Sakat Chauth 2022 Moon Rising time: सकट चौथ पर न दिखे चंद्रमा तो जान लें क्या करें व्रती महिलाएं
Sakat Chauth 2022: शास्त्रों में इस बारे में बताया गया कि अगर किसी कारण से चांद के दर्शन होने में किसी तरह की परेशानियां आ रही हैं तो कुछ उपाय कर बिना चांद के दीदार किए ही उपवास पूरा कर सकती हैं। आइए जानते हैं क्या है वो उपाय-
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Sakat Chauth 2022 Moon Rising Time Today: आज सकट चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी, लंबोदर संकष्टी चतुर्थी, तिल चौथ, तिलकुटा चौथ और माघी चौथ के नाम प्रसिद्ध है। इसमें माताएं दिन भर निर्जला व्रत रखते हुए शाम के समय भगवान गणेश की पूजा उपासना करते हुए आखिरी में चंद्रमा के दर्शन करते हुए अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। सकट चौथ में मां अपनी संतान की लंबी आयु और समृद्धि की कामना करती हैं। वैसे तो इस व्रत को खोलने से पहले चंद्र दर्शन बेहद जरूरी है, लेकिन धुंध और बादल के चलते चांद के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं तो महिलाओं को अपने व्रत का पारण करने में दिक्कत हो सकती है। लेकिन सकट चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं बिना चांद के दर्शन ही व्रत का पारण कर सकती हैं। शास्त्रों में इस बारे में बताया गया कि अगर किसी कारण से चांद के दर्शन होने में किसी तरह की परेशानियां आ रही हैं तो कुछ उपाय कर बिना चांद के दीदार किए ही उपवास पूरा कर सकती हैं। आइए जानते हैं क्या है वो उपाय-
- चंद्रमा दिखाई न दे तो शुभ मुहूर्त में पूजन किया जा सकता है। इसके लिए चौकी सजाएं। उस पर लाल कपड़े के ऊपर चावल से चांद की आकृति बनाएं। ओम चतुर्थ चंद्राय नमः मंत्र का जाप कर चंद्रमा का आह्वान करने के बाद विधि-विधान से पूजन कर व्रत पूरा किया जा सकता है।
- अगर चांद ना दिखाई दे तो भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन कर सकते हैं। फिर चंद्रमा की पूजा करके क्षमा याचना करें।
- चंद्रोदय का सही समय जानकर करीबियों से पूछे की चांद किस तरफ निकलता है। उस दिशा में मुंह करके अपनी पूजा करें और चंद्र देव से क्षमा याचना करें।
- यदि हो सके तो जिस क्षेत्र में चंद्रमा दिखा है वहां से उसकी तस्वीर मँगवाकर उसके दर्शन कर महिलाएं व्रत खोल सकती हैं।
- यदि चांद न दिखे तो घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त कर व्रत तोड़ें।
- चांद के दर्शन न होने पर थाली में चावल लेकर उसे चांद का आकार देकर अर्घ्य दें।
- आप बड़े बुजुर्गों के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोल सकते हैं और साथ ही अगले चौथ पर चंद्र दर्शन का संकल्प अवश्य लें।