खरीदने जा रहे हैं पुरानी कार, जानें क्या है लोगों की पहली पसंद, पढ़ें पेट्रोल और डीजल कारों में किसकी है सबसे ज्यादा डिमांड
नई कारों के मुकाबले यूज्ड कार मार्केट में मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं होता है। वहीं लोगों ने ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों को ज्यादा पसंद किया...
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कोरोना काल में पुरानी कारों का बाजार तेजी से बढ़ा है। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लोगों ने पुरानी कारों को प्राथमिकता दी। वहीं यूज्ड कार मार्केट को लेकर एक खास ट्रेंड सामने आया है। लोगों ने पुरानी कारों को खरीदते वक्त ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों को खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।
लोअर सेगमेंट में अभी भी हॉट है मैनुअल ट्रांसमिशन
ऑनलाइन कार मार्केटप्लेस ड्रूम की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली पुरानी कारों की बिक्री जहां 2016 में 17 फीसदी थी, वहीं यह 2020 में बढ़ कर 37 फीसदी से ज्यादा हो गई है। जबकि न्यू कार मार्केट में यह अभी भी 20 फीसदी तक है। इस सर्वे रिपोर्ट में 20 हजार ऑटोमोबइल डीलर्स और 3.2 लाख वाहनों की बिक्री को शामिल किया गया है।
ड्रूम के मुताबिक नई कारों के मुकाबले यूज्ड कार मार्केट में मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं होता है। वहीं लोगों ने ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों को ज्यादा पसंद किया। वहीं मिड और हाई सेगमेंट में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की सबसे ज्यादा मांग रही, वहीं निचले सेगमेंट में अभी भी लोगों की पसंद मैनुअल ट्रासंमिशन बना हुआ है।
एसयूवी सेगमेंट में मैनुअल ट्रांसमिशन हिट
इसके अलावा मेट्रो और नॉन-मेट्रो बाजार में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की मांग लगभग 50:50 रही। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की सबसे ज्यादा मांग दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, मुंबई और हैदराबाद के अलावा इन शहरों में जयपुर, इंदौर, कोयंबटूर, मैंगलौर, अहमदाबाद और वारंगल में भी रही। इसके अलावा मेट्रो शहरों के साथ टियर-1 और 2 शहरों में भी सेडान कारों में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की मांग है। वहीं एसयूवी सेगमेंट की बात करें, तो अभी भी मैनुअल ट्रांसमिशमन की मांग बनी हुई है। इसकी वजह है कि क्योंकि इन कारों में अभी भी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन बेहद सीमित मात्रा में उपलब्ध है। महिंद्रा की यूज्ड कार में डील करने वाली फर्स्ट च्वाइस व्हील्स का भी कहना है कि ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
खास बात यह है कि नए और पुराने ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाले मॉडल्स की कीमतों में 30 से 40 फीसदी का अंतर है। हालांकि यह वाहन की उम्र पर भी बहुत ज्यादा निर्भर करता है। इस सेगमेंट में अभी भी ऑनलाइन यूज्ड कार रिटेर्लस पहले से ही काफी सक्रिय हैं। कार्स24 का कहना है कि हम 10 फीसदी ऑटोमैटिक कारें खरीदते हैं और यह साल दर साल लगातार बढ़ रहा है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले सालों में ऑटोमैटिक यूज्ड कारों की बिक्री दोगुनी रफ्तार से बढ़ेगी।
रॉकेट की रफ्तार से बढ़ी डीजल कारों की बिक्री
पिछले पांच सालों में पुरानी डीजल कारों की बिक्री बढ़ कर दोगुनी हो गई है। छोटे शहरों में रहने वाले लोग डीजल कारों को पसंद कर रहे हैं, क्योंकि वहां पर्यावरण नियम सख्ती से लागू नहीं है। जहां 20215 में पुरानी डीजल कारों की बिक्री 36 फीसदी थी, जो 2020 में बढ़ कर 65 फीसदी हो गई है। इसके पीछे मुख्य वजह पुरानी कारों के बाजार में डीजल कारों आवक में अप्रत्याशित वृद्धि है। क्योंकि ज्यादातर मेट्रो शहर पेट्रोल गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं।
वहीं यूज्ड कार मार्केट में पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले डीजल गाड़ियों के दाम तेजी से गिरे हैं। ड्रूम का कहना है कि 2020 में उनके प्लेटफॉर्म पर बिकने वाली डीजल गाड़ियों के औसत दामों में 15 फीसदी की गिरावट आई है, क्योंकि न्यू कार मार्केट में लोग पेट्रोल गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं। साथ ही, नॉन-मेट्रो शहरों में लोग अपनी ड्रीम एसयूवी को यूज्ड कार मार्केट से सस्ती दामों में खरीद रहे हैं। नॉन-मेट्रो शहरों में पेट्रोल के दाम ज्यादा होने से लोग डीजल गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं।