स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पहल के तौर पर होंडा कार्स अपनी नई वर्जन वाली होंडा सिटी (Honda City) सिडान को भारत में बना कर दूसरे देशों में निर्यात करेगी। बता दें कि होंडा भारत में अपने कारखानों में 2.8 लाख यूनिट का प्रोडक्शन कर सकती है। भारत में होंडा के दो मैनुफेक्चरिंग प्लांट हैं, जहां हर साल 2.8 लाख कारों को बनाया जा सकता है। इनमें से एक मैनुफेक्चरिंग प्लांट उत्तर प्रदेश के ग्रैटर नोएडा में है। वहीं, दूसरा मैनुफेक्चरिंग प्लांट राजस्थान के टपूकड़ा में है।
SIAM के मुताबिक साल 2019 में होंडा के कुल 1 लाख से ज्यादा पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई थी। इस दौरान कंपनी की बिक्री में 44 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जबकि, इंडस्ट्री में 18 फीसदी की गिरावट देखी गई थी। वहीं, कंपनी ने 3,774 वाहनों का निर्यात किया था, जो 230 करोड़ रुपये का टर्नओवर था। साल 2019 में कंपनी के निर्यात में 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
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भारत से बाहर निर्यात के पीछे कंपनी का मकसद पोडक्शन और सेल्स की दूरी को पूरा करना है। यही कारण है कि कंपनी अब भारतीय बाजार में बिक्री के साथ भारत से बाहर भी एक्सपोर्ट करने पर आक्रमक रणनीति अपनाने जा रही है।
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स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पहल के तौर पर होंडा कार्स अपनी नई वर्जन वाली होंडा सिटी (Honda City) सिडान को भारत में बना कर दूसरे देशों में निर्यात करेगी। बता दें कि होंडा भारत में अपने कारखानों में 2.8 लाख यूनिट का प्रोडक्शन कर सकती है। भारत में होंडा के दो मैनुफेक्चरिंग प्लांट हैं, जहां हर साल 2.8 लाख कारों को बनाया जा सकता है। इनमें से एक मैनुफेक्चरिंग प्लांट उत्तर प्रदेश के ग्रैटर नोएडा में है। वहीं, दूसरा मैनुफेक्चरिंग प्लांट राजस्थान के टपूकड़ा में है।
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SIAM के मुताबिक साल 2019 में होंडा के कुल 1 लाख से ज्यादा पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई थी। इस दौरान कंपनी की बिक्री में 44 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जबकि, इंडस्ट्री में 18 फीसदी की गिरावट देखी गई थी। वहीं, कंपनी ने 3,774 वाहनों का निर्यात किया था, जो 230 करोड़ रुपये का टर्नओवर था। साल 2019 में कंपनी के निर्यात में 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
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भारत से बाहर निर्यात के पीछे कंपनी का मकसद पोडक्शन और सेल्स की दूरी को पूरा करना है। यही कारण है कि कंपनी अब भारतीय बाजार में बिक्री के साथ भारत से बाहर भी एक्सपोर्ट करने पर आक्रमक रणनीति अपनाने जा रही है।