Mangal Gochar 2025: मंगलदेव करेंगे तुला राशि में गोचर, जानिए मेष राशि पर प्रभाव
Mangal Gochar 2025: मंगल के तुला राशि में गोचर करने से मेष राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं।
विस्तार
भूमिपुत्र और युद्ध के देवता माने जाने वाले मंगल 13 सितंबर 2025 को रात 08 बजकर 18 मिनट पर तुला राशि में गोचर करने वाले हैं। आपको बता दें कि राशिचक्र में मंगल पहले और आठवें भाव से स्वामी होता हैं। यानी मंगल मेष और वृश्चिक राशि पर अपना स्वामित्व रखते हैं। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, उत्साह, पराक्रम, रक्त और युद्ध का कारक ग्रह होता है। जिन जातकों की कुंडली की में मंगल शुभ होते हैं ऐसा व्यक्ति बहुत ही पराक्रमी होता है। आइए जानते हैं मंगल के तुला राशि में गोचर करने से मेष राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।
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मंगल का तुला राशि में गोचर और मेष राशि पर प्रभाव
मंगलदेव मेष राशि के जातकों की कुंडली के पहले और आठवें भाव के स्वामी होते हैं। 13 सितंबर को मंगल का तुला राशि में गोचर आपके सप्तम भाव में होगा। कुंडली का सप्तम भाव जीवनसाथी और साझेदारी का होता है। ऐसे में मंगल का प्रभाव आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। मन में तरह-तरह की उलझनें और बेचैनी बढ़ सकती है। वाद-विवाद की स्थिति का निपटारा होने से आपके कामों में कई तरह की रुकावटों का सामना भी करना पड़ सकता है। जो लोग नौकरीपेशा है उनके लिए मंगल के गोचर का प्रतिकूल प्रभाव कार्यस्थल पर देखने को मिल सकता है। काम में दबाब रहेगा। ऐसे में जो लोग इस समय नौकरी में बदलाव के बारे में सोच रहे हैं उनको थोड़े दिन रुक जाना होगा। व्यापार में पार्टनर संग मतभेद पैदा हो सकते हैं। इस दौरान आपको आय और खर्चे में संतुलन बनाकर रखना होगा। स्वास्थ्य मामलों में आपको अपने जीवन साथी पर कुछ धन खर्च कर सकते हैं।
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ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को जहां राजा, चंद्रमा को रानी को मंगल को सेनापति का दर्जा प्राप्त है। मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम, ऊर्जा, भूमि, रक्त, भाई, युद्ध, सेना और भाई कारक होता है। मंगल को दो राशियों क स्वामित्व प्राप्त है। ये दो राशियां हैं मेष और वृश्चिक। राशिचक्र में इन्हें 1 और 8 अंक से दर्शाया जाता है। मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं जबकि कर्क राशि में ये नीच के हो जाते हैं। मंगलदेव को मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी माना गया है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल अच्छे होते हैं ऐसे जातक स्वभाव से निडर, साहसी, पराक्रमी होते है, वहीं जिन जातकों की कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में होते हैं जातक के जीवन में तरह-तरह की कठिनाईयां आती हैं।
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