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31 मार्च तक जरूर जोड़ लें पैन कार्ड से आधार, नहीं भऱ पाएंगे आयकर रिटर्न
Fri, 15 Feb 2019 05:27 PM IST
Harendra Chaudhary
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 15 Feb 2019 05:27 PM IST
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फाइल फोटो
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीडीटी का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए आधार-पैन लिंकिंग "अनिवार्य" है और इस प्रक्रिया को इस साल 31 मार्च तक "पूरा" किया जाना जरूरी है।
सीबीडीटी ने गुरुवार को जारी एक एडवाइजरी में सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 को दिए फैसले में आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। वहीं इस फैसले के बाद आयकर कानून 1961 की धारा-139एए के तहत सीबीडीटी के दिए 30 जून, 2018 को जारी आदेश मान्य हो जाता है। जिसके बाद 31 मार्च 2018 तक आधार-पैन कार्ड को जोड़ना अनिवार्य है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 6 फरवरी को दिए अपने आदेश में पुष्टि की थी कि पैन कार्ड के साथ आधार को लिंक करने के बाद ही आयकर रिटर्न भरी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने दोबारा यह फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ केंद्र की याचिका पर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में दो लोगों को 2018-19 का आयकर रिटर्न पैन को आधार से लिंक बिना फाइल करने की अनुमति दी थी।
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जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने कहा कि शीर्ष अदालत पहले ही इस मामले पर फैसला की है और उसने उसने आयकर की धारा 139एए को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 26 सितंबर को केंद्र की आधार योजना को संवैधानिक मान्यता देते हुए कुछ मामलों में जिनमें बैंक खातों, मोबाइल फोनों और स्कूलों में एडमिशन जैसे कुछ कामों में आधार जरूरी देने वाले प्रावधानों को रद्द कर दिया था।
पूर्व सीबीडीटी सुशील चंद्रा ने इस माह की शुरुआत में एक आयोजन में कहा था कि अब तक इनकम टैक्स विभाग 42 करोड़ पैन कार्ड जारी कर दिए हैं, जिसमें से सिर्फ 23 करोड़ पैन नंबर ही आधार से लिंक कराए जा सके हैं। उन्होंने कहा था कि आधार-पैन कार्ड से लिंक हैं और पैन कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक है। पैन को आधार से लिंक करवाने के बाद हमें खर्च करने का तरीका और दूसरी जानकारियां जैसे डुप्लीकेट पैन कार्डों के बारे में भी पता चल जाएगा।
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सीबीडीटी ने गुरुवार को जारी एक एडवाइजरी में सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 को दिए फैसले में आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। वहीं इस फैसले के बाद आयकर कानून 1961 की धारा-139एए के तहत सीबीडीटी के दिए 30 जून, 2018 को जारी आदेश मान्य हो जाता है। जिसके बाद 31 मार्च 2018 तक आधार-पैन कार्ड को जोड़ना अनिवार्य है।
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वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 6 फरवरी को दिए अपने आदेश में पुष्टि की थी कि पैन कार्ड के साथ आधार को लिंक करने के बाद ही आयकर रिटर्न भरी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने दोबारा यह फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ केंद्र की याचिका पर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में दो लोगों को 2018-19 का आयकर रिटर्न पैन को आधार से लिंक बिना फाइल करने की अनुमति दी थी।
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जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने कहा कि शीर्ष अदालत पहले ही इस मामले पर फैसला की है और उसने उसने आयकर की धारा 139एए को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 26 सितंबर को केंद्र की आधार योजना को संवैधानिक मान्यता देते हुए कुछ मामलों में जिनमें बैंक खातों, मोबाइल फोनों और स्कूलों में एडमिशन जैसे कुछ कामों में आधार जरूरी देने वाले प्रावधानों को रद्द कर दिया था।
पूर्व सीबीडीटी सुशील चंद्रा ने इस माह की शुरुआत में एक आयोजन में कहा था कि अब तक इनकम टैक्स विभाग 42 करोड़ पैन कार्ड जारी कर दिए हैं, जिसमें से सिर्फ 23 करोड़ पैन नंबर ही आधार से लिंक कराए जा सके हैं। उन्होंने कहा था कि आधार-पैन कार्ड से लिंक हैं और पैन कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक है। पैन को आधार से लिंक करवाने के बाद हमें खर्च करने का तरीका और दूसरी जानकारियां जैसे डुप्लीकेट पैन कार्डों के बारे में भी पता चल जाएगा।