लगातार ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सरकार नए-नए कानून बना रही है। हाल ही में सरकार ने फिलहाल इस्तेमाल हो रहे लेमिनेटेड ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल बंद करने को लेकर कवायद शुरू की तो नए ड्राइविंग लाइसेंस पर एक क्यूआर कोड अंकित करने की प्रक्रिया पर भी मुहर लगा दी।
वहीं कुछ समय पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हाल ही में कहा है कि सरकार जल्द ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने को अनिवार्य करने वाली है। जिससे दुर्घटना के दौरान कसूरवार व्यक्ति मौके से भाग जाने पर भी आधार से उसकी जानकारी निकालकर उस तक पहुंचा जा सकेगा।
वहीं अगर आपकी उम्र 16 साल है और आप भी घर के लोगों की तरह मोटरसाइकिल, स्कूटर और स्कूटी जैसे दो पहिया वाहन चलाना चाहते हैं तो केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की उम्र अब 18 साल से घटाकर 16 साल करने की तैयारी पूरी कर ली है। शर्त बस ये होगी कि दो पहिया वाहन 50 सीसी से अधिक नहीं होने चाहिए। इसी के साथ वाहनों की अधिकतम रफ्तार भी तय होगी। इस तरह के वाहनों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा वाहन की इंजन क्षमता 4.0 किलोवॉट तक सीमित होगी।
इसके अलावा केन्द्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के नियम 139 के तहत इस संशोधन को भी पारित कर दिया गया है। कि अब आपके पास अगर गाड़ी से जुड़े कागजात की सिर्फ इलेक्ट्रिानिक कॉपी है तो आपको पहले की तरह किसी तरह का चालान नहीं भरना पड़ेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यदि ट्रैफिक पुलिस या वर्दी में मौजूद कोई भी पुलिस अधिकारी आपसे कागजात मांगता है तो आप जरूरी नहीं कि आपको उसे कागजात ही दिखाने पड़े।
वहीं उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नई व्यवस्था के लागू होने से लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।सारथी सॉफ्टवेयर के जरिए जारी होने वाले स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस का काम निक्सी कंपनी के पास है। नए अनुबंध में डीएल आवेदन के प्रपत्रों की जांच आरटीओ कर्मी नहीं बल्कि एजेंसी के कर्मचारी करेंगे।
इसके बाद केंद्रीकृत डीएल जारी करने की तैयारी है और इसके लिए जिला मुख्यालय के अधिकारियों से भी सुझाव मांगे गए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक दिन में डाटा परिवहन आयुक्त कार्यालय पहुंचेगा। दूसरे दिन डीएल ऑल इंडिया रजिस्ट्रर में दर्ज होगा। तीसरे दिन डीएल मुख्यालय से जारी होगा। अगले चार दिनों के अंदर डीएल आपके घर के पते पर पहुंच जाएगा। यानि एक सप्ताह में डीएल घर पहुंचाने का दावा है।