फॉक्सवैगन : 2030 के अंत तक पांच हजार और नौकरियां खत्म करने का एलान, ई-वाहनों पर होगा ज्यादा जोर
कार निर्माता ऑटो कंपनी फॉक्सवैगन ने एक बयान जारी बताया कि वो अब से लेकर 2023 के अंत तक 5,000 नौकिरयां खत्म करने की योजना बना रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों को वित्त देने में लागत में कटौती के हिस्से के रूप में कंपनी ने यह फैसला लिया है।
कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 900 से ज्यादा कर्मचारियों को प्रारंभिक सेवानिवृत्त योजना का विकल्प दिया जाएगा, जबकि दूसरे किसी दूसरे कारण की वजह से कंपनी को छोड़ेंगे। बयान में कहा गया है कि कर्मचारियों को निकालने के पीछे की सबसे बड़ी वजह यही है कि कंपनी को अपनी लागत और खर्च का प्रबंध करना है।
कंपनी के मानव संसाधन निदेशक गुन्नार किलियन ने बयान में कहा कि इलेक्ट्रोमोबिलिटी और डिजिटलीकरण के विस्तार में कंपनी के हमारे उच्च स्तर के निवेश के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने आगे कहा कि फॉक्सवैगन ऑटोमोटिव परिवर्तन के अग्रणी के रूप में खुद को स्थापित करने में सक्षम रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि अब हम अपनी ताकत की स्थिति को और मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में आवश्यक निवेश को वित्त करने के लिए एक सख्त लागत प्रबंधन की निरंतरता की आवश्कता होगी। साल 2020 में, फॉक्सवैगन ने टोयोटा के कारण विश्व ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी शीर्ष रैंकिंग खो दी है।
कोरोना वायरस की वजह से फॉक्सवैगन कंपनी पर भी दूसरी ऑटो कंपनियों की तरह आर्थिक तौर पर बुरा प्रभाव पड़ा है लेकिन कंपनी ने कहा कि यह 2021 में कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि करते हैं। इस महीने की शुरुआत में, कंपनी ने कहा था कि ऐसी उम्मीद है कि 2030 तक कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन अपनी यूरोपीय बिक्री का 70 फीसदी हिस्सा बेचेगी।
कंपनी ने कहा कि यह प्रयास एक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें फॉक्सवैगन समूह ने यूरोपीय संघ में कठोर पर्यावरण नियमों का पालन करने के लिए 30 बिलियन यूरो से ज्यादा ई-मोबिलिटी में निवेश किया है।