फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   importance of pushya nakshatras in astrology

ज्योतिष: 14 जून को पुष्य नक्षत्र,जानिए इसका महत्व और इस नक्षत्र में क्या करें और क्या नहीं

Mon, 14 Jun 2021 04:34 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद, नई दिल्ली
अनीता जैन, वास्तुविद, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 14 Jun 2021 04:34 AM IST
सार

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुल 27 नक्षत्र होते हैं जिनमें से पुष्य नक्षत्र 8वां नक्षत्र होता है। वेदों और पुराणों में सभी 27 नक्षत्रों में 'पुष्य नक्षत्र' को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान राम का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ था।

विज्ञापन
importance of pushya nakshatras in astrology
पुष्य को नक्षत्रों का राजा भी कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुल 27 नक्षत्र होते हैं जिनमें से पुष्य नक्षत्र 8वां नक्षत्र होता है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुष्य को नक्षत्रों का राजा भी कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुल 27 नक्षत्र होते हैं जिनमें से पुष्य नक्षत्र 8वां नक्षत्र होता है। वेदों और पुराणों में सभी 27 नक्षत्रों में 'पुष्य नक्षत्र' को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान राम का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ था। यह नक्षत्र सभी अरिष्टों का नाशक और सर्वदिग्गामी है। विवाह को छोड़कर अन्य कोई भी कार्य आरंभ करना हो तो पुष्य नक्षत्र और इनमें श्रेष्ठ मुहूर्तों को ध्यान में रखकर किया जा सकता है। इसके साथ ही खरीदारी, निवेश और बड़े व्यापारिक लेन-देन इस नक्षत्र में करना शुभ माना गया है। नारदपुराण के अनुसार इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति महान कर्म करने वाला, बलवान, कृपालु, धार्मिक, धनी, विविध कलाओं का ज्ञाता, दयालु और सत्यवादी होता है। 
विज्ञापन


इस नक्षत्र में शुरू किए गए सभी कार्य पुष्टि दायक, सर्वार्थसिद्ध होते हैं व निश्चय ही फलीभूत होते हैं। आरंभ काल से ही इस नक्षत्र में किये गये सभी कर्म शुभफलदाई कहे गये हैं, किन्तु माँ पार्वती विवाह के समय इस नक्षत्र को शिव से मिले श्राप के परिणामस्वरुप पाणिग्रहण संस्कार के लिए वर्जित माना गया है। इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनि है। शनि के प्रभाव से इस नक्षत्र का स्वभाव स्थायी या लंबे समय तक रहता है। इसलिए पुष्य नक्षत्र में खरीदी हुई वस्तु शनि के प्रभाव के कारण स्थाई रूप से बनी रहती है।
विज्ञापन

  
गाय के थन है इसका प्रतीक
ऋग्वेद में पुष्य को तिष्य अर्थात शुभ मांगलिक तारा कहते हैं। गाय को वैदिक काल से ही अति पूज्यनीय माना जाता है तथा गाय के दूध की तुलना वैदिक संस्कृति में अमृत के साथ की जाती थी। मान्यता के अनुसार गाय के थन को पुष्य नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह माना गया है तथा ये प्रतीक चिन्ह भी हमें पुष्य नक्षत्र के स्वभाव के बारे में बहुत कुछ समझाता है। पुष्य नक्षत्र गाय के थन से निकले ताजे दूध जैसा पोषणकारी, लाभप्रद व देह और मन को प्रसन्नता देने वाला होता है। इसलिए ऋग्वेद में पुष्य नक्षत्र को मंगल कर्ता, वृद्धि कर्ता और सुख समृद्धि देने वाला भी कहा गया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या करना होता है शुभ
पुष्य नक्षत्र खरीदारी करने के लिए बहुत अच्छा माना गया है। पुष्य नक्षत्र में किए गए काम जल्दी ही सफल हो जाते हैं। पुष्य नक्षत्र में प्रॉपर्टी, वाहन जैसी चीजों की खरीदारी करना शुभ माना गया है इसके अलावा इस दिन मंदिर निर्माण, घर निर्माण आदि काम भी प्रारंभ करना शुभ हैं। पुष्य नक्षत्र में यदि आप किसी कंपनी के शेयर में निवेश करना चाहते हैं तो यह भी फायदेमंद हो सकता है। इस दिन सोना,चांदी, तांबा जैसी धातुओं की खरीदारी करने से सुख-समृद्धि और वैभव में वृद्धि होती है। वाहन, फर्नीचर, ज्वैलरी व अन्य घरेलू सामान की खरीदारी करना भी इस नक्षत्र में अति शुभ फलदायी होगा।


 इस दिन परिवार के भरण-पोषण में सहायक चीजों की खरीदारी भी की जा सकती है। दुकानदारों के लिए यह दिन बहुत लाभदायक रहता है। मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में बही-खाते खरीदने पर व्यापार में मुनाफा अधिक होता है और आपके ऊपर माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसी प्रकार इस नक्षत्र में दान करने पर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है एवं धन संबंधी समस्याओं का निदान होता है।इस नक्षत्र में शिल्प, चित्रकला और पुस्तक खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दिन से नए कार्यों की शुरुआत करें, जैसे ज्ञान या विद्या आरम्भ करना, कुछ नया सीखना, दुकान खोलना, लेखक हैं तो कुछ नया लिखना आदि।पुस्तकों का दान करना एवं विदेश यात्रा आरंभ करने के लिए भी यह दिन श्रेष्ठ होता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed