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Auto Sector: 2026 में ऑटो और ईवी सेक्टर में स्थिर लेकिन सतर्क निवेश, EV में सबसे ज्यादा डील

Sat, 18 Apr 2026 06:31 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 18 Apr 2026 06:31 PM IST
सार

भारत के ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र में 2026 की शुरुआत स्थिर लेकिन सतर्क रही। निवेशकों का भरोसा बढ़ने के बावजूद सौदों की गतिविधियां चुनिंदा ही रहीं।

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Auto and EV Deal Activity Steady but Cautious in 2026, EV Investments Lead Growth
Auto Industry - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

2026 की शुरुआत भारत के ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सेक्टर के लिए संतुलित लेकिन सतर्क रही है। निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन बड़े और आक्रामक सौदों की बजाय कंपनियां सोच-समझकर निवेश कर रही हैं। हालिया आंकड़े बताते हैं कि बाजार में गतिविधि बनी हुई है, लेकिन ध्यान अब क्वालिटी और रणनीतिक निवेश पर है।
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क्या 2026 की शुरुआत में डील एक्टिविटी स्थिर रही?

ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के बीच ऑटो और ईवी सेक्टर में 35 सौदे दर्ज किए गए।
यह आंकड़ा पिछले तिमाही के लगभग बराबर है, लेकिन कुल सौदा मूल्य में गिरावट देखी गई है। इसकी बड़ी वजह बड़े अंतरराष्ट्रीय और बड़े स्तर के सौदों का कम होना है।
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क्या पब्लिक मार्केट में कोई बड़ी गतिविधि हुई?

इस तिमाही में पब्लिक मार्केट में कोई खास गतिविधि नहीं दिखी।
IPO या QIP जैसे बड़े फंड जुटाने वाले कदम नहीं उठाए गए, जो यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल अधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं।


विदेशी और बड़े निवेश में कमी क्यों आई?

आउटबाउंड डील वैल्यू में तेज गिरावट देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि बाजार अब एक सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि, इसके बावजूद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नई टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में निवेश जारी है।
 

मर्जर और एक्विजिशन (M&A) की स्थिति कैसी रही?

इस तिमाही में M&A गतिविधि कमजोर रही।
सिर्फ 7 डील हुईं, जो मुख्य रूप से छोटी और घरेलू स्तर की थीं।
इनका फोकस नई क्षमताओं को जोड़ने पर था, न कि बड़े विस्तार पर।


क्या प्राइवेट इक्विटी ने बाजार को संभाला?

प्राइवेट इक्विटी (PE) इस तिमाही में सबसे बड़ा निवेश स्रोत बनकर उभरा।
कुल 28 PE डील्स दर्ज की गईं, जिनकी वैल्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई।
यह दिखाता है कि निवेशक अभी भी सेक्टर में संभावनाएं देख रहे हैं, लेकिन चयनित क्षेत्रों में ही निवेश कर रहे हैं।
 
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किन सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश हुआ?

ईवी सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिला, जो कुल डील्स का बड़ा हिस्सा रहा।
इसके अलावा, मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस जैसे नए बिजनेस मॉडल्स में भी निवेश बढ़ा है।
वहीं, पारंपरिक ऑटो सेक्टर में निवेश अपेक्षाकृत कम रहा। क्योंकि इंडस्ट्री तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर बढ़ रही है।


क्या यह बदलाव भविष्य का संकेत है?

यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि ऑटो इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।
निवेशक अब उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जो भविष्य की तकनीक और सस्टेनेबल मोबिलिटी से जुड़े हैं।
आने वाले समय में ईवी और नई मोबिलिटी सेवाएं निवेश का मुख्य केंद्र बनी रह सकती हैं।

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