Shani Sade Sati 2021: इन तीन राशियों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती, दो पर ढैय्या, जानें प्रभाव और उपाय
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साल 2021 में शनि देव मकर राशि में विराजमान हैं और इस साल तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र राशि से जब शनि 12वें भाव, पहले भाव व द्वितीय भाव से निकलते हैं। उस अवधि को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। यह अवधि साढ़े सात वर्ष की होती है। शनि को न्याय के देवता और कर्मफलदाता के रूप में पूजा जाता है। जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है वह शनिदेव के द्वारा वैसा ही फल पाता है। वहीं इस साल दो राशियों पर शनि ढैय्या प्रभावी है। इस साल मिथुन और तुला राशि में शनि ढैय्या चल रही है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, जब गोचर में शनि किसी राशि से चतुर्थ व अष्टम भाव में होता है तो यह स्थिति ढैय्या कहलाती है।
धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती
धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। धनु राशि के जातकों के लिए यह शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण हैं। धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इस राशि में शनि की साढ़ेसाती से आर्थिक दृष्टि से अच्छा है। आपको करियर व रोजगार के क्षेत्र में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि सेहत की दृष्टि से आपको संभलकर रहना होगा। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें अन्यथा दुर्घटना में चोटिल हो सकते हैं।
उपाय: शनि साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए शमी के वृक्ष की जड़ को काले कपड़े में पिरोकर शनिवार की शाम दाहिने हाथ में बांधे तथा ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम: मंत्र का तीन माला जप करें।
मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती
मकर राशि में शनिदेव विराजमान हैं। इस राशि में शनि महाराज साल 2020 में आए थे और इस साल भी यह इसी राशि में विराजमान रहेंगे। मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण है। मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि महाराज हैं। कोई भी ग्रह अपनी राशि में मजबूत स्थिति में होता है। इसके प्रभाव से आपके लिए स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। जो भी आपके रूके हुए कार्य हैं वो समय से पूरे होंगे। करियर में बदलाव हो सकता है।
उपाय: शनि साढ़ेसाती से बचने के लिए शिव की उपासना एक सिद्ध उपाय है। नियमपूर्वक शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय जाता रहता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस उपाय से शनि द्वारा मिलने वाला नकारात्मक परिणाम समाप्त हो जाता है।
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। यह स्वयं शनि देव की राशि है। साढ़ेसाती के प्रभाव से कुंभ राशि के जातकों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिम्मेदारी के साथ-साथ आपका काम भी बढ़ जाएगा। काम के बोझ आपको परेशान कर सकता है। परंतु आपकी मेहनत रंग लाएगी। मेहनत से आप अच्छा धन अर्जित करेंगे। आपको विदेश अथवा दूर के स्थान से लाभ प्राप्ति के योग भी बनेंगे।
उपाय: शनिवार के दिन शनि महाराज को नीले रंग का अपराजिता फूल चढ़ाएं और काले रंग की बाती और तिल के तेल से दीप जलाएं। साथ ही शनिवार के दिन महाराज दशरथ का लिखा शनि स्तोत्र पढ़ें। शनिवार या अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर शनिदेव का ध्यान करें। फिर एक दीपक में सरसों का तेल डालकर जलाएं।