Chandra Grahan 2020: उपच्छाया चंद्र ग्रहण समाप्त, कल से पावन सावन माह की शुरुआत
Chandra Grahan 2020: साल का तीसरा चंद्र ग्रहण अब खत्म हो गया है। अब इसके बाद साल 2020 में दो और ग्रहण लगेंगे। एक सूर्य ग्रहण और दूसरा चंद्र ग्रहण। सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा जबकि चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को पड़ेगा। जून और जुलाई के महीने में कुल तीन ग्रहण लगे थे। 5 जून को चंद्र ग्रहण, 21 जून को सूर्य ग्रहण और 5 जुलाई को चंद्र ग्रहण। ग्रहण का ज्योतिष और खगोल शास्त्र दोनों में विशेष महत्व होता है। कल से पावन सावन माह की शुरुआत होने जा रही है।
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विस्तार
साल 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण आज
आज यानी, रविवार 5 जुलाई 2020 को साल का तीसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण 30 दिनों के अंतराल में तीसरा चंद्र ग्रहण है। इससे पहले 5 जून को चंद्र ग्रहण और 21 जून को सूर्य ग्रहण लगा था। यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। जिसे अमेरिका, युरोप, ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा, लेकिन यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। भारतीय समय के अनुसार यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण 5 जुलाई की सुबह 8 बजकर 38 मिनट से शुरू हो जाएगा और 11 बजकर 21 मिनट पर खत्म हो जाएगा। सुबह करीब 9 बजकर 59 मिनट पर ग्रहण चरम पर रहेगा।
उपच्छाया चंद्र ग्रहण
आज कितने बजे से शुरू होगा चंद्र ग्रहण
ग्रहण का ज्योतिषी कनेक्शन
इस चंद्र ग्रहण में सूतक का प्रभाव नहीं है
इस चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
चंद्र ग्रहण के शुरू होने में अब कुछ ही पल बाकी
पौने तीन घंटे तक रहेगा चंद्र ग्रहण
ग्रहण के दौरान सावधानियां
30 दिनों में यह तीसरा ग्रहण
कुछ ही देर बाद लगने वाला चंद्र ग्रहण
सामान्य चंद्र ग्रहण और उपच्छाया चंद्र ग्रहण में अंतर
इतने समय तक रहेगा ग्रहण
ग्रहण के समय करना चाहिए मंत्रों का जाप
कुछ ही देर में लगेगा चंद्र ग्रहण...
इस चंद्र ग्रहण में नहीं है किसी तरह की पाबंदी
चंद्र ग्रहण धनु राशि में होगा
भारत में नहीं दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण
इन देशों में देखा जा सकेगा ग्रहण
भारत में नहीं देखा जाएगा ग्रहण
इन देशों में चंद्र ग्रहण
इतनी देर तक रहेगा ग्रहण
पिछले महीने भी लगा था उपच्छाया चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण को देखने में विशेष सावधानी की आवश्यकता नहीं होती है
गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण
लगातार 3 सालों से गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है
5 जुलाई यानी आज चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो गई है। यह ग्रहण गुरु पूर्णिमा की तिथि पर लगा है। लगातार 3 सालों में गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसके पहले 2018 और 2019 में भी गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगा था। अब 5 जुलाई को साल का तीसरा ग्रहण लगने जा रहा है।
इन देशों में दिख रहा है ग्रहण
कितना प्रभावशाली होगा चंद्र ग्रहण
एक महीने में लगने वाला तीसरा ग्रहण
उपच्छाया चंद्र ग्रहण आज सुबह 8 बजकर 38 मिनट पर शुरू हुआ
उपच्छाया ग्रहण को वास्तविक चंद्रग्रहण नहीं माना जाता है
लाइव स्ट्रीमिंग से चंद्र ग्रहण देख सकते हैं
एक साल में अधिकतम तीन बार धरती की उपच्छाया से गुजरता है चंद्रमा
बोले ज्योतिषी, सतर्कता जरूरी
ग्रहण के अशुभ प्रभावों को नष्ट करने के लिए करें ये काम
कुछ समय बाद ग्रहण होगा चरम पर
एक महीने के भीतर यह तीसरा ग्रहण है
ग्रहण के बाद क्या करें
इन देशों में देखा जा रहा है ग्रहण
चंद्र ग्रहण के होते हैं तीन प्रकार
चंद्र ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं
विज्ञान जहां चंद्र ग्रहण को महज एक खगोली घटना मानता है। वहीं धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण को अशुभ घटना के रूप में देखा जाता है। इसलिए इस दौरान कई कार्यों को वर्जित माना गया है। खासकर शुभ कार्यों को। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं की जाती है और न ही देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श किया जाता है। मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। फिर ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया होती है।
पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है चंद्र ग्रहण
क्या ग्रहण को नग्न आंखों से देख सकते हैं?
वर्ष का चौथा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा इस दिन
चंद्र ग्रहण का मन पर पड़ता है सीधा प्रभाव
चौथा चंद्र ग्रहण कब?
कहां- कहां दिख रहा है ग्रहण
पौने तीन घंटे तक रहेगा चंद्र ग्रहण
गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण पर क्या करें
ग्रहण के अगले दिन से शुरू हो जाएगा सावन का महीना
सावन के महीने में विशेष संयोग
सावन के महीने का महत्व
सावन के महीने का बहुत अधिक महत्व होता है
श्रावण मास में निकलने वाली कांवर यात्रा पूरी तरह से स्थगित रहेगी
सावन के सोमवार में जलाभिषेक की अनुमति नहीं दी जाएगी
सोमवार को सावन का पहला दिन
इस बार 5 सावन सोमवार
कुछ ही देर में समाप्त होगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रग्रहण
चंद्र ग्रहण के साथ आज गुरु पूर्णिमा भी
गुरु पूर्णिमा का त्योहार
आज गुरु पूर्णिमा का त्योहार है। इस पर्व पर अपने गुरु के प्रति आस्था को प्रगट किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन विधिवत रूप से गुरु पूजन किया जाता है। इसको व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन को चारों वेदों के रचयिता और महाभारत जैसे महाकाव्य की रचना करने वाले वेद व्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
गुरु पूर्णिमा का महत्व
समाप्त होने वाला है ग्रहण
समाप्त हुआ चंद्र ग्रहण
अब साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा
अगला सूर्य ग्रहण कब लगेगा?
6 जुलाई से पवित्र सावन का महीना आरंभ होने जा रहा है
शास्त्रों में सोमवार का दिन
खास रहने वाला है सावन का महीना
सावन के महीने में सोमवार
सावन में शुभ योग
सावन की शिवरात्रि
गुरु पूर्णिमा के बाद श्रावण मास
पुराणों में संपूर्ण श्रावण मास को धर्मरूप कहा गया है
खास है सावन का महीना
5 सोमवार सहित 25 से ज्यादा शुभ योग बनने से यह महीना और भी खास रहेगा। शुरुआत छह जुलाई और समापन तीन अगस्त को होगा। इस बार सावन महीने में 11 सर्वार्थसिद्धि, 3 अमृतसिद्धि और 12 दिन रवियोग रहेंगे। इन शुभ योगों में की गई भगवान शिव की पूजा से विशेष फल मिलता है।