ज्योतिष गणना 2020: रोजगार से लेकर पड़ोसी देशों से संबंध तक, कुछ ऐसा रहेगा देश के लिए नया साल
नया वर्ष 2020 स्वागत के लिए दरवाजे पर खड़ा है। 2019 की यादें बड़ी कड़वी रहीं, भारतवर्ष ने अनेकों उतार-चढ़ाव और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया। कृषक वर्ग ने भी अपनी मेहनत से कमाई गई फसलों की तबाही का दृश्य देखा। उद्योग जगत को भी आर्थिक मंदी के कारण नौकरियों में छंटनी करनी पड़ी। जिसने बेरोजगार युवकों को पटरी पर ला खड़ा किया। यद्यपि यह सारा खेल ग्रहों का ही होता है किंतु लौकिक दृष्टि से हम इसे सरकार की योजनाओं एवं उनकी सफलता-विफलता से जोड़कर देखते हैं। नएवर्ष का भी यक्षप्रश्न यही रहने वाला है कि, क्या बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी में कमी आएगी.? क्या रोजगार के और अवसर उपलब्ध हो पाएंगे.? कहीं व्यापारिक मंदी का असर तो नहीं खींचेगा.? आदि, ऐसे तमाम सवाल अपने आप मुह फैलाए खड़े हैं, ग्रहों की दृष्टि से भारतवर्ष के गणतंत्र दिवस की जन्म कुंडली के अनुसार के अनुसार जनता से संबंधित प्रश्नों का ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जवाब मिल सकता है।
साल 2020 भारत की कुंडली का विश्लेषण
- वर्तमान समय में 71वें गणतंत्र दिवस की वर्षलग्न की कुंडली कुंभ लग्न की बन रही है और मुन्था बारहवें भाव में बैठी है। वर्ष कुंडली के लग्न में ही शुक्र और चंद्र बैठे हैं। राहु पंचम भाव में उच्चराशिगत और मंगल दशम भाव अपनी ही राशि बृश्चिक में बैठे हैं जिससे रुचक जैसे महान योग का निर्माण हो रहा है। जबकि गुरु स्वग्रही होकर केतु के साथ एकादश भाव में बैठे हैं, बुध, सूर्य, शनि द्वादश बारहवें भाव में बैठे हैं।
- गणतंत्र दिवस की कुंडली में अन्य कई बड़े बड़े महान योगों का निर्माण हो रहा है, जिसमें मंगल का रूचक योग बनाकर दशम कर्म भाव में बैठना भारतवर्ष के लिए उत्तम है ही ये देश की जनता के लिए भी वरदान की तरह है शासन सत्ता का प्रभुत्व बरकरार रहेगा और उन्हें कठोर निर्णय लेने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी आने वाले समय में भारत के रक्षा बजट में भारी वृद्धि हो सकती है।वर्ष लग्न के स्वामी शनिदेव 12वें हानि भाव में बैठे हैं किंतु सूर्य के साथ होने से वह तेज हीन हो गए हैं फिर भी देश को गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना है किंतु कोई बड़ा खतरा नहीं है।
भारतीय जनता के लिए साल 2020 कैसा
- कुंभ लग्न की कुंडली में ही राजयोग कारक शुक्र विराजमान हैं जो समृद्धि विलासिता पूर्ण जीवन, सृजन एवं सुख-सौभाग्य के स्वामी हैं जिसके फलस्वरूप भारतवर्ष की जनता अपने श्रम शक्ति के प्रभाव से रोजगार के और अवसर उत्पन्न करने में पूर्णतः सफल रहेगी एवं दूसरों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने लायक हो जाएगी, आप ऐसा कह सकते हैं कि वर्ष 2020 में नौकरियों के अवसर अधिक से अधिक मिलने वाले हैं।
- कुंडली में ही लाभ भाव में अपनी ही राशि में विराजमान वृहस्पति जो गणतंत्र दिवस की कुंडली के धन भाव के भी स्वामी हैं इनके प्रभाव के फलस्वरूप भारत का एवं भारत की जनता का आर्थिक पक्ष बहुत मजबूत होने वाला है।विदेशी मुद्रा भंडार में भी भारी वृद्धि होगी यद्यपि वर्ष लग्न की मुंथा व्यय भाव में बैठी हुई है जिसके प्रभाव स्वरूप आय और व्यय का मामला कमोवेश बराबर ही रहेगा, अतः जनमानस को चाहिए कि अपव्यय से बचने के लिए अचल संपत्ति में क्रय करने का चिंतन करें।
वर्ष 2020 में रोजगार के अवसर
- मंगल बृहस्पति, शुक्र, राहू एवं केतु 2020 के रोजगार दिलाने वाले शिल्पकार हैं अतः, इनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में रोजगार के अत्यधिक अवसर उपलब्ध होंगे जिनमें सेना, पुलिस, फिल्म उद्योग, शिक्षा के क्षेत्र, बैंकिंग एवं बीमा के सेक्टर, ऑटो, स्टील, टेलीकॉम, एवियेशन, होटल्स, फार्मा, ई-कॉमर्स एवं भारी उद्योग के सेक्टर्स में रोजगार के सर्वाधिक अवसर उपलब्ध रहेंगे। प्रतियोगियों को चाहिए कि इन सेक्टर्स में नौकरी हेतु आवेदन के एक भी अवसर जाने ना दें।
साल 2020 में भारत के पड़ोसी देशों से संबंध
- 30 मार्च से 29 जून तक के मध्य गुरु अतिचारी होकर अपनी नीच राशि का मकर में विराजमान रहेंगे जो वर्ष लग्न की कुंडली का हानि भाव है अतः भारत को अपने पड़ोसी देशों की घुसपैठ एवं षड्यंत्रकारी योजनाओं से सावधान रहना पड़ेगा। सत्ता पक्ष एवं विपक्ष में कई मुद्दों पर अत्यधिक टकराव होगा किंतु कालांतर में इन सबमें कमी आ जाएगी।
नए वर्ष का सकारात्मक पहलू
- कुंडली का सर्वाधिक सुखद पहलू यह है कि सरकार की तरह तरह की योजनाओं एवं अन्य बड़े प्रतिष्ठानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने वाले हैं अतः हम ऐसा मान सकते हैं कि नए वर्ष में बेरोजगारी में कुछ कमी आएगी जो युवाओं के लिए वरदान सिद्ध होगी ।