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घर के प्रवेश द्वार के बारे में क्या कहता है वास्तु शास्त्र का नियम
Tue, 11 Feb 2020 09:19 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 11 Feb 2020 09:19 AM IST
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vastu tips
वास्तु शास्त्र ज्योतिष का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वास्तु शास्त्र हमें घर की दिशाओं और घर में मौजूद चीजों पर पड़ने वाले सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं के बारे में बताता है। वास्तुशास्त्र में घर के प्रवेश द्वार के बारे में कई तरह के नियम है।
वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
किस दिशा में प्रवेश द्वार शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का प्रवेश द्वार उत्तर दिशा में होने पर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। प्रवेश द्वार कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। दक्षिण दिशा नर्क की दिशा मानी जाती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का प्रवेश द्वार उत्तर दिशा में होने पर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। प्रवेश द्वार कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। दक्षिण दिशा नर्क की दिशा मानी जाती है।
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मुख्य दरवाजे और खिड़कियां की दिशा- पूर्व
पूर्व की दिशा में सूर्योदय होने से इस तरफ से सकारात्मक व ऊर्जा से भरी किरणें हमारे घर में प्रवेश करती हैं। घर के मालिक की लंबी उम्र और संतान सुख के लिए घर के मुख्य दरवाजे और खिड़की का पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। बच्चों को भी इसी दिशा की ओर पढ़ाई करनी चाहिए। इस दिशा में दरवाजे पर मंगलकारी तोरण लगाएं तो इसका सकारात्मक प्रभाव और ज्यादा होता है।
पूर्व की दिशा में सूर्योदय होने से इस तरफ से सकारात्मक व ऊर्जा से भरी किरणें हमारे घर में प्रवेश करती हैं। घर के मालिक की लंबी उम्र और संतान सुख के लिए घर के मुख्य दरवाजे और खिड़की का पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। बच्चों को भी इसी दिशा की ओर पढ़ाई करनी चाहिए। इस दिशा में दरवाजे पर मंगलकारी तोरण लगाएं तो इसका सकारात्मक प्रभाव और ज्यादा होता है।
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- फोटो : social media
रसोईघर और टॉयलेट की दिशा- पश्चिम
पश्चिम दिशा की जमीन का ऊँचा होना आपकी सफलता व कीर्ति के लिए शुभ संकेत है। आपका रसोईघर और टॉयलेट इस दिशा में हो तो सबसे बेहतर। यह दिशा सौर ऊर्जा की विपरित की दिशा हैं अतः इसे ज्यादा से ज्यादा बंद रखना चाहिए।
पश्चिम दिशा की जमीन का ऊँचा होना आपकी सफलता व कीर्ति के लिए शुभ संकेत है। आपका रसोईघर और टॉयलेट इस दिशा में हो तो सबसे बेहतर। यह दिशा सौर ऊर्जा की विपरित की दिशा हैं अतः इसे ज्यादा से ज्यादा बंद रखना चाहिए।
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वास्तुशास्त्र में सभी 8 दिशाओं का महत्व
बालकनी की दिशा- उत्तर दिशा
उत्तर दिशा में घर का प्रवेश द्वार होना बहुद शुभ और लाभकारी होता है। उत्तर दिशा में सबसे ज्यादा खिड़की और दरवाजे होने चाहिए। घर की बालकनी व वॉश बेसिन भी इसी दिशा में होना चाहिए। इस दिशा में वास्तुदोष होने पर धन की हानि व करियर में बाधाएँ आती हैं।
उत्तर दिशा में घर का प्रवेश द्वार होना बहुद शुभ और लाभकारी होता है। उत्तर दिशा में सबसे ज्यादा खिड़की और दरवाजे होने चाहिए। घर की बालकनी व वॉश बेसिन भी इसी दिशा में होना चाहिए। इस दिशा में वास्तुदोष होने पर धन की हानि व करियर में बाधाएँ आती हैं।