Shani Dev Vakri: जुलाई में शनिदेव होंगे वक्री,इन राशियों पर शुरू होगी ढैय्या
ज्योतिष के अनुसार जब शनि का राशि परिवर्तन होता है या फिर चाल बदलती है तो इसका सीधा प्रभाव सभी राशि के जातकों के ऊपर अवश्य ही पड़ता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Shani Dev Vakri 2022:5 जून 2022 को न्याय और कर्मफलदाता शनि ग्रह कुंभ राशि में वक्री हो गए हैं। ज्योतिष के अनुसार जब शनि का राशि परिवर्तन होता है या फिर चाल बदलती है तो इसका सीधा प्रभाव सभी राशि के जातकों के ऊपर अवश्य ही पड़ता है। शनि के कुंभ राशि में वक्री होने से पहले करीब ढाई वर्षो बाद 29 अप्रैल को इसी राशि में परिवर्तन हुआ था। शनिदेव के राशि परिवर्तन से किसी राशि पर साढ़ेसाती और ढैय्या लग जाती है तो वहीं किसी राशि को इनसे मुक्ति मिल जाती है। आइए जानते हैं शनि के वक्री होने पर कौन सी 2 राशियां है जिन पर ढैय्या का असर फिर से शुरू हो चुका है।
शनि का राशि परिवर्तन 2022
करीब ढाई साल की अपनी लंबी यात्रा को विराम देते हुए बीते 29 अप्रैल को शनिदेव अपनी स्वराशि कुंभ में प्रवेश किया था। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही धनु राशि के जातकों के ऊपर से शनि की साढ़ेसाती खत्म हो गई थी। ऐसे में मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती के अलग-अलग चरण शुरू हो चुके हैं। वहीं मिथुन और तुला वालों को ढैय्या से मुक्ति मिल गई है,जबकि कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर ढैय्या शुरू हो गई है। हालांकि जुलाई के महीने में शनि के वक्री होते ही इन राशियों से शनि की ढैय्या खत्म हो जाएगी। जिन जातकों की कुंडली में शनि शुभ रहते हैं उन्हें हमेशा अच्छा फल देते हैं। लेकिन जिन जातकों की कुंडली में शनि अशुभ होते है ऐसे जातकों को बीमारियां और परेशानियां देते हैं।
जुलाई में इन राशियों पर शुरू होगी ढैय्या
12 जुलाई से शनि जब वक्री होंगे तब दोबारा से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर राशि में शनि के प्रवेश करने के बाद फिर से मिथुन और तुला राशि वालों पर ढैय्या शुरू होगी।