Mamata Banerjee Horoscope : क्या कहते हैं सितारे, कायम रहेगा भरोसा या कम होगी जनता की ममता
सितारे नहीं दे रहे हैं शुभ संकेत
ममता जी का जन्म लग्न मकर राशि का है। मकर लग्न के अनुसार गोचर फल में देखा जाए, तो बारहवें घर का लग्न से गोचर का शनि हानिकारक होता है। एक तरह से लग्न राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव होता है। यदि जन्म समय के अनुसार जन्म चक्र की बात करें, तो जन्मपत्री में कन्या राशि का शनि और मंगल विद्यमान है। जन्मचक्र में शनि के स्थान से चतुर्थ गोचर में शनि की स्थिति अच्छी नहीं मानी जाती है और साथ ही साथ अप्रैल महीने में चुनाव के समय में बृहस्पति एवं शनि दोनों ही का धनु राशि में होना और फिर मई में बृहस्पति का वक्री होकर के वृश्चिक राशि में जाना, आगामी चुनाव में ममता बनर्जी के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
इस कारण कम होगा प्रभाव
हालांकि ममता जी की जन्म पत्री में भाग्य स्थान का शनि बहुत ही प्रबल अवस्था में है, जो हमेशा भाग्यशाली बनाए रखता है। इस कारण कितना भी खराब समय आ जाए, ऐसे लोगों की स्थिति बहुत ज्यादा खराब तो नहीं होती है। हालांकि इस वर्ष ममता जी की छवि पर बुरा असर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। साथ ही साथ ही राज्य में उनके प्रभाव में कमी आती हुई भी दिखाई दे रही है क्योंकि जन्मपत्री में कारक ग्रहों की क्षमता भी कमजोर हो रही है। साथ ही राहु की महादशा में मंगल की अंतर्दशा एक हानिकारक समय है, जो जुलाई 2018 से प्रारंभ होकर जुलाई 2019 तक रहेगा। इसके कारण छवि पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही साथ कानूनी विवाद और राजनीतिक विरोध का सामना भी करना पड़ता है।
यदि हम ममता जी के नवमांश चक्र से आकलन करने की कोशिश करें, तो भाग्य स्थान में शुक्र और मंगल की स्थिति एक मजबूत और शक्तिशाली महिला का रूप प्रस्तुत करता है। ममता बनर्जी हमेशा बहुत मजबूत दिखाई देती हैं, लेकिन 17 जनवरी 2016 से गुरु की दशा लगी है जो गुर की प्रबलता को दर्शाता है। चूंकि नवांश में भी गुरु एक अकारक ग्रह है और 6 मार्च 2019 तक गुरु में गुरु होने के कारण हानिकारक साबित हो रहा है। इस तरह देखें तो जुलाई 2016 के बाद से खराब गुरु की प्रबलता से पहले की अपेक्षा ममता जी का औरा थोड़ा कमजोर हुआ है। इसका असर न सिर्फ उनके राजनीतिक जीवन पर बल्कि उनकी सेहत पर दिख रहा है।
इसलिए विरोधी ज्यादा करेंगे परेशान
पिछले 2 सालों में ममता बनर्जी अपने विरोधियों से बहुत ज्यादा परेशान हुई हैं। फिलहाल ममता बनर्जी की इस वर्ष की वर्ष कुंडली मीन लग्न की है, जिसमें 10 वें घर में शनि, बुध व चंद्र एक साथ पाए जा रहे हैं और नौवें घर में बृहस्पति व शुक्र की स्थिति दिखाई दे रही है। नौवी राशि एक जलीय राशि है, जहां बृहस्पति कमजोर होता है और वहां शुक्र मजबूत होता है। मीन लग्न में शुक्र की प्रबलता अच्छी नहीं मानी जाती है और वर्ष कुंडली की नवांश की बात करें तो मकर लग्न का नवांश चक्र मे शुक्र का अष्टम में होना और बारहवें घर में बृहस्पति होना, विरोधियों की प्रबलता का सूचक है। जिसके कारण ममता जी को राजनीतिक रूप से पहले की अपेक्षा अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही कानूनी कठिनाईयों का भी सामना करना पड़ सकता है। ग्रहों की स्थिति बताती है कि आगामी लोकसभा चुनाव परिणाम भी उनके लिए अनुकूल नहीं होगा।