ऑटो ट्रेंड: ईंधन के बढ़ते दामों के बावजूद महंगी SUV गाड़ियां बाजार में सुपरहिट, ग्राहकों का सेडान और हैचबैक कारों से छूटा मोह!
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2021 में 87,720 एसयूवी की बिक्री हुई थी। जबकि इस दौरान मात्र 64235 सेडान और हैचबैक कारों की बिक्री हुई। वहीं 2021-22 की दूसरी तिमाही में भी यह ट्रेंड बरकार रहा और 367457 एसयूवी की बिक्री हुई, जबकि 343939 यूनिट्स पैसेंजर कारें बिकीं...
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भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। गाड़ियों को लोगों की पसंद बदलती जा रही है। पहले जहां हैचबैक कारें लोगों की पहली पसंद होती थीं, वहीं अब उनकी जगह एसयूवी ले रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पेट्रोल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में हैचबैक कारें ज्यादा ईंधन की बचत करती हैं, लेकिन बावजूद इसके लोग अब एसयूवी पसंद कर रहे हैं, तो ज्यादा तेल की खपत करती हैं। पिछले पांच सालों में एसयूवी की बिक्री का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। पिछले महीने सितंबर के बिक्री के आंकड़ें देखें तो पैसेंजर व्हीकल्स में आधे से ज्यादा एसयूवी की बिक्री हुई। जुलाई से लेकर सितंबर तक यही ट्रेंड जारी रहा है और सेडान तथा हैचबैक कारों की बिक्री घटी है।
एसयूवी पहले पायदान पर
भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में लोगों में एसयूवी के प्रति ऐसा क्रेज पहली बार देखा जा रहा है। इन दिनों लगभग हर कार कंपनी ने बाजार में अपनी एसयूवी लॉन्च कर रखी है और सभी कंपनियों के बिक्री के आंकड़ों में एसयूवी पहले पायदान पर हैं। सियाम के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2021 में 87,720 एसयूवी की बिक्री हुई थी। जबकि इस दौरान मात्र 64235 सेडान और हैचबैक कारों की बिक्री हुई। वहीं 2021-22 की दूसरी तिमाही में भी यह ट्रेंड बरकार रहा और 367457 एसयूवी की बिक्री हुई, जबकि 343939 यूनिट्स पैसेंजर कारें बिकीं।
खत्म हुआ कीमतों का अंतर
लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि इस ट्रेंड के पीछे क्या वजह हैं। इसकी पहली वजह है एसयूवी के गिरते दाम। आज के समय में निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर जैसी सबकॉम्पैक्ट एसयूवी की कीमतें 6 लाख रुपये से शुरू हो जाती हैं, और 10 लाख रुपये तक जाती हैं। वहीं इसी दाम में हैचबैक कारें भी आ रही हैं, तो पहली प्राथमिकता एसयूवी को दे रहे हैं। वहीं देश में सड़कें पहले से बेहतर होती जा रही हैं, जिसे चलते लोग ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली गाड़ियां पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा एसयूवी दिखने में मॉडर्न लगती हैं, इनका डिजाइन लोगों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है। सबकॉम्पैक्ट सेगमेंट में सबसे ज्यादा मांग Maruti Brezza, Kia Sonet, Hyundai Venue और Tata Nexon जैसी एसयूवी की है।
लंबे इंतजार के लिए भी हैं तैयार
ऐसा नहीं है कि लोग 10 लाख रुपये तक वाली एसयूवी ही सबसे ज्यादा खरीद रहे हैं। बल्कि 10 लाख से ऊपर आने वाली एसयूवी की डिमांड भी जबरदस्त है। Hyundai Creta और Mahindra Thar दोनों ऐसी एसयूवी हैं जिन पर वेटिंग पीरियड 9 महीने को पार कर चुका है। इसके बावजूद इनके प्रति लोगों का क्रेज बरकरार है। क्रेटा और थार के अलावा किआ सेल्टोस, एमजी हेक्टर की भी जबरदस्त मांग है और लोग इनके लिए लाखों रुपये खर्च करने के साथ लंबा इंतजार करने के लिए भी तैयार हैं। वहीं लोग मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट के अलावा एक करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत में आने वाली एसयूवी पर भी खर्च कर रहे हैं। Mercedes GLS, Maybach, Audi E-tron, Range Rover, Lamborghini Urus बनाने वाली कार कंपनियों की बिक्री भी इस दौरान बढ़ी है।
फीचर नहीं फिर भी हिट
ऑटो सेक्टर के जुड़े लोग छोटी साइज और कम इंजन क्षमता वाली एसयूवी की पॉपुलैरिटी को लेकर अचंभे में हैं, क्योंकि इन छोटी एसयूवी में न तो इंजन पावर होती है और न ही 4X4 की क्षमता। ऑफरोडिंग के लिए भी ये बेकार हैं, यहां तक कि इनमें ज्यादा टॉर्क और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे फीचर भी नहीं मिलते हैं। लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल पैकेजिंग का जमाना है। एसयूवी वैल्यू फॉर मनी हैं, इनमें स्टाइल के साथ विजिबिलिटी, पावर और ज्यादा केबिन स्पेस मिलता है। ऐसे नहीं है कि एसयूवी की बिक्री का ट्रेंड केवल भारत में ही है, बल्कि चीन, अमेरिका, लैटिन अमेरिका और यूरोप में भी इनकी बिक्री बढ़ रही है। ऑटो कंपनियां भी इस ट्रेंड को बखूबी समझ रही हैं, यही वजह है कि हाल फिलहाल के दिनों में लॉन्च होने वाली ज्यादातर गाड़ियां एसयूवी ही थीं। इनमें MG Astor, Mahindra XUV700, Skoda Kushaq, VW Taigun, Hyundai Alcazar के अलावा Audi e-tron, Mercedes Maybach शामिल थीं, जो हाल ही में डेब्यू हुईं। इनमें हाल ही में लॉन्च हुई Mahindra XUV700 की दो राउंड की बुकिंग तो 50 हजार का आंकड़ा भी पार कर गई, जिसकी अनुमानित कीमत 10 हजार करोड़ रुपये है।