रहें सावधान, ऐसे स्त्री पुरुषों के होते हैं कईयों से संबंध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आए दिन अवैध संबंधों के कारण होने वाले अपराधों की खबर आप जरूर पढ़ते होंगे। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है।
दरअसल ऐसे घटनाएं तब घटती जब व्यक्ति अपने मन, भावना और बुद्घि पर नियंत्रण नहीं रख पाता है। इन हालातों में व्यक्ति अपनी मर्यादा का ध्यान नहीं रख पाता है और कामावेश में आकर कई लोगों से रिश्ता जोड़ने लगता है।
अगर इस तरह के लोगों को आप पहले से पहचान लें तो बाद में होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं। इसके लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा।
विवाहेत्तर और एक से अधिक संबंध
समुद्रशास्त्र में बताया गया है कि हथेली में विवाह रेखा और शुक्र रेखा से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन के विषय में जाना जा सकता है। लेकिन इनके अलावा भी कुछ ऐसी रेखाएं होती हैं जिनसे विवाह और विवाहेत्तर संबंधों के बारे में जाना जाता है।
व्यक्ति की बुद्घि और मानसिक क्षमताओं को बताने वाली हथेली में एक रेखा होती है जिसे मस्तिष्क रेखा कहते है।
व्यक्ति की बुद्घि भ्रमित होने पर ही वह जीवनसाथी के अलावा किसी और से या एक साथ कई लोगों से संबंध रखता है इसलिए मस्तिष्क रेखा को भी विवाहेत्तर और एक से अधिक संबंधों के लिए भी देखा जाता है।
ऐसी स्त्रियों के हो सकते हैं एक से अधिक संबंध
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिस व्यक्ति की हथेली में मस्तिष्क रेखा का उद्गम जीवन रेखा से हटकर होता है। यानी उद्गम पर दोनों रेखाएं नहीं मिली होती हैं वह खुले विचारों का व्यक्ति होता है।
यह अपनी मर्जी से चलने वाले होते हैं। ऐसे लोग किसी बात की परवाह नहीं करते। कार्यक्षेत्र में भी इन्हें अपने ऊपर दबाव पसंद नहीं होता है।
अगर किसी स्त्री की हथेली में ऐसी रेखा होती है तो कई पुरूष मित्र के साथ होते हैं इनके नजदीकी संबंध। ऐसी स्त्री परिवार एवं सामाजिक मर्यादाओं से हटकर काम करने वाली होती है।
यदि मस्तिष्क रेखा सीधी, स्पष्ट और निर्दोष हो तब व्यक्ति तुरंत निर्णय लेने वाला और बुद्घिमान होता है।
ऐसे पुरुषों के होते हैं कईयों से संबंध
जिस व्यक्ति की हथेली में मस्तिष्क रेखा निकलकर कोई शाखा गुरू पर्वत के अंत तक पहुंच जाता है वह व्यक्ति शालीन एवं सभ्य होता है। ऐसे व्यक्ति श्रेष्ठ कलाकर या साहित्यकार हो सकता है।
लेकिन जिनकी हथेली में मस्तिष्क रेखा बढ़कर हृदय रेखा का स्पर्श करती है वह व्यक्ति अपनी पत्नी के अलावा दूसरी स्त्रियों के साथ भी निकटता रखने वाले होते हैं। अपने ऐसे व्यवहार के कारण इन्हें बदनामी का भी सामना करना पड़ता है।
जिनकी हथेली मस्तिष्क रेखा सूर्य पर्वत यानी अनामिका उंगली की ओर मुड़ होती है वह बुद्घिमान होते हैं और उच्च पद पर विराजमान होते हैं।