1 जुलाई से सभी कारों में लागू होंगे ये 5 सेफ्टी फीचर्स, इनके बिना कार चलाना होगा मुश्किल
देश में सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने नए दिशा-निर्देशों को जारी किया है, नए नियमों के मुताबिक अब हर कार में 5 तरह के सेफ्टी फीचर्स लगाना अनिवार्य होगा। इस सेफ्टी नार्म्स का नाम AIS-145 सेफ्टी नॉर्म्स रखा गया है। वही कार कंपनियों की माने तो नए नियम लागू होने से गाड़ियों की 30 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी हो जाएगी। आइये आपको बताते हैं। ऐसे में अगर आप एक नई कार खरीदने जा रहे हैं तो इन फीचर्स पर भी एक नजर डाल लीजिये।
1. एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS)
ABS यानी एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, आप सभी ने फीचर के बारे में सुना होगा। नए सेफ्टी नियमों के अनुसार अब यह फीचर सभी कारों के बेसिस मॉडल में भी आने लगा है। ABS की मदद से अचानक ब्रेक लगाने से गाड़ी स्लिप नहीं होती और आपको असरदार ब्रेकिंग मिलती है। साथ ही ड्राइवर का स्टियरिंग पर कंट्रोल बना रहेगा।
2. एयरबैग
कारों में एयरबैग्स पहले भी आते थे लेकिन सिर्फ टॉप मॉडल्स में। लेकिन नए नियमों के मुताबिक कम से कम ड्राइवर एयरबैग लगाना अनिवार्य होगा। लेकिन ध्यान रहे बेसिस मॉडल में सिर्फ ड्राइवर साइड ही एयरबैग मिलता है, थोड़े पैसे और खर्च करके आपको ड्राइवर साइड बैग्स की भी सुविधा मिलेगी। एयरबैग एक्सीडेंट के दौरान ड्राइवर का बचाव करता है।
3. स्पीड अलर्ट सिस्टम
अक्सर लोग खाली रोड्स पर हाई स्पीड में ड्राइव करने लगते हैं जिसकी वजह से कई बार हादसें हो जाते हैं। इन्हीं हादसों को रोकने के लिए सरकार ने 1 जुलाई 2019 से कार में ऑडिबल स्पीड अलर्ट सिस्टम लागू करने का फरमान जारी कर दिया है। जैसे ही आपकी कार 80 kmph की स्पीड क्रॉस करेगी तो कार में लगा डिवाइस बजने लगेगा एयर आपको स्पीड करने की हिदायत देगा।
4. सीट बेल्ट रिमाइंडर
सीट बेल्ट रिमांडर जैसा फीचर महंगी कारों में देखने को मिलता है लेकिन अब 1 जुलाई से यह सभी कारों में भी अनिवार्य हो जाएगा। कई बार देखने को मिला है की लोग बिना सीट बेल्ट लगाए कार चलाते हैं जोकि हादसों को अंजाम देता है। सीट बेल्ट सेफ्टी के लिहाज से बेहद जरूरी है, सीट बेल्ट रिमांडर की मदद से ड्राइव करते समय अगर आपके सीट बेल्ट नहीं लगाईं तो आपको बीप की आवाज़ सुनाई देगी।
5. रिवर्स पार्किंग अलर्ट सिस्टम
यह एक बेसिक फीचर है लेकिन काफी काम का है। अक्सर गाड़ी पार्क करते समय एक्सीडेंट के चांस बढ़ जाते हैं ऐसे में बचाव के लिए रिवर्स पार्किंग अलर्ट सिस्टम काफी कारगर साबित होता है। कैमरे और सेंसर की मदद से पीछे की जगह का पता चलता है।